UP News: बिजली कटौती की शिकायत पर अधिकारी बोला- ‘बहनोई सांसद हैं’, मंत्री ने कार्रवाई कर दिया करारा जवाब
UP News: बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर उत्तर प्रदेश में एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने रविवार सुबह सख्त रुख अपनाते हुए बस्ती जिले के अधीक्षण अभियंता (SE) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
मामला सिर्फ बिजली कटौती का नहीं, बल्कि अधिकारियों के गैरजिम्मेदार रवैये और जवाबदेही के अभाव का है। एक ऑडियो क्लिप सामने आने के बाद विभाग की कार्यप्रणाली पर मंत्री ने सीधा निशाना साधा है।

सूत्रों के मुताबिक, बिजली न आने से परेशान एक उपभोक्ता ने जब SE से बात की, तो अधिकारी का लहजा न केवल असंवेदनशील था, बल्कि उन्होंने अपनी राजनीतिक जान-पहचान का भी खुलकर बखान किया।
वरिष्ठ नागरिक की शिकायत और SE की प्रतिक्रिया
इस बातचीत का ऑडियो एक पूर्व सांसद ने ऊर्जा मंत्री को भेजा, जिससे स्पष्ट हुआ कि अधिकारी उपभोक्ता की परेशानी को लेकर पूरी तरह उदासीन थे। शिकायत के जवाब में उन्होंने पहले कंट्रोल रूम से संपर्क करने की सलाह दी।
बात यहीं नहीं रुकी। अधिकारी ने खुद को सांसद रामजी लाल सुमन का रिश्तेदार और पूर्व सांसद राज बब्बर से भी संबंध बताया। इस रवैये को मंत्री ने न केवल अनुचित बताया, बल्कि इसे सत्ता के नाम पर रौब जमाने की कोशिश कहा।
मंत्री की नाराजगी और सख्त कदम
ऊर्जा मंत्री ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा कि बस्ती के SE प्रशांत सिंह को तत्काल निलंबित किया गया है। साथ ही सभी विद्युत अधिकारियों को उपभोक्ता समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने की चेतावनी दी गई है।
शर्मा ने यह भी दोहराया कि शिकायत निवारण प्रणाली तभी सफल होगी, जब तकनीक के साथ मानवीयता भी जुड़ी हो। उन्होंने विभाग को याद दिलाया कि 1912 हेल्पलाइन सिर्फ विकल्प है, समाधान नहीं।
विभागीय बैठक में गुमराह करने के आरोप
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि उन्होंने कुछ दिन पहले विभागीय बैठक में स्पष्ट किया था कि टोल फ्री नंबर के अलावा अधिकारी व्यक्तिगत रूप से भी शिकायतों पर ध्यान दें। लेकिन अधिकारियों ने उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया।
शर्मा का आरोप है कि बैठक के दौरान अधिकारियों ने उन्हें यह कहकर गुमराह किया कि 1912 पर शिकायत दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि हकीकत इससे अलग निकली। यही कारण है कि उन्होंने अब सीधा एक्शन लिया है।
WhatsApp संदेश ने खोला पूरा मामला
बस्ती के एक बड़े मोहल्ले में सुबह 10 बजे से बिजली नहीं थी। रात 8 बजे तक कोई अधिकारी फोन नहीं उठा रहा था। जब उपभोक्ता ने SE से संपर्क किया, तो व्यवहार में संवेदनशीलता के बजाय ठसक और उपेक्षा झलकी।
यह पूरी जानकारी एक वरिष्ठ नेता ने WhatsApp के ज़रिए ऊर्जा मंत्री को भेजी। मंत्री ने इस संदेश और ऑडियो को एक्स पर साझा कर जनता से खुद सच्चाई जानने की अपील की। उन्होंने कहा, "इससे अधिकारियों की सोच और संवेदनशीलता का स्तर पता चलता है।"
ऊर्जा मंत्री ने स्पष्ट किया कि ऐसे अधिकारी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अब कोई भी अधिकारी उपभोक्ता से दुर्व्यवहार करता है, तो विभागीय कार्रवाई तय है और वह भी तत्काल प्रभाव से।
शर्मा ने कहा कि 'उपभोक्ता देवो भव:' सिर्फ स्लोगन नहीं है, यह हमारी सेवा भावना की बुनियाद है। अगर किसी ने इसे हल्के में लिया, तो उन्हें विभाग में जगह नहीं मिलेगी।












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