शाहजहांपुर: विरोध का अपनाया ये तरीका तो सब देने लगे साथ, महंगी शिक्षा पर नाराजगी की उदार तस्वीरें
सबसे पहले संजीव ने एक प्लेट लेकर बीच रोड पर राह चलते लोगों से भीख मांगी और साथ ही गरीबी को दर्शाते हुए रोड के किनारे बैठकर जूतों पर पॉलिश करने लगे।
शाहजहांपुर। यूपी में इंग्लिश मीडियम स्कूलों की मनमानी के चलते एक समाजसेवी ने अनोखा प्रदर्शन किया। इस समाजसेवी ने बीच सड़क पर लोगों से भीख मांगी साथ ही गाड़ी से जा रहे लोगों के जूते साफ करके पैसे मांगे और गाड़ियों के शीशे साफ किए। प्रदर्शन करने वाले समाजसेवी का कहना है की जिले में इंग्लिश मीडियम स्कूलों की कमी नहीं है। लेकिन उसके बाद इन स्कूलों में गरीबों के बच्चों को क्यों नहीं लिया जाता है। जबकि सरकार ने इंग्लिश मीडियम स्कूलों को 25 फीसदी गरीबों के बच्चों को एडमिशन देने के आदेश दिए है। तो इन आदेशों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही है। यही वजह है की इस तरह का प्रदर्शन करके की जरूरत पड़ रही है। भीख मांगने और जुते साफ करने में जितना पैसा उन्हें मिलेगा उस पैसे से वो गरीब बच्चों को किताबे दिलाएंगे।


दरअसल आज शिक्षा भी दो भागों में बट चुकी है। अब शिक्षा भी अमीरी-गरीबी देखकर दी जाती है। अगर अमीर घर का बच्चा है तो उसके लिए इंग्लिश मीडियम स्कूल बने हैं और अगर किसी गरीब घर के बच्चे के एडमीशन की बात आती है तो वो सोचता है की इंग्लिश मीडियम में अगर एडमिशन कराते हैं तो वहां की ज्यादा फीस होती है जो वो दे नही सकता। इंग्लिश मीडियम स्कूलों की शिक्षा महंगी होने के चलते गरीब अपने बच्चों को पढ़ाने के लिए सिर्फ सोच ही सकता है। लेकिन बाद में उसे सरकारी स्कूलों में ही दाखिला कराना पड़ता है। इसी महंगी और सस्ती शिक्षा को देखते हुए सदर बाजार के निशान टॉकीज के पास संजीव गुप्ता नाम के समाजसेवी ने इंग्लिश मीडियम स्कूलों के खिलाफ अनोखे अंदाज में प्रदर्शन करके अपनी नाराजगी जाहिर की।


सबसे पहले संजीव ने एक प्लेट लेकर बीच रोड पर राह चलते लोगों से भीख मांगी और साथ ही गरीबी को दर्शाते हुए रोड के किनारे बैठकर जूतों पर पॉलिश करने लगे। संजीव का ये उदाहरण गरीब की तरह से पैसे कमाकर अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने को दर्शाता है। लेकिन ये इंग्लिश मीडियम स्कूल वालों को सिर्फ पैसा चाहिए है। वो अवैध तरीके से फीस मनमानी ली जाती है किताबे पर प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे लिए जाने के बाद किताबे बेची जाती है। इस अनोखे प्रदर्शन को देखने के बाद वहां पर मौजूद लोगों ने इस समाजसेवी की हौसलाअफजाई की और मौजूद लोगों ने जुते साफ करने मे उसका साथ दिया।


समाजसेवी संजीव गुप्ता का कहना है कि वह आज बीच रोड पर इसलिए भीख मांग रहे लोगों के जुते साफ कर रहे हैं कि इंग्लिश मीडियम स्कूल वाले ये देखे कि गरीब भी अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा देना चाहता है। क्या उसका हक नहीं है कि वह इंग्लिश मीडियम सकूलो मे पङे। क्या उन स्कूलों मे सिर्फ अमीर घर के बच्चो का हक है। क्या गरीब बच्चो के लिए सिर्फ सरकारी स्कूल है जहां न तो सही से पङा होती है और न ही टीचरों की कुछ पता होता है। अब तो इंग्लिश मीडियम स्कूलों ने मनमानी शुरू कर दिया है। किताबों मे प्रिंट रेट से ज्यादा पैसे वसूले जा रहे हे। जरूरत गरीब नही दे सकता है यहां तक सरकार ने 25 पर्सेंट गरीब बच्चों को इंग्लिश मीडियम स्कूलों मे दाखिला दिया जाए। लेकिन इंग्लिश मीडियम स्कूल की मनमानी के चलते उनका धंधा फल फूल रहा है। और इस ओर सरकार भी कोई ध्यान नही दे रही है।












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