दिल्ली में UP के सांसदों की बैठक में नहीं पहुंचे अजय मिश्र टेनी, जानिए मोदी ने क्या दिया चुनावी मंत्र
लखनऊ/ नई दिल्ली, 17 दिसंबर: उत्तर प्रदेश में चुनाव से पहले पीएम मोदी ने पूरी ताकत झोंक दी है। एक तरफ जहां वो यूपी में धुआंधार चुनावी कार्यक्रम कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर दिल्ली में भी यूपी के सांसदों को चुनावी मंत्र दे रहे हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को मोदी ने दिल्ली में यूपी के चालीस सांसदों की बैठक बुलाई थी जिसमें 36 सांसद ही बैठक में मौजूद रहे। मोदी ने दो ग्रुप में बांटकर सांसदों के साथ बैठक की। इसमें राज्यसभा और लोकसभा के सांसदों का अलग-अलग ग्रुप बनाया गया था। बैठक में मौजूद सूत्रों के मुताबिक मोदी ने साफ तौर पर सांसदों को चुनावी तैयारियों में जुट जाने की नसीहत दी। मोदी ने कहा कि संगठन और सरकार से उपर कोई भी नहीं है। हालांकि इस बैठक में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी नहीं पहुंचे थे।

दो चरणों में पीएम मोदी ने ली सांसदों की बैठक, टेनी नहीं पहुंचे
पीएम मोदी ने दिल्ली में सांसदों के साथ दो चरणों में बैठक में एक ग्रुप में लोकसभा सांसदों को रखा गया था जबकि दूसरे ग्रुप में राज्यसभा सांसद थे। चालीस सांसदों में 36 सांसद ही मौजूद थे। मोदी ने दो चरणों में सांसदों को बांटकर उनके साथ चुनावी चर्चा की। एक ग्रुप में 20 सांसद और दूसरे ग्रुप में 16 सांसद मौजूद थे। हालांकि सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में केंद्रीय गृहराज्य मंत्री ओर लखीमपुर खीरी से बीजेपी के सांसद अजय मिश्रा उर्फ टेनी नहीं पहुंचे थे। ऐसी अटकलें लगाईं जा रहीं थीं कि पिछले दिनों मीडिया के साथ दुर्व्यवहार करने वाले अजय मिश्रा टेनी बैठक में आ सकते हैं।
संगठन ओर सरकार से उपर कोई भी नहीं
पीएम मोदी ने सांसदों से साफतौर पर कहा कि संगठन और सरकार से उपर कोई नहीं हैं। इसलिए किसी भी तरह से विवाद की स्थिति पैदा नहीं होनी चाहिए। खासतौर से यूपी का चुनाव पार्टी के लिए बहुत अहम है। इसको ध्यान में रखकर ही कदम उठाएं। आपका हर एक कदम पार्टी के लिए होना चाहिए। मोदी ने कहा कि सभी को अनुशासन में रहकर पार्टी के लिए काम करना होगा। सरकार और संगठन जो दायित्व सौंपे उसे पूरी तन्मयता के साथ पूरा करिए। मोदी ने कुछ सांसदों से चुनाव को लेकर सुझाव भी मांगे।
विधानसभा चुनाव में जुटने की दी नसीहत
बैठक में पीएम ने कहा कि यूपी चुनाव पार्टी के लिए काफी मायने रखता है। केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं को लेकर जनता के बीच जाने की जरूरत है। अपने अपने संसदीय क्षेत्र में अभियान चलाकर घर-घर जाकर बीजेपी की नीतियों और सरकार के अच्छे कामकाज को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास करिए। विपक्ष अपनी तरफ से अफवाह फैलाने की पूरी कोशिश करेगा लेकिन उनके हर अफवाहों को काउंटर करने और लोगों के बीच सच बताने की जिम्मेदारी सांसदों की है। जनता के बीच ये संदेश जाना चाहिए कि राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर यूपी में जो काम किया है उससे यूपी की तस्वीर बदली है।

क्यों चर्चा में हैं अजय मिश्रा टेनी
दरअसल, उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में किसानों को जीप से रौंदकर मारने का मामला गुरुवार को एक बार फिर सदन में उठा था। इस केस में आरोपी गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी को हटाने जाने को लेकर विपक्षी सांसदों ने जमकर हंगामा किया था। लोकसभा में कांग्रेस के राहुल गांधी ने कहा था कि तमाम जांच में मंत्री की भूमिका सामने आ रही है, ऐसे में हम उनको पद से हटाने की मांग करते हैं। सदन के बाहर भी अजय टेनी को हटाने की मांग उठी है, प्रियंका गांधी ने उनको हटाने की मांग की है। वहीं यूपी में भी अखिलेश यादव ने भी टेनी को हटाने की मांग की है।
एसआईटी की रिपोर्ट आने के बाद मचा है हंगामा
लखीमपुर खीरी कांड के तीन महीने बाद एसआईटी की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। जांच टीम ने इसे हत्या की सोची समझी साजिश बताते हुए मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा समेत सभी आरोपियों पर कई संगीन धाराएं बढ़ा दी हैं। इसमें धारा 307, 326 और 34 शामिल है। इसके साथ ही एसआईटी ने बढ़ाई गई धाराओं में आरोपियों की रिमांड लेने के लिए कोर्ट में अर्जी दी है। इस अर्जी पर कोर्ट ने मंगलवार को आरोपियों को तलब किया है। एसआईटी ने विवेचना के दौरान यह भी पाया है कि आरोपियों पर धारा 304ए, 279और 338 का अपराध नहीं बनता है। एसआईटी ने मुकदमे से धारा 304ए, 338 और 279 को हटा दिया है।












Click it and Unblock the Notifications