यूपी: काउंसलिंग से चूकने पर हाईकोर्ट की शरण में गए अभ्यर्थियों को झटका, कोर्ट ने दिया ये फैसला
इलाहाबाद। यूपी की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उन अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका दिया है। जो किसी कारणवश काउंसलिंग में नहीं शामिल हो सके थे और अब हाईकोर्ट की शरण में जाकर खुद को मौका दिए जाने की मांग कर रहे थे। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कुल 121 याचिकाओं पर संयुक्त रुप से सुनवाई करते हुए अभ्यार्थियों को किसी भी तरह की राहत देने से इंकार कर दिया है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि काउंसलिंग की तिथि समाप्त होने के बाद अब फिर से किसी को काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल करने का मौका देना सही नहीं है और इसका कोई औचित्य भी नहीं बनता है। हालांकि हाईकोर्ट ने याचिकाओं को खारिज करने के बजाय सभी को विशेष अपील के साथ संबद्ध कर दिया है। इससे भविष्य में अभ्यर्थियों को जब हाईकोर्ट के आदेश के अनुरूप नियुक्तियां होगी तब कुछ लाभ मिलने की संभावना बनी हुई है।

क्या है मामला
उत्तर प्रदेश की 68500 सहायक अध्यापक भर्ती का रिजल्ट जारी होने के बाद जिन अभ्यर्थियों ने कटऑफ से अधिक अंक प्राप्त किए थे, उन्हें काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए आवेदन करने को कहा गया था। इस दौरान कुछ अभ्यार्थी काउंसलिंग प्रक्रिया में नहीं शामिल हो सके थे। जिनमे से 121 अभ्यार्थियों ने अब खुद को काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल होने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है और निजी कारण बताते हुए काउंसलिंग में ना शामिल हो पाने की दलील दी है। अभ्यार्थियो ने हाईकोर्ट से मांग की कि उन्हें काउंसलिंग प्रक्रिया में शामिल कर नौकरी दी जाए।
हाईकोर्ट में क्या हुआ
याचिकाओ पर न्यायमूर्ति डीके सिंह की कोर्ट में सुनवाई शुरू हुई तो याचियों की ओर से दी गई दलीलों को कोर्ट ने प्रभावशाली और और औचित्य पूर्ण नहीं माना। हाईकोर्ट ने याचिकाओ पर अपना रुख साफ करते हुये कहा कि काउंसलिंग की प्रक्रिया 4 सितंबर को समाप्त हो चुकी है और इसमें नियुक्तियां भी हो चुकी है। जबकि भर्ती मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन भी है । ऐसे में अभ्यर्थियों को अब काउंसलिंग में शामिल किए जाने का औचित्य नहीं उठता है । फिलहाल कोर्ट ने याचिकाओ को हाईकोर्ट में पहले से विचाराधीन विशेष अपील के साथ संबद्ध कर दिया है। जिससे इस भर्ती में होने वाली नियुक्तियां याचिका के निर्णय पर निर्भर करेंगी और भविष्य में अभ्यार्थियों को इससे लाभ मिल सकता है।
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