Mahakumbh 2025: महाकुंभ में नागा संन्यासियों का हंगामा, फाड़े बैनर पोस्टर, जानिए पूरा मामला
Maha Kumbh 2025: यूपी के प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ मेले के दौरान एक बड़ा विवाद सामने आया है, जब कुछ युवाओं ने महाकुंभ को अंधविश्वास बताने वाले पोस्टर और बैनर लगाकर स्टॉल लगाया। इससे नाराज होकर नागा संन्यासियों ने मौके पर पहुंचकर स्टॉल में तोड़फोड़ की और पोस्टरों को आग के हवाले कर दिया। इस घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
वायरल वीडियो के अनुसार, यह घटना महाकुंभ के ओल्ड जीटी पांटून पुल के पास स्थित भारद्वाज आश्रम अखाड़े के पास हुई। यहां आधा दर्जन युवक-युवतियां स्टॉल लगाकर लोगों को यह संदेश दे रहे थे कि महाकुंभ एक अंधविश्वास का मेला है और यदि मुक्ति चाहिए तो लोगों को जागरूक करना होगा। वे लाउडस्पीकर के जरिए भी महाकुंभ को अंधविश्वास बता रहे थे।

भड़के साधू, राकेश टिकैत भी परेशान
जब यह जानकारी नागा संन्यासियों को मिली, तो उनका गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने तुरंत वहां पहुंचकर स्टॉल में तोड़फोड़ की। इसके साथ ही उन्होंने सनातन विरोधी साहित्य और पोस्टरों को भी आग के हवाले कर दिया। इस घटना को लेकर कई लोग यह सवाल उठा रहे हैं कि इन युवाओं की मंशा क्या थी, लेकिन इस बारे में अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।
महाकुंभ मेले में पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत भी इस घटना को लेकर परेशान दिखाई दिए और उन्होंने कहा कि इस प्रकार के तत्वों को तुरंत यहां से निकाल देना चाहिए। हालांकि, पुलिस को अभी तक इस मामले में कोई शिकायत नहीं मिली है, लेकिन एसएसपी महाकुंभ राजेश द्विवेदी ने वायरल वीडियो की जानकारी मिलने के बाद जांच का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस फिलहाल इस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ये युवक कहां से आए थे और उनका उद्देश्य क्या था।
सोशल मीडिया पर तेजी खबर, वीडियो वायरल
महाकुंभ 2025 में हर कोने से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं, लेकिन इस बार कुछ युवाओं ने महाकुंभ को अंधविश्वास करार देने वाले पोस्टर लगाए। इन पोस्टर्स में लिखा था, "अंधविश्वास का मेला है, कुंभ एक बहाना, मुक्ति चाहिए तो समझ जगाना है।" युवाओं ने लाउडस्पीकर के जरिए भी अपनी बात रखी। इस पर नागा संन्यासी भड़क गए और उन्होंने युवाओं के स्टॉल व पोस्टर तोड़ दिए। इस विवाद की खबर सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गई, और इसका वीडियो वायरल हो गया।
पुलिस अब इस वायरल वीडियो की जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि वीडियो की सत्यता की जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यह भी सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि ये स्टॉल आचार्य प्रशांत के फॉलोवर्स का था। हालांकि, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इसका आचार्य प्रशांत से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस इस दिशा में भी जांच कर रही है कि इन युवाओं की मंशा क्या थी और वे कहां से आए थे।
जानिये, महाकुंभ का महत्व
पूरे 12 वर्षों के बाद महाकुंभ मेला का आयोजन किया जाता है। महाकुंभ सबसे बड़ा और प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। कुंभ मेला में लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं। कहते हैं कि जो भी व्यक्ति कुंभ स्नान कर लेता है उसके सभी पाप मिट जाते हैं। इतना ही नहीं उसकी सभी मनोकामनाएं भी पूरी होती हैं। महाकुंभ दौरान विशेष पूजा-अर्चना, यज्ञ, और अन्य धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाते हैं। संगम नगरी प्रयागराज में 13 जनवरी 2025, पौष पूर्णिमा से महाकुंभ शुरू हो चुका है।
महाकुंभ में स्नान करने से व्यक्ति के सभी पाप धुल जाते हैं। इतना ही नहीं कुंभ में स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति भी होती है। इसके अलावा कुंभ मेला आध्यात्मिक ज्ञान, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामाजिक समरसता का भी प्रतीक माना जाता है। लोग आध्यात्मिक ज्ञान और मानसिक शांति के लिए भी कुंभ मेला में आते हैं। बता दें कि महाकुंभ में नागा साधु से लेकर अन्य अलग-अलग बड़े-बड़े संत पधारते हैं, जिनका आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालु दूर-दूर से कुंभ मेला में शामिल होने आते हैं।
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