Ram Mandir in Ayodhya: अमित शाह के बाद मंदिर निर्माण को लेकर ट्रस्ट ने दिए बड़े संकेत, जानिए चुनावी कनेक्शन
Ram Mandir in Ayodhya: राम मंदिर के अंदर रामलला की मूर्ति की स्थापना को लेकर अभी कोई तय तिथि निश्चित नहीं हुई है लेकिन ट्रस्ट की तरफ से भी संकेत मिल रहे हैं कि 2024 मकर संक्राति का दिन इसके लिए शुभ हो सकता है।

Ram Mandir in Ayodhya: उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण तेजी से चल रहा है। मंदिर का निर्माण इसलिए भी काफी अहम है क्योंकि 2024 में देश में आम चुनाव होने हैं और राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो मंदिर के समम्बंध में जो भी घटित होगा उसका असर 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव पर पड़ेगा। राम मंदिर को लेकर गुरुवार को अमित शाह ने त्रिपुरा की एक रैली में कहा था कि एक जनवरी को राम मंदिर निर्माण पूरा हो जाएगा। हालांकि मंदिर के अंदर रामलला की मूर्ति की स्थापना को लेकर अभी कोई तय तिथि निश्चित नहीं हुई है लेकिन ट्रस्ट की तरफ से भी संकेत मिल रहे हैं कि 2024 मकर संक्राति का दिन इसके लिए शुभ हो सकता है।

मकर संक्रांति के दिन शुभ मुहुर्त में हो सकती है रामलला की स्थापना
राम मंदिर के भव्य उद्घाटन के लिए अयोध्या में समारोह दिसंबर में शुरू होगा और 14 या 15 जनवरी, 2024 को मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर मंदिर के गर्भगृह में राम लला की मूर्ति की स्थापना के साथ समाप्त होगा। दरसअल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 5 अगस्त, 2020 को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन की अध्यक्षता की थी। वर्तमान में, राम जन्मभूमि पर एक पूर्व-निर्मित मंदिर में राम लला की पूजा की जा रही है, जिसे राम मंदिर निर्माण शुरू होने से पहले वहां स्थापित किया गया था।

पहले 31 दिसंबर तय थी मंदिर की डेडलाइन
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने राम मंदिर को श्रद्धालुओं के लिए खोलने के लिए 31 दिसंबर की समय सीमा तय की थी। लेकिन ट्रस्ट के मुताबिक दिसंबर में मूर्ति स्थापना के लिए कोई शुभ दिन नहीं हैं। ट्रस्ट ने कहा कि हिंदू कैलेंडर के अनुसार, अनुष्ठान केवल मकर संक्रांति (2024 में) से हो सकते हैं, जब सूर्य दक्षिणी गोलार्ध से उत्तरी गोलार्ध में चला जाता है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा कि राम लला की मूर्ति की स्थापना के लिए मकर संक्रांति सबसे शुभ दिन हो सकता है।
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अमित शाह ने बताई थी मंदिर के निर्माण की तारीख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को त्रिपुरा के सबरूम में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था, 'राहुल बाबा, ध्यान से सुन लीजिए कि 1 जनवरी, 2024 को एक विशाल राम मंदिर बनकर तैयार हो जाएगा। ट्रस्ट ने हमेशा कहा है कि राम मंदिर का निर्माण कार्य दिसंबर 2023 तक पूरा हो जाएगा और भव्य समारोह (दिसंबर में ही) शुरू हो जाएंगे जो जनवरी 2024 में मकर संक्रांति तक जारी रहेंगे। हालांकि राजनीतिक विश्लेषक और काशी विद्यापीठ में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर रहे अमित कुमार पांडेय कहते हैं, " ये तो तय है कि मंदिर निर्माण जब भी पूरा होगा तो उसका माइलेज लेने की कोशिश बीजेपी जरूर करेगी। अब तिथियों को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं उसके लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। 2024 में चूंकि आम चुनाव भी हैं तो इसका असर पड़ना तय है।"

पहले दिसंबर 2023 में होना था राम मंदिर का उद्घाटन
हालांकि इससे पहले ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने कहा था कि दिसंबर 2023 के अंत में राम मंदिर का उद्घाटन किया जाएगा, लेकिन इसकी तारीख तय नहीं की जा रही है। दिसंबर के अंत में सूर्य दक्षिण में रहेगा। खरमास यथावत रहेगा इसलिए खरमास में राम मंदिर का उद्घाटन उचित नहीं होगा। इसलिए हमें सूर्य के उत्तर की ओर मुड़ने का इंतजार करना होगा। मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण होगा। ऐसे में मकर संक्रांति 2024 पर गर्भगृह में रामलला को सुलभ कराने और श्रद्धालुओं को दर्शन कराने की तैयारी की जा रही है।

2024 में मंदिर के उद्घाटन का चुनावी कनेक्शन
राम मंदिर के उदघाटन की तिथि अचानक बढ़ाए जाने के पीछे राजनीतिक पंडित अपने निहितार्थ निकाल रहे हैं। पंडितों का कहना है कि 2024 में ही देश में आम चुनाव होने हैं और राम मंदिर निर्माण बीजेपी और संघ का हमेशा एक बड़ा एजेंडा रहा है इसलिए इसके पीछे सोची समझी रणनीति हो सकती है। वरिष्ठ पत्रकार कुमार पंकज की माने तो आम चुनाव के नजदीक इसका उद़घाटन कराकर बीजेपी इसका लाभ ले सकती है। चूंकि राम मंदिर निर्माण हमेशा से संघ के एंजेडे में शामिल रहा है इसलिए इसका इस्तेमाल चुनावी लाभ के लिए भी निश्चिततौर पर किया जाएगा।












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