UP: बेटी को शादी में दी कार बनी परिवार के जी का जंजाल, दंपति में लड़ाई के बाद लड़का पक्ष कटा रहा जमकर चालान
UP Challan Case: शादी का तोहफा एक परिवार के लिए सिरदर्द का कारण बन गया है। दंपत्ति के बीच संबंध खराब होने के बाद पति-पत्नी अलग हो गए लेकिन ससुराल वालों ने गिफ्ट में दी गई गाड़ी को लौटाने से मना कर दिया।
अब जब भी गाड़ी पर चालान लगाया जाता है, तो वे इसकी जिम्मेदारी लड़की के परिवार पर डाल देते हैं या इसे पूरी तरह से अनदेखा कर देते हैं। चूंकि गाड़ी लड़की के नाम पर पंजीकृत है, इसलिए जुर्माना उसी पर लगाया जाता है। लगातार कट रहे चालान से परिवार परेशान है।

क्या है पूरा मामला?
चिलुआताल थाना क्षेत्र निवासी एक व्यक्ति ने 4 साल पहले अपनी बेटी को शादी में गिफ्ट के तौर पर कार दी थी। कुछ समय बाद दोनों पति-पत्नी में अनबन शुरू हो गई और अब दोनों अलग रह रहे हैं। लेकिन लड़के वालों ने गिफ्ट में मिली कार वापस नहीं की है। गाड़ी लड़की के नाम पर रजिस्टर है इस वजह से चालान कटने पर पैसे भरने का नोटिस लड़की को आता है।
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अलग होने के बाद भी पति ने उपहार में मिली कार का इस्तेमाल जारी रखा और उसे अपने दोस्त को भी इस्तेमाल के लिए दिया। इस चक्कर में चार बार गाड़ी का चालान कट चुका है। चार बार में कुल 20,000 रुपये का जुर्माना गाड़ी पर लगाया गया है।
यह स्थिति दुल्हन के परिवार के लिए चिंता का विषय बन गई है क्योंकि उसके ससुराल वाले न तो कार लौटा रहे हैं और न ही जुर्माना चुका रहे हैं। पीड़िता ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।
चालान कटा तो पत्नी को भेजा पेपर
कैंट इलाके में एक और मामला सामने आया है, जहां एक परिवार ने छह साल पहले अपनी बेटी को शादी में बुलेट मोटरसाइकिल गिफ्ट की थी। प्रदूषण और अन्य मुद्दों के चलते उस पर 8,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। पति ने जुर्माने के ये कागजात अपनी पत्नी को भेजे, जिससे दोनों परिवारों के बीच पंचायत की बैठक में विवाद और बढ़ गया।
नहीं निकला कोई हल
दोनों परिआरों के बीच असहमति बनी हुई है। एक पक्ष का तर्क है कि वाहन के पंजीकृत मालिक को भुगतान करना चाहिए जबकि दूसरा इस बात पर जोर दे रहा है कि जुर्माना लगाने के लिए जिम्मेदार चालक को पैसे चुकाने चाहिए।
पुलिस थानों में ऐसे मामलों की संख्या बढ़ गई है। दहेज की तमाम शिकायतों के बीच इस तरह के मुद्दे अब नई मुसीबत बन गए हैं। अक्सर देखा जाता है कि शादी-विवाह में लड़की वाले अपनी बेटी के नाम पर वाहन रजिस्टर करा कर गिफ्ट करते हैं, कुछ लोग दामाद के नाम पर भी रजिस्ट्रेशन कराते हैं।
दंपति के बीच खटपट होने के बाद लड़की के नाम पर वाहन रजिस्टर होने पर लड़के वालों द्वारा चालान कटने पर भुगतान ना करने के मामले अक्सर सामने आ रहे हैं। इस तरह के मुद्दों का कोई हल भी नहीं निकल पा रहा है क्योंकि, कानूनी तौर पर जिस भी व्यक्ति के नाम पर वाहन का पंजीकरण होता है, उसे ही अपने वाहन पर लगने वाले जुर्माने का भुगतान करना होता है। इस कानून ने पारिवारिक रिश्तों और विवाह उपहारों से जुड़ी सांस्कृतिक प्रथाओं से जुड़ी पहले से ही नाजुक स्थिति को और भी जटिल बना दिया है।
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