'800 में मीट काटने वाले चाकू, 300 में उस्तरा', जानें सौरभ के 15 टुकड़े करने के लिए ऑनलाइन क्या-क्या मंगाया?
Meerut Crime News: उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित ब्रह्मपुरी इलाके में हुए सौरभ राजपूत हत्याकांड (Saurabh Rajput Murder Case) ने पूरे इलाके को दहला दिया है। इस खौफनाक घटना में पत्नी मुस्कान रस्तोगी (Muskan Rastogi) ने अपने प्रेमी साहिल शुक्ला (Sahil Shukla) के साथ मिलकर 9 साल पुराने रिश्ते का ऐसा अंत किया, जिसे सुनकर किसी की भी रूह कांप उठे।
पुलिस की जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे दिखाते हैं कि यह हत्या सिर्फ गुस्से या अचानक हुए झगड़े का नतीजा नहीं थी, बल्कि इसके पीछे एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे मुस्कान ने महीनों तक प्लान किया था।

कैसे की गई साजिश की प्लानिंग?
हत्या को अंजाम देने से पहले मुस्कान ने इंटरनेट का सहारा लिया। उसने गूगल पर नींद और नशे की गोलियों से जुड़ी जानकारी खोजी। इसके अलावा, उसने डॉक्टर के पास जाकर खुद को डिप्रेशन का मरीज बताया और नींद की गोलियां लेने के लिए पर्चा बनवाया। लेकिन सिर्फ डॉक्टर के प्रेस्क्रिप्शन से उसे संतोष नहीं हुआ। उसने खुद ही पर्चे में कुछ और नशीली दवाओं के नाम जोड़ दिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वह उन्हें भी खरीद सके।
पुलिस को शक है कि इनमें डायजेपाम या अल्प्राजोलम जैसी दवाएं हो सकती हैं, जो इंसान को पूरी तरह बेहोश कर सकती हैं। मुस्कान ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर खैरनगर से ये दवाएं खरीदीं।
ऑनलाइन सर्च से हथियारों की जानकारी जुटाई
हत्या के लिए सिर्फ नशीली दवाएं ही नहीं, बल्कि हथियारों की भी जरूरत थी। पुलिस की जांच में सामने आया कि मुस्कान ने गूगल पर ऐसे चाकू और उस्तरों की कीमत और उपलब्धता की भी सर्च की, जिनका इस्तेमाल शव के टुकड़े करने में किया जा सकता था।
इसके बाद 22 फरवरी को शारदा रोड से 800 रुपये में मीट काटने वाले दो बड़े चाकू, 300 रुपये में एक तेज उस्तरा और पॉली बैग खरीदे गए। हालांकि, यह सामान स्थानीय दुकानों से लिया गया था, लेकिन पहले ऑनलाइन रिसर्च की गई थी।
कोफ्ते में मिलाई गई 'मौत'
3 मार्च को मुस्कान ने सौरभ को मारने का प्लान फाइनल किया। उसने पहले शराब में नशीली गोलियां मिलाने की कोशिश की, लेकिन सौरभ ने शराब नहीं पी। इसके बाद उसने कोफ्तों में गोलियां मिलाई।
सौरभ जैसे ही खाना खाकर बेहोश हुआ, मुस्कान और साहिल ने मिलकर उसकी गर्दन उस्तरे से काट दी और फिर शव को 15 टुकड़ों में बांट दिया।
पुलिस की जांच में और क्या सामने आ रहा है?
पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि क्या मुस्कान ने कोई हथियार या नशीली दवाएं ऑनलाइन मंगवाई थीं। इसके लिए उसके फोन और लैपटॉप की ब्राउज़िंग हिस्ट्री खंगाली जा रही है।
सौरभ राजपूत मर्डर केस ने फिर से दिखाया है कि डिजिटल टेक्नोलॉजी और इंटरनेट कैसे अपराधियों के लिए मददगार साबित हो सकता है। यह हत्या एक खौफनाक प्लानिंग का नतीजा थी, जिसमें ऑनलाइन सर्च, मेडिकल प्रिस्क्रिप्शन और हथियारों की खरीददारी का अहम रोल रहा।












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