Raja Raghuwanshi Indore: शिलांग से गायब Sonam गाजीपुर में मिली, ढाबे वाले से किसे मिलवाई थी पहला फोन?
Raja Raghuwanshi Indore: इंदौर के राजा और सोनम की हनीमून की कहानी अब मेघालय से होते हुए उत्तर प्रदेश के गाजीपुर तक पहुंच गई। 23 मई को शिलांग में रहस्यमय ढंग से गायब हुई थी। पति का शव खाई में मिला, लेकिन सोनम कहीं नहीं मिली थी।
अब 17 दिन बाद सोनम गाजीपुर के नंदगंज इलाके में रात में एक ढाबे पर मिलती है। लेकिन उसकी बरामदगी जितनी राहत देने वाली है, उससे कहीं ज्यादा सवाल खड़े करने वाली भी। आखिर वह वहां तक पहुंची कैसे? और सबसे पहले उसने किसे फोन किया?

इस बारे में ढाबा चलाने वाले साहिल यादव ने बातचीत के दौरान बताया कि सोनम रात 1 बजे रोते हुए उनके ढाबे पर आई थी। वह घबराई हुई थी और बार-बार कह रही थी कि भइया, घर फोन करना है। साहिल ने अपना फोन दिया और सोनम ने घर कॉल किया।
साहिल द्वारा संभावना जताई जा रही है कि अपने परिवार में सबसे पहले सोनम ने अपने भाई से बातचीत की थी। उसके बाद उसके परिवार के अन्य सदस्यों से बातचीत की। बातचीत के दौरान ही वह संदिग्ध प्रतीत हो रही थी।
साहिल ने यह भी बताया कि उसकी हरकतें अजीब लग रही थी और ऐसे में किसी अनहोनी की आशंका को भापते हुए उसने इस मामले की सूचना पुलिस को दे दी। सूचना मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची और उसे अपने साथ लेकर चली गई।
पुलिस का कहना है कि बेहोश पड़ी थी सोनम
हालांकि इस बारे में गाजीपुर के पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा का कहना है कि पुलिस को सोनम ढाबे पर बेहोश मिली। गश्त के दौरान पुलिसकर्मियों की नजर उस पर पड़ी और पहचान के बाद पुष्टि हुई कि यही सोनम रघुवंशी है, जो शिलांग से लापता थी।
बरामदगी के बाद सोनम को गाजीपुर के सरकारी अस्पताल में चेकअप के लिए ले जाया गया। जांच के बाद उसे 'वन स्टॉप सेंटर' भेजा गया। यह वही 'सखी' केंद्र है जो महिलाओं को कानूनी, मानसिक और चिकित्सीय सहायता एक ही जगह देता है।
एसपी सिटी ने जानकारी दी कि पूछताछ के दौरान सोनम कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। पुलिस के कई सवालों पर भी वह खामोश बनी हुई है। मेघालय पुलिस को सूचना दे दी गई है और वे जल्द ही सोनम को लेने के लिए गाजीपुर पहुंच सकती है।
कैसे पहुंची सोनम ढाबे तक?
सबसे बड़ा सवाल यही है कि सोनम नंदगंज के उस ढाबे तक पहुंची कैसे? क्या वह पैदल आई या किसी वाहन से लिफ्ट ली? या फिर कोई उसे वहां छोड़ गया? ऐसे कई सवाल है जिनके जवाब अभी तक नहीं मिले हैं और सबकी निगाहें इसी पर टिकी हुई हैं।
राजा रघुवंशी की मिली थी लाश पत्नी थी लापता
राजा और सोनम 20 मई को हनीमून मनाने मेघालय गए थे। 23 मई को दोनों नोंग्रियाट गांव में देखे गए। इसके बाद वे गायब हो गए। राजा का शव 2 जून को वेईसावडॉन्ग झरने के पास एक खाई में मिला। हाथ पर बने टैटू से उसकी पहचान हुई थी।
पुलिस ने अब तक तीन हमलावरों को गिरफ्तार किया है। सोनम के खिलाफ अब तक कोई स्पष्ट आरोप नहीं लगा है, लेकिन उसकी चुप्पी और अचानक यूपी में मिलना, केस को नया मोड़ दे रहा है। अब सबकी निगाहें मेघालय पुलिस की पूछताछ पर टिकी हैं।
सवाल यह भी है कि क्या सोनम पूरे समय संपर्क में थी और किसी की मदद से वापस लौटी? या फिर वह भी किसी जाल में फंस चुकी थी? गाजीपुर में ढाबे पर पहुंचना और ढाबे वाले से फोन मांग कर घर वालों को फोन करना, पुलिस को सूचना मिलना और फिर अस्पताल से वन स्टॉप सेंटर तक की यात्रा, सबकुछ उलझा है।












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