खुशखबरी: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से संबद्ध 11 कॉलेजों से अब पीएचडी कर सकेंगे छात्र

इलाहाबाद। पीएचडी करने के लिए कॉलेज की तलाश कर रहे विद्यार्थियों के लिए खुशखबरी है। इलाहाबाद केंद्रीय यूनिवर्सिटी ने 30 साल बाद महाविद्यालयों की मांग मान ली है और अब इलाहाबाद केंद्रीय यूनिवर्सिटी से संबद्ध 11 कॉलेजों में विद्यार्थी पीएचडी कर सकेंगे। विश्वविद्यालय की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में इस योजना को मंजूरी देते हुये नए सत्र से मानविकी से जुड़े विषयों में शोध की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। अब जो कॉलेज पीएचडी के लिए जरूरी मानक पूरे करेंगे वह आगामी शैक्षिक सत्र से शोध की सुविधा दे सकेंगे। मीडिया से जानकारी साझा करते हुये इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रो. रतन लाल हांगलू ने बताया कि प्रो. जगदम्बा सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी महाविद्यालयों में शोध के लिए जरूरी सुविधा व संसाधन की रिपोर्ट तैयार करेगी। उसके बाद पीएचडी कराने की सुविधा शुरू हो जाएगी।

students can do P.hd from 11 colleges affiliated to allahabad university

30 साल बाद पूरी हुई मुराद
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के संघटक महाविद्यालयों में लगभग तीस साल से पीएचडी की मांग की जा रही थी, लेकिन न तो महाविद्यालय पीजी की सुविधा बहाल हो सकी और न ही शोध की। हालांकि पिछले साल एकेडमिक काउंसिल की बैठक में महाविद्यालयों को पीजी पाठ्यक्रम शुरू करने का अधिकार दिया गया था, लेकिन पीएचडी का क्रम लटका हुआ था। फिलहाल 30 साल बाद पर्याप्त संसाधन व सुविधा वाले महाविद्यालय अब अपने यहां शोध कार्य करा सकेंगे।

मानक पूरा करने पर ही करा सकेंगे पीएचडी
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के 11 संघटक महाविद्यालयों में वही महाविद्यालय पीएचडी करा सकेंगे जिनके पास यूजीसी के नियमों के अनुसार पर्याप्त संसाधन व सुविधा होंगी। यानी शोध के लिये मूलभूत सुविधा रखने वाले महाविद्यालय को ही शोध कराने की सुविधा दी जाएगी।

शोधार्थियों के लिए खुशी की बात
फिलहाल अब प्रो. जगदंबा सिंह की अध्यक्षता वाली कमेटी महाविद्यालयों में इंफ्रास्ट्रक्चर, सुविधाएं व संसाधनों का सम्यक परीक्षण करेगी और यूजीसी के अनुसार मानक पूरा करने वाले महाविद्यालयों को शोध कराने की सुविधा दी जाएगी। जाहिर है कि शिक्षा के क्षेत्र में यह बडा कदम साबित होने वाला है और इसका असर अब बड़े पैमाने पर देखने को मिलेगा। क्योंकि अभी तक इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के मुख्य कैंपस में ही पीएचडी की सुविधा थी। कम सीट आदि को लेकर शोध कार्य द्रुत गति से नहीं हो पा रहे थे, लेकिन अब इसमे बदलाव देखने को मिलेगा।

ये भी पढ़ें- VIDEO: क्या हुआ जब आंदोलन छोड़कर किसान करने लगे इस मनचले बुड्ढे की पिटाई

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+