भ्रष्टाचार के आरोपों को राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने किया खारिज, कहा- सौदे में पूरी तरह पारदर्शिता रखी गई
अयोध्या, जून 15। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए खरीदी गई जमीन में कथित तौर पर भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अपनी सफाई पेश की है। ट्रस्ट की तरफ से मंगलवार को एक बयान जारी किया गया, जिसमें जमीन खरीद के सौदे से संबंधित सभी विवरण की जानकारी दी गई। ट्रस्ट ने अपने उपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और कहा है कि ये मंदिर के निर्माण में अड़चन पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
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सभी वित्तीय लेनदेन बैंक के जरिए किए गए- ट्रस्ट
राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अपने बयान में कहा कि सौदे में नौ व्यक्ति शामिल थे और समझौते को पारदर्शी तरीके से पूरा करने के लिए उनकी सहमति से बातचीत की गई। ट्रस्ट ने कहा है कि हमने जमीन की डील को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने के लिए सभी वित्तीय लेनदेन को बैंक के माध्यम से किया है।
पिछले सभी समझौतों को किया गया है क्लियर- ट्रस्ट
ट्रस्ट की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है, "सबसे पहले न्यास इस जमीन को खरीदने के इच्छुक थे, लेकिन पहले सभी पिछले समझौतों को फाइनल करना चाहते थे ताकि ऑनरशिप को लेकर रास्ता एकदम साफ हो जाए। इस डील में पिछले 10 साल से करीब 9 लोग शामिल थे, इन 9 लोगों में 3 मुस्लिम हैं...सभी 9 लोगों से संपर्क किया गया, बातचीत की गई। उनकी सहमति मिलने पर, वे सभी आए और अपने पिछले समझौतों को तय करने के लिए एक साथ बैठ गए।" ट्रस्ट ने कहा है कि पिछले सभी मालिकों के साथ इस समझौते को पारदर्शी रूप दिया गया है।
वास्तविक दरों से कम में खरीदी गई है जमीन- ट्रस्ट
ट्रस्ट ने कहा है कि बाग बिजेसी में जिस जमीन को लेकर विवाद हो रहा है वह बहुत प्राइम लोकेशन है। भविष्य में यहां से चार लेने की सड़क मंदिर की ओर निकलेगी। यह जमीन 1.2080 हेक्टेयर है। इसे 1423 रुपये पर स्कॉयर फीट पर खरीदा गया है जो अयोध्या में इस इलाके के जमीन की वास्तविक दरों से बहुत कम है।












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