BJP का मिशन मुस्लिम कनेक्ट, जानिए 2024 से पहले UP में कैसे सियासी बिसात बिछा रही बीजेपी

भारतीय जनता पार्टी 2024 में होने वाले आम चुनाव से पहले यूपी में मुस्लिम सियासत की बिसात कैसे बिछा रही है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 6 सालों में वह चार मुस्लिम चेहरों पर दांव खेल चुकी है।

बीजेपी

Bhartiya Janta Party: भारतीय जनता पार्टी (Bhartiya Janta Party) उत्तर प्रदेश में हर वर्ग को किस तरह साधने में जुटी है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मुस्लिम विरोधी कही जाने वाली इस पार्टी ने अब तक विधान परिषद में इस समुदाय से चार विधायक बना चुकी है। हाल ही में सरकार ने नॉमिनेटेट एमएलसी की 6 सीटों में भी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति तारिक मंसूर को शामिल कर एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की है लेकिन मंसूर पहले मुस्लिम नहीं है जिन्हें बीजेपी ने विधान परिषद भेजा है। इससे पहले तीन और मुस्लिम को पार्टी यह सौगात दे चुकी है।

तारिक मंसूर को बीजेपी ने दी बड़ी सौगात

प्रो. तारिक मंसूर को 17 मई 2017 को अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का कुलपति बनाया गया था। उनका कार्यकाल 17 मई 2022 को पूरा हो गया। कुछ समय पहले ही केंद्र सरकार ने उनका कार्यकाल एक वर्ष के लिए बढ़ा दिया था। तारिक मंसूर ने एमएलसी बनाए जाने के बाद ये अटकलें लगाई जा रही हैं कि बीजेपी यूपी में उनको अपना मुस्लिम चेहरा बना सकती है। तारिक ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी।

योगी 2.0 सरकार में दानिश अंसारी को बनाया था मंत्री

तारिक के अलावा योगी आदित्यनाथ की दूसरी सरकार में युवा चेहरे दानिश अंसारी को जगह मिली थी। उनको योगी सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री बनाया गया है। दानिश अंसारी यूपी में बीजेपी की टीम में अल्पसंख्यक मोर्चा के पदाधिकारी भी रह चुके हैं। दानिश को तत्कालीन संगठन मंत्री सुनील बंसल का करीबी माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि मोहसीन रजा के विकल्प के तौर पर पार्टी ने दानिश अंसारी को तैयार किया था। मोहसीन को हटाकर दूसरी सरकार में दानिश को राज्य मंत्री बनाया गया था। अब वो योगी सरकार की कैबनिेट में एकलौते मुस्लिम चेहरा हैं। मंत्री बनने के बाद उनको विधान परिषद में भेजा गया था।

मोहसीन रजा को पहली सरकार में मिली थी अहम जिम्मेदारी

उत्तर प्रदेश में 2017 के चुनाव में सरकार बनने के बाद बीजेपी ने मोहसीन रजा जैसे खिलाड़ी को कैबिनेट में शामिल किया था। मोहसीन को अल्पसंख्यक राज्य मंत्री की जिम्मेदारी दी गई थी। मोहसीन अपने बयानों को लेकर काफी चर्चा में रहे। मोहसीन फिलहाल विधान परिषद के सदस्य हैं और उनका कार्यकाल जल्द ही समाप्त होने वाला है। मोहसीन यूपी मुस्लिम वक्फ बोर्ड के चेयरमैन भी हैं। हालांकि दूसरी बार सरकार बनने के बाद उनको दोबारा सरकार में जगह नहीं मिली। उनकी जगह दानिश को शामिल कर लिया गया था।

बुक्कल नवाब को बीजेपी ने दिया था बड़ा इनाम

अपने बयानों के कारण विवादों में रहने वाले सपा से भाजपा में आए एमएलसी बुक्कल नवाब को पहले पूर्व सीएम और सपा चीफ अखिलेश यादव का खास माना जाता था लेकिन यूपी में जैसे ही सरकार बदली बुक्कल नवाब के सुर भी बदल गए। वह बीजेपी के तारीफ के कसीदे पढ़ने लगे थे। बाद में वह बीजेपी में शामिल हो गए थे। बुक्कल नवाब उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने बजरंग बली को मुसलमान बताया था। बुक्कल का कहना था कि रहमान, सुल्तान, इमरान मुसलमानों के नाम हैं। उसी तरह हनुमान नाम मुसलमान का है। बुक्कल के बयान से पूरी पार्टी असहज हो गई थी।

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