UK Political Crisis: ब्रिटेन के PM पर लटकी इस्तीफे की तलवार, 81 सासंदों ने भी दिया इस्तीफा, आखिर हुआ क्या?
UK Political Crisis: ब्रिटेन से एक बड़ी खबर आ रही है, जिसके मुताबिक प्रधानमंत्री Keir Starmer पर अब इस्तीफा देने का दबाव काफी ज्यादा बन चुका है। बताया जा रहा है कि 70 से ज्यादा लेबर सांसदों ने उनसे पद छोड़ने की मांग की है और एक इसके लिए डेडलाइन तय करने को कहा है। दूसरी तरफ, स्टार्मर ने साफ तौर पर इस्तीफा देने से इनकार कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर लीडरशिप में बार-बार बदलाव हुआ तो देश में गंभीर राजनीतिक अराजकता फैल सकती है।
क्यों मांगा जा रहा स्टार्मर से इस्तीफा?
दरअसल ब्रिटेन के स्थानीय चुनावों में उनकी लेबर पार्टी का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा। जिसका ठीकरा सीधा कीर स्टार्मर के ऊपर फोड़ा जा रहा है। सीएनएन के मुताबिक, लेबर पार्टी को इंग्लैंड के परिषद चुनावों के साथ-साथ स्कॉटलैंड और वेल्स में भी बड़ा नुकसान हुआ है। इस चुनावी झटके में पार्टी ने 1,400 से अधिक काउंसिल सीटें खो दीं और वेल्श संसद पर भी उसका कंट्रोल खत्म हो गया। दूसरी तरफ, रिफॉर्म यूके और ग्रीन पार्टी जैसे विपक्षी दलों ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए अपनी स्थिति मजबूत की है। इस हार के बाद पार्टी के अंदर असंतोष और बढ़ गया है।

हार की जिम्मेदारी ली लेकिन इस्तीफा नहीं दिया
चुनाव नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए Keir Starmer ने हार की जिम्मेदारी तो स्वीकार की, लेकिन पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के समय लगातार बदलते नेताओं की वजह से देश में अराजकता जैसी स्थिति बनी थी। स्टार्मर ने आगे कहा कि अगर अब भी वैसी अस्थिरता दोहराई गई तो लेबर पार्टी को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
पार्टी में इस्तीफों की लहर
लेबर पार्टी के अंदर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। कई सांसदों ने विरोध में अपने मंत्री पद से जुड़े सहायक भूमिकाओं से इस्तीफा दे दिया है। सीएनएन की रिपोर्ट में बताया गया है कि पार्टी के नियमों के अनुसार, किसी भी नेतृत्व को चुनौती देने के लिए कम से कम 81 सांसदों का समर्थन जरूरी होता है। इस स्थिति ने नेतृत्व संकट को और कठिन बना दिया है।
इमिग्रेशन और आर्थिक नीतियों पर भी उठे सवाल
2024 के आम चुनाव में बड़ी जीत हासिल करने के बावजूद अब Keir Starmer की आलोचना तेज हो गई है। आलोचक उनकी इमिग्रेशन नीति, आर्थिक रणनीति और राजनीतिक दिशा पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच संभावित उत्तराधिकारियों को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं, जिसमें पूर्व उप-प्रधानमंत्री एंजेला रेनर का नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहा है। हालांकि, उन्होंने अभी तक औपचारिक रूप से उम्मीदवारी की घोषणा नहीं की है।
डाउनिंग स्ट्रीट में अहम बैठक, संकट और गहराने की आशंका
बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच डाउनिंग स्ट्रीट में एक महत्वपूर्ण कैबिनेट बैठक भी तय की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि मौजूदा स्थिति पिछले चुनाव के बाद आए किसी भी राजनीतिक संकट से ज्यादा गंभीर हो सकती है। पार्टी के अंदर बढ़ते असंतोष और बाहरी दबाव को देखते हुए स्टार्मर की आगे की राह आसान नहीं दिख रही है।
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