Sambhal Masjid Survey: संभल विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने क्या-क्या कहा, जानिए
Sambhal Violence: उत्तर प्रदेश के संभल में स्थिति काफी गरम है। संभल कोर्ट में जामा मस्जिद का सर्वे रिपोर्ट पेश की जानी थी, लेकिन कोर्ट कमिश्नर के अनुरोध पर सुनवाई को आगे बढ़ा दिया गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 8 जनवरी की तिथि निर्धारित की है।
केस से जुड़ी अपडेट यह है कि सांभल शाही जामा मस्जिद समिति ने सिविल कोर्ट के उस आदेश का विरोध किया है, जिसमें मस्जिद के सर्वे का निर्देश दिया गया था, ताकि यह सत्यापित किया जा सके कि क्या मस्जिद किसी मंदिर के अवशेषों पर बनी है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में बड़ा आदेश देते हुए कहा कि जब तक इलाहाबाद हाई कोर्ट का निर्देश नहीं आता, तब तक ट्रायल कोर्ट की प्रक्रिया पर रोक रहेगी।

मुख्य न्यायाधीश संजीव खन्ना और न्यायमूर्ति संजय कुमार की पीठ मस्जिद समिति की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें इस सर्वे आदेश को चुनौती दी गई थी। मस्जिद समिति का कहना है कि यह आदेश बिना सुनवाई के और जल्दबाजी में दिया गया था। कोर्ट को बताया गया कि यह मस्जिद मुग़लकालीन है और 1991 के पूजा स्थल कानून के तहत संरक्षित है। हिंदू पक्ष का दावा है कि यह मस्जिद 1526 में मुग़ल सम्राट बाबर ने हरिहर मंदिर को ध्वस्त करके बनाई थी।
सर्वे रिपोर्ट पर रोक और शांति बनाए रखने की चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश भी दिया कि सर्वे रिपोर्ट फिलहाल सार्वजनिक न की जाए और इसे सील बंद लिफाफे में रखा जाए। मुस्लिम पक्ष को यह भी अवसर दिया गया कि वह निचली अदालत के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दे सकते हैं। अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शांति बनाए रखने के प्रति अपनी चिंता जताई और सरकार को शांति बनाए रखने की जिम्मेदारी सौपी। मुस्लिम पक्ष को हाई कोर्ट में अपील करने की पूरी स्वतंत्रता दी गई है।
24 नवंबर की हिंसा में 4 की मौत, 31 गिरफ्तार
24 नवंबर को जब मस्जिद का सर्वे हो रहा था, तो हिंसा भड़क गई। प्रदर्शनकारियों ने सर्वे टीम पर पथराव किया और सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष किया। पुलिस ने आंसू गैस छोड़ी और हिंसा को नियंत्रित किया, लेकिन इस दौरान चार लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। पुलिस ने 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से तीन की गिरफ्तारी गुरुवार को हुई। अब तक पुलिस ने 100 से ज्यादा आरोपियों को चिन्हित किया है।
यह भी पढ़ें CG: छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग का विलय समाप्त, पद्मश्री विभूतियों के लिए बड़ी घोषणा












Click it and Unblock the Notifications