बंगलादेशी Sonia Akhtar और Saurav के मामले ने पकड़ा तूल, कहा- "उसको निभाना ही पड़ेगा"
पाकिस्तान से आई सीमा हैदर के बाद अब बंगलादेश से सोनिया अख्तर का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोनिया ने नोएडा के रहने वाले सौरव कांत तिवारी पर निकाह कर धोखा देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में सोनिया ने वकील भी हायर किया था और महिला थाने में शिकायत भी दर्ज कराइ थी। जिसके चलते बुधवार को सोनिया और सौरभ पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचे, जहां दोनों की काउंसिलिंग की गई। इस दौरान कई नए खुलासे हुए हैं।
सोनिया के वकील का ये है कहना
पहले आपको बताते हैं कि सोनिया के वकील का क्या कहना है? उन्होंने बताया कि "2017 में सौरभ तिवारी नोएडा से बांग्लादेश जॉब के लिए गए था। वहां सोनिया और सौरभ की मुलाकात हुई। इसके बाद दोस्ती हुई। सौरभ ने सोनिया को प्रपोजल दिया। उन्होंने सोनिया को बताया था कि उनकी पहली पत्नी की मौत हो चुकी है। इसके बाद कानूनी रूप से धर्म बदला और दोनों ने निकाह किया।''

सोनिया ने रखा अपना पक्ष
वहीं सोनिया का कहना है कि "मैं पहली बार सौरभ कांत तिवारी से उनके ऑफिस में मिली। उन्होंने बताया कि कंपनी में केमिकल का काम होता है। उसकी सप्लाई के लिए एक मीटिंग थी। जिसमें उनसे मिली। इसके बाद फोन पर बातचीत हुई। फिर उन्होंने मुझे प्रपोज किया। 11 अप्रैल 2021 को उन्होंने बांग्लादेश कोर्ट जाकर धर्म चेंज किया। 14 अप्रैल 2021 को उन्होंने मुस्लिम धर्म के अनुसार बायतुल मस्जिद में निकाह किया।"
''फिर दो साल तक मैं सौरभ के साथ उन्हीं की कंपनी के क्वार्टर में रही। इसके बाद 20 अप्रैल 2022 को सीजेरियन से बच्चा हुआ। हॉस्पिटल का बिल करीब 3 लाख आया था। जिसका पेमेंट भी सौरभ ने ही किया। सौरभ ने मेरे धर्म के साथ ही अपने धर्म के साथ भी खिलवाड़ किया है। मैं सिर्फ अपने बच्चे का अधिकार चाहती हूं।'

सौरभ का क्या है कहना
उधर इस पूरे मामले पर सौरभ कांत तिवारी का कहना है कि "सोनिया और उसके परिवार ने हनीट्रैप किया है। बांग्लादेश में मेरे साथ मारपीट की गई। जबरदस्ती निकाह के कागजों पर साइन कराए गए। महिला के आरोप निराधार है। परिवार और महिला ने प्लान कर मुझे फंसाया। बांग्लादेश कोर्ट में मैंने तलाक के लिए याचिका दायर की हुई है। फैसला आने का इंतजार है। सोनिया ने एक करोड़ की डिमांड की थी, जिसे मैं पूरा नहीं कर पाया। इसलिए वह ऐसा कर रही है।''
सौरभ ने बताया, ''कोविड की वजह से मैं भारत नहीं आ पाया। ये मेरे घर में आने लगे। मेरे पूजा पाठ पर रोक लगाने लगी। सोनिया और उसके परिवार के लोग मारपीट करते थे। नमाज पढ़ने के लिए कहते थे। मैं भारत वापस आ गया। इन्होंने 1400 लोगों को कॉन्टैक्ट किया। शादी का दस्तावेज बनाया गया, जो इस्लाम रीति से बनाया गया। जब यहां आ गई तो मैंने डिवोर्स का केस फाइल किया है।''

दोनों की हुई काउंसिलिंग
बता दें कि इस पूरे मामले पर सोनिया अख्तर ने नोएडा पहुँच महिला थाने में शिकायत करने के साथ-साथ पुलिस आयुक्त कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई थी। जिसके चलते सोनिया और सौरभ को बुधवार को पुलिस आयुक्त कार्यालय बुलाया गया था। यहां पर दोनों की काउंसिलिंग की गई। मीडिया से बातचीत में सोनिया ने अपने ऊपर लगे सभी आरोप को गलत बताया।
10 करोड़ देगा तब भी तलाक नहीं दूंगी
बांग्लादेशी सोनिया अख्तर ने कहा कि 'सौरभ मुझे 10 करोड़ देगा तब भी उसे तलाक नहीं दूंगी। न ही कभी छोडूंगी। मैंने उसके साथ शादी की है, उसको निभाना ही पड़ेगा। उसके बेटे को भी बाप की जरूरत है। मैं बेटे को हक दिलाऊंगी। सौरभ ने अपने ही नहीं, मेरे धर्म का भी अपमान किया है।'
'सौरभ ने मुस्लिम धर्म अपनाया'
डीसीपी के सामने कहा- 'अन्नू' उसका बेटा है
सोनिया ने ये भी कहा कि 'अन्नू' सौरभ कांत तिवारी का बेटा है। ये बात सौरभ ने डीसीपी के सामने मानी है। उनके सामने सौरभ बोला कि उसने मुस्लिम धर्म अपनाया है। लेकिन, वह बेटे को अपने साथ रखने को तैयार नहीं है। सौरभ कांत झूठ बोल रहे हैं। मुझे नहीं पता क्यों झूठ बोल रहे हैं। लेकिन, सच्चाई सामने आ जाएगी।

सोनिया अख्तर से मिले फोटो और दस्तावेजों की जांच कर रही पुलिस
सोनिया अख्तर ने पुलिस के सामने कुछ दस्तावेज भी पेश किए हैं। जिसमें सौरभ द्वारा बांग्लादेश की राजधानी ढाका में दिया गया एफिडेविट पत्र और निकाह नामा भी शामिल है। साथ ही धर्मांतरण के संबंध में 11 अप्रैल 2021 को अंग्रेजी में बना एफिडेविट पत्र भी शामिल है। जिसमें सौरभ ने निर्णय लिया है कि धर्मांतरण के बाद मेरा नाम सिर्फ सौरभ रहेगा। साथ ही यह आश्वासन दिया था कि मैं अब मुस्लिम धर्म के नियमों का पालन करुंगा। वहीं निकाहनामा उर्दू में बना हुआ है। फ़िलहाल नोएडा पुलिस सोनिया अख्तर से मिले फोटो और दस्तावेजों की जांच कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications