UP BJP News: स्वामी प्रसाद के बयान पर यूपी में छिड़ा सियासी संग्राम, मायावती के बाद बीजेपी ने बोला हमला
यूपी में स्वामी प्रसाद मौर्य के बयान पर सियासी बवाल मचा हुआ है। भूपेंद्र ने कहा है कि स्वामी प्रसाद सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते रहते हैं।
UP News: उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वर्तमान में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव स्वामी प्रसाद मौर्य के उस बयान के बाद हंगामा मचा हुआ है जिसमें उन्होंने कहा था कि बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर पहले बौद्ध मंदिर थे। उनको तोड़कर हिन्दू मंदिर बनाया गया। मौर्य के इस बयान को लेकर बसपा की मुखिया मायावती के बाद अब बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने निशाना साधा है।

बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी ने अपने ट्वीट में लिखा है कि, स्वामी प्रसाद केंद्र में आने और सुर्खियों में बने रहने के लिए ऐसे बयान देते हैं। कोई भी उनके बयानों को गंभीरता से नहीं लेता... यह समाजवादी पार्टी का हिंदू विरोधी रुख है जो हमलावरों को उनके समर्थन में प्रतिबिंबित करता है...'',
#WATCH | Swami Prasad gives such statements to get centre stage and stay in the limelight. Nobody takes his statements seriously... It is Hindu opposition stance of Samajwadi party that reflects in their support to assailants...," UP BJP Chief Bhupendra Singh Chaudhary. pic.twitter.com/HGUoBsyj6O
— ANI (@ANI) July 31, 2023
बता दें कि सपा के राष्ट्रीय महासचिव मौर्य ने हाल ही में दावा किया था कि बद्रीनाथ, एक हिंदू तीर्थस्थल, 8वीं शताब्दी तक एक बौद्ध मठ था। सपा नेता ने यह भी कहा कि अधिकारियों को इस बात का सर्वेक्षण करना चाहिए कि जहां अब ज्ञानवापी मस्जिद है, वहां मंदिर से पहले क्या था। उन्होंने कहा था, "अगर सर्वेक्षण करना ही है तो मंदिर से पहले वहां क्या था इसका भी सर्वेक्षण होना चाहिए।"
स्वामी प्रसाद ने दिया था विवादित बयान
उन्होंने कहा, हिन्दू धर्म के सभी स्थान पहले बौद्ध मठ थे। बौद्ध मठों को तोड़कर मंदिर बनाए गए। मौर्य ने इस साल जनवरी में एक और विवाद खड़ा कर दिया था जब उन्होंने तुलसीदास के रामचरितमानस में कुछ छंदों को हटाने की मांग की थी। रामचरितमानस के संबंध में मौर्य ने दावा किया था कि ये श्लोक जाति के बारे में बात करते हैं और समाज के एक बड़े वर्ग का अपमान करते हैं।
ज्ञानवापी सर्वे के बाद से ही उठा है तूफान
ज्ञानवापी सर्वे मामले में गुरुवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। कोर्ट 3 अगस्त को फैसला सुनाएगी। तब तक ASI सर्वे पर रोक जारी रहेगी। वाराणसी की जिला अदालत ने हाल ही में भारतीय पुरातत्व विभाग (एएसआई) को वज़ू खाना को छोड़कर ज्ञानवापी मस्जिद परिसर का वैज्ञानिक सर्वेक्षण करने का आदेश दिया था।
मायावती ने साधा था निशाना
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने मौर्य से यह भी पूछा था कि जब वह भाजपा सरकार में मंत्री थे तब उन्होंने कभी ऐसी मांग क्यों नहीं उठाई। समाजवादी पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्य का ताज़ा बयान कि बद्रीनाथ सहित कई मंदिर बौद्ध मठों को तोड़कर बनाए गए थे और न केवल ज्ञानवापी मस्जिद बल्कि अन्य प्रमुख मंदिरों का भी आधुनिक सर्वेक्षण क्यों किया जाना चाहिए, एक विशुद्ध राजनीतिक बयान है।












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