UP News: राम मंदिर भूमि पूजन की तीसरी वर्षगांठ आज, CM योगी ने बताया सांस्कृतिक पुनर्जागण का प्रतीक
यूपी के अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण तेजी से चल रहा है। बताया जा रहा है कि अगले साल जनवरी तक मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। मंदिर के भूमि पूजन की आज तीसरी वर्षगांठ है।
Ram mandir in Ayodhya: उत्तर प्रदेश के अयोध्या में आज से ठीक तीन साल पहले राम मंदिर निर्माण का भूमि पूजन हुआ था। इस ऐतिहासिक समारोह में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ ही आरएसएस के प्रमुख मोहन भागवत भी शामिल हुए थे। पांच अगस्त को तीसरी वर्षगांठ के मौके पर सीएम योगी ने इस दिन को सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताते हुए शुभकामनाएं दी हैं।

सीएम योगी ने दी शुभकामनाएं
मुख्यमंत्री योगी ने अपने ट्वीट में कहा है कि,
राम ब्रह्म चिनमय अबिनासी।
सर्ब रहित सब उर पुर बासी।।
श्री अयोध्या जी में निर्माणाधीन प्रभु श्री राम के भव्य-दिव्य मंदिर के भूमि-पूजन की वर्षगांठ पर सभी प्रदेश वासियों और रामभक्तों को हार्दिक बधाई!
यह पावन दिन युगों-युगों तक सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक रहेगा।
जय श्री राम!
राम मंदिर भूमिपूजन की तीसरी वर्षगांठ आज
वहीं दूसरी ओर आज अयोध्या में राम मंदिर भूमिपूजन की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर रामलला के दरबार को फूलों से सजाया गया है। इस दौरान विधिवत पूजा अर्चना के साथ भोग लगाया जाएगा और प्रसाद का वितरण पूरे अयोध्या में घर घर किया जाएगा। इस दौरान कई कार्यक्रम भी रखे गए हैं जिसमें साधु संत शामिल होंगे।
अभी से बुक होने लगे अयोध्या में कमरे
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के अयोध्या में राम मंदिर के गर्भगृह में राम लला की मूर्ति प्रतिष्ठा समारोह से पांच महीने पहले, जनवरी 2024 में कार्यक्रम की संभावित तारीखों के लिए 4,000 से अधिक अयोध्या होटल के कमरे बुक किए गए हैं। होटल व्यवसायियों को उम्मीद है कि अयोध्या में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा देखने के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ेगी।
इन तिथियों पर हो सकता हे प्राण प्रतिष्ठा समारोह
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राम मंदिर ट्र्स्ट के महासचिव चंपत राय कहा है कि, 'राम जन्मभूमि में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह अगले साल जनवरी के तीसरे सप्ताह में होगा। प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के लिए जनवरी की तीन तारीखें- 21, 22 और 23 तय की गई हैं। हम इस समारोह के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निमंत्रण देंगे, जिसमें प्रमुख साधुओं के साथ-साथ अन्य गणमान्य लोग भी शामिल होंगे। '
प्राण प्रतिष्ठा समारोह की तैयारी अभी से शुरू
चंपत राय ने कहा, 'ट्रस्ट ने सभी प्रमुख संतों को अयोध्या के बड़े आश्रमों में ठहराने की योजना बनाई है।' ये 25,000 संत उन 10,000 'विशेष मेहमानों' से अलग होंगे जो राम जन्मभूमि परिसर के अंदर प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में शामिल होंगे। इस आयोजन को लेकर आरएसस की तरफ से पूरे देश में घर घर अभियान चलाया जाएगा।












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