'अपने शब्द वापस लें अमित शाह, कांग्रेस को भी घेरा', अंबेडकर मुद्दे पर यूं गरजी Mayawati
Mayawati News: संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर पर हाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने टिप्पणी की थी। शाह की इस टिप्पणी के बाद राजनीति काफी गरमा गई है। अब इस मुद्दे पर बसपा प्रमुख मायावती का बयान सामने आया है। मायावती ने अमित शाह पर बाबा साहब भीमराव अंबेडकर का अपमान करने का आरोप लगाते हुए अपने शब्द वापस लेने के लिए कहा।
बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार 19 दिसंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'भारतीय संविधान के निर्माता और दलितों व अन्य उपेक्षित वर्गों के मसीहा डॉ.भीमराव अंबेडकर के बारे में संसद में अमित शाह द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों से बाबा साहब की गरिमा और अस्तित्व को गहरी ठेस पहुंची है और एक तरह से उनका अपमान हुआ है।'

कांग्रेस को भी घेरा
मायावती ने कहा कि अब पूरे देश में उनके अनुयायियों में जबरदस्त गुस्सा और आक्रोश है और उन्हें अपने ये शब्द वापस लेने चाहिए और इसके लिए पश्चाताप भी करना चाहिए। अन्यथा, उनके (बीआर अंबेडकर) अनुयायी इसे कभी नहीं भूल पाएंगे, ठीक उसी तरह जैसे वे डॉ. बीआर अंबेडकर के प्रति कांग्रेस के कुकृत्यों को नहीं भूल पाए हैं।
कांग्रेस-बीजेपी सेक रही अपनी राजनैतिक रोटी
इससे पहले, मायावती ने कहा था कि कांग्रेस व बीजेपी एंड कम्पनी के लोगों को बाबा साहेब डा. भीमराव अंबेडकर की आड़ में अपनी राजनैतिक रोटी सेंकने की बजाय, इनका पूरा आदर-सम्मान करना चाहिये। इन पार्टियों के लिए इनके जो भी भगवान हैं उनसे पार्टी को कोई ऐतराज नहीं है। लेकिन दलितों व अन्य उपेक्षितों के लिए एकमात्र इनके भगवान केवल बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर हैं।
कांग्रेस-बीजेपी का उपेक्षितों के प्रति प्रेम विशुद्ध छलावा
जिनकी वजह से ही इन वर्गों को जिस दिन संविधान में कानूनी अधिकार मिले हैं, तो उसी दिन इन वर्गों को सात जन्मों तक का स्वर्ग मिल गया था। अतः कांग्रेस, बीजेपी आदि पार्टियों का दलित व अन्य उपेक्षितों के प्रति प्रेम विशुद्ध छलावा। इनसे इन वर्गों का सही हित व कल्याण असंभव। इनके कार्य दिखावटी ज्यादा, ठोस जनहितैषी कम। बहुजन समाज व इनके महान संतों, गुरुओं, महापुरुषों को समुचित आदर-सम्मान बीएसपी सरकार में ही मिल पाया।












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