कौन हैं वो BJP नेता, जिन्होंने PM मोदी की पेट्रोल बचाओ अपील की उड़ाई धज्जियां? 50 कारों का काफिला लेकर निकले
BJP Leader Saubhagya Singh Thakur Video Viral: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक ऊर्जा संकट और पश्चिम एशिया में तनाव के मद्देनजर देशवासियों से दो बार पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने, पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाने, कारपूलिंग करने और अनावश्यक यात्राओं से बचने की अपील की है।
लेकिन ठीक इसी बीच, मध्य प्रदेश में BJP नेता सौभाग्य सिंह ठाकुर के उज्जैन से भोपाल तक करीब 200 किलोमीटर की दूरी 50 से ज्यादा वाहनों वाले काफिले के साथ तय की। इस घटना ने राजनीतिक बहस छेड़ दी है। आइए जानते हैं सौभाग्य सिंह ठाकुर?

Who Is Saubhagya Singh Thakur: कौन हैं सौभाग्य सिंह ठाकुर?
सौभाग्य सिंह ठाकुर, मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले के मंगरौला गांव से ताल्लुक रखते हैं। हाल ही में उन्हें मध्य प्रदेश पाठ्यपुस्तक निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। पदभार ग्रहण करने के लिए वे उज्जैन से भोपाल पहुंचे, लेकिन उनका यह सफर शक्ति प्रदर्शन का प्रतीक बन गया।
वीडियो फुटेज में देखा जा सकता है कि फूलों से सजी SUVs की लंबी कतार राजमार्ग पर कई किलोमीटर तक फैली हुई थी। रास्ते में जगह-जगह समर्थकों ने काफिले को रोका, ढोल-नगाड़े बजाए और मालाएं पहनाईं। इस दौरान हाईवे पर यातायात बाधित हुआ और आम यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
'मुझे कुछ नहीं पता' वाली सफाई
आजतक की एक रिपोर्ट्स के मुताबिक, ठाकुर ने कहा कि मैं ग्रामीण परिवेश से आता हूं। गांव में सब परिवार की तरह रहते हैं। मेरे साथ शुरू में 25 गाड़ियां थीं, लेकिन रास्ते में लोग जुड़ते गए। मुझे पता ही नहीं चला कि इतना बड़ा काफिला हो गया। जब उनसे पूछा गया कि स्वागत कार्यक्रमों के दौरान उन्हें गाड़ियों की संख्या नजर नहीं आई क्या, तो उन्होंने जवाब टालते हुए कहा, 'इस पर मैं आपसे अलग से बाद में बात करूंगा।'
'वैश्विक ऊर्जा संकट', PM मोदी की अपील
यह घटना प्रधानमंत्री मोदी की अपील के महज एक-दो दिन बाद हुई है। 10 मई को तेलंगाना में BJP रैली को संबोधित करते हुए PM मोदी ने कहा था कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए नागरिकों को ऊर्जा संरक्षण, स्वदेशी और संयम बरतना चाहिए। उन्होंने वर्क-फ्रॉम-होम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, कारपूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों पर जोर दिया था। BJP नेता के काफिले ने ठीक उसी संदेश पर सवाल खड़ा कर दिया कि क्या पार्टी के अपने लोग प्रधानमंत्री की अपील को गंभीरता से ले रहे हैं।
विपक्ष बोला- मोदी सरकार की 'विफलता' के सबूत
कांग्रेस ने इस घटना को मोदी सरकार की 'विफलता' के सबूत के रूप में पेश किया। राहुल गांधी समेत कई नेताओं ने कहा कि जनता से त्याग की अपील करते हुए सत्ता पक्ष के लोग वीआईपी संस्कृति का प्रदर्शन कर रहे हैं। BJP की तरफ से बचाव में राष्ट्रीय प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी और अमित मालवीय ने कहा कि प्रधानमंत्री की अपील राष्ट्रीय हित में है। भारत 85% ऊर्जा आयात करता है, इसलिए वैश्विक संकट में संयम जरूरी है। उन्होंने इसे कांग्रेस का राजनीतिक लाभ उठाने का प्रयास बताया।
बड़ा सवाल: शक्ति प्रदर्शन vs संयम?
भारतीय राजनीति में बड़े काफिलों और रोड शो को लंबे समय से ताकत का प्रतीक माना जाता रहा है। ग्रामीण स्तर पर समर्थकों का जुटना नेता की लोकप्रियता और संगठनात्मक ताकत दिखाता है। लेकिन जब देश ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण और ट्रैफिक जाम जैसे मुद्दों से जूझ रहा हो, तब ऐसे प्रदर्शन पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
सौभाग्य सिंह ठाकुर का यह काफिला महज एक स्थानीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि मौजूदा समय में सत्ता पक्ष के लिए 'प्रतीकात्मक विडंबना' बन गया है। यह दिखाता है कि शीर्ष नेतृत्व की अपील और जमीनी स्तर पर व्यावहारिक राजनीति के बीच का अंतर अभी भी बना हुआ है।













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