VIDEO: दांत की तकलीफ पर किया गले का ऑपरेशन, लापरवाही ने ली मरीज की जान तो अधिकारी के कमरे में गए छुप

मरीज की मौत के बाद डॉक्टर जेएन तिवारी जाकर सीएमएस के कमरे में छुप गए और वहीं जिला अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी डॉक्टर को बचाने में जुटे रहे।

हरदोई। जिला अस्पताल में तैनात एक ईएनटी सर्जन की इलाज में लापरवाही का बड़ा मामला सामने आया है। गले के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत हो गई जिसको मरने के बाद जिला अस्पताल ने भर्ती कर रखा था। इस मामले में डॉक्टर अपनी लापरवाही छुपाने के लिए मृत को जिंदा बता रहे है लेकिन जब परिजनों को इस बात का पता चला तो उन्होंने अस्पताल में जमकर हंगामा किया।

दांत की तकलीफ पर किया गले का ऑपरेशन, लापरवाही ने ली मरीज की जान तो अधिकारी के कमरे में गए छुप

जहां एक तरफ प्रदेश सरकार करोड़ों रुपए खर्च कर सरकारी अस्पतालों को प्राइवेट अस्पतालों से बेहतर बनाने में जुटी हुई है वहीं जिला अस्पताल में पहुंचने वाले मरीजों को असुविधाओं के चलते जान तक गंवानी पड़ रही है। बावजूद इसके सरकारी अस्पताल में तैनात डॉक्टर बगैर पैसे के मरीजों को हाथ तक नहीं लगाते हैं और खुलेआम बाहर की दवा लिखते हैं। तो प्रशासन का कोई भी आला अधिकारी इन पर कार्रवाई करने के लिए अपने हाथ आगे नहीं बढ़ता है। जिस वजह से ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले मरीज दलालों के माध्यम से जमकर लूटे जाते हैं। डॉक्टर अपने पास ही दलालों को खुलेआम बैठाते हैं। जो मरीजों से इलाज के एवज में पैसे तय करते हैं।

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वहीं नाक-कान-गले के सर्जन ने एक मरीज के गले का ऑपरेशन किया जिसके कुछ देर बाद ही मरीज की मौत हो गई। मामला थाना कोतवाली शहर के पंडित रामदयाल त्रिवेदी जिला अस्पताल का है। जहां पर पिहानी थाना क्षेत्र के गांव इस्तिया से इलाज कराने छोटेलाल (67) को उसके दामाद और बेटी लाए थे। उसके दांत में कुछ दिक्कत थी। उन्होंने जिला अस्पताल में तैनात डॉक्टर जेएन तिवारी को दिखाया। जिसके बाद डॉक्टर ने मरीज के परिजनों से 5,000 रुपए जमा करा लिए और मरीज को लेकर ऑपरेशन के लिए चले गए।

VIDEO: दांत की तकलीफ पर किया गले का ऑपरेशन, लापरवाही ने ली मरीज की जान तो अधिकारी के कमरे में गए छुप

देखिए VIDEO...

आरोप है कि डॉक्टर ने ऑपरेशन किया और उसके कुछ देर बाद मरीज छोटेलाल की मौत हो गई। मौत की सूचना जैसे ही परिजनों को मिली तो परिजनों ने अस्पताल में हंगामा मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद डॉक्टर जेएन तिवारी जाकर सीएमएस के कमरे में छुप गए और वहीं जिला अस्पताल के अधिकारी और कर्मचारी डॉक्टर को बचाने में जुटे रहे। जिसके बाद मृतक के परिजनों ने जिला अस्पताल के गेट पर शव को रखकर जाम लगाने का प्रयास भी किया। इस बात की सूचना जैसे ही कोतवाली पुलिस को मिली तो शहर कोतवाल कमलेश पांडे मौके पर पहुंच गए और मृतक के परिजनों को समझाने में जुट गए। मौत की वजह जानने के लिए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। बताया गया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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