Mahant Nritya Gopal Das: जिस ट्रस्ट के सदस्यों पर चंदा चोरी की आंच, उसी राम मंदिर आंदोलन के सूत्रधार-पूरा सफर

Mahant Nritya Gopal Das: अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें 29 जून 2026 को लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। 89 वर्षीय महंत को अचेत अवस्था में लाया गया। जांच में सांस लेने में तकलीफ और मूत्र मार्ग संक्रमण (UTI) की पुष्टि हुई। उन्हें ICU में क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों की निगरानी में रखा गया है। डॉक्टर राकेश कपूर के अनुसार स्थिति स्थिर है, लेकिन उम्र के कारण सतर्कता बरती जा रही है।

यह महंत का पहला स्वास्थ्य संकट नहीं है। जनवरी 2026 में भी उनकी तबीयत बिगड़ी थी। इससे पहले 2020 में कोरोना संक्रमण, और 2024 में भी अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था। उम्र बढ़ने के साथ स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां बढ़ रही हैं, लेकिन राम मंदिर आंदोलन से जुड़े इन संत की भूमिका आज भी चर्चा में रहती है। आइए जानते हैं कि महंत नृत्य गोपाल दास कैसे बने राम मंदिर के सूत्रधार? चंदा चोरी में ट्रस्ट पर आंच ?

Mahant Nritya Gopal Das Profile

Who Is Mahant Nritya Gopal Das: महंत नृत्य गोपाल दास कौन हैं? जन्म और संत जीवन की शुरुआत

महंत नृत्य गोपाल दास का जन्म 11 जून 1938 को उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के केरहला (कहोला) गांव में हुआ। बचपन धार्मिक वातावरण में बीता। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने सांसारिक जीवन त्याग दिया और वैराग्य मार्ग चुन लिया।

अयोध्या पहुंचकर वे महंत राम मनोहर दास के शिष्य बने। वाराणसी से संस्कृत की शिक्षा (शास्त्री) प्राप्त की। 1965 में वे अयोध्या की प्रसिद्ध मणिराम दास छावनी के महंत बन गए। यह छावनी अयोध्या की प्रमुख धार्मिक संस्थाओं में शुमार है, जहां बड़ी संख्या में साधु-संत रहते हैं। महंत जी की धार्मिक विद्वता और संगठन कौशल ने उन्हें संत समाज में अलग पहचान दिलाई।

Ram Janmabhoomi Movement Role: राम जन्मभूमि आंदोलन में क्या भूमिका?

1980 के दशक में राम जन्मभूमि आंदोलन तेज हुआ। 1984 से महंत नृत्य गोपाल दास इसमें सक्रिय रूप से शामिल हो गए। उन्होंने देशभर में धर्मसभाएं, संत सम्मेलन और जनसभाएं आयोजित कीं। मकसद था कि अयोध्या में भगवान राम के जन्मस्थान पर मंदिर निर्माण के लिए जनसमर्थन जुटाना।

उनकी मुख्य भूमिकाएं:

  • संत समाज को एकजुट करना: विभिन्न अखाड़ों और संतों को एक मंच पर लाना।
  • धार्मिक चेहरा प्रदान करना: आंदोलन को धार्मिक और सांस्कृतिक आयाम देना।
  • जनसमर्थन बनाए रखना: अदालती प्रक्रिया के दौरान भी मंदिर की मांग को जीवित रखना।

2003 में महंत रामचंद्र परमहंस के निधन के बाद 2006 में वे राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष बने। न्यास ने मंदिर निर्माण की तैयारियों और धार्मिक गतिविधियों का नेतृत्व किया।

Babri Demolition Case: बाबरी विध्वंस मामले से लेकर ट्रस्ट अध्यक्षता तक

  • 6 दिसंबर 1992 को बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद दर्ज मामलों में महंत नृत्य गोपाल दास समेत कई संत आरोपी थे। 30 सितंबर 2020 को CBI विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि पूर्व नियोजित साजिश साबित नहीं हुई।
  • 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। विवादित भूमि रामलला विराजमान को दी गई और केंद्र सरकार को ट्रस्ट गठन का निर्देश दिया। फरवरी 2020 में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली बैठक में महंत नृत्य गोपाल दास को अध्यक्ष चुना गया।
  • 5 अगस्त 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भूमि पूजन किया। महंत जी पूरे कार्यक्रम में प्रमुख संतों में शामिल थे। 22 जनवरी 2024 को रामलला प्राण प्रतिष्ठा समारोह में भी उनकी मौजूदगी रही।

Ram Mandir Chanda Chori: ट्रस्ट के सदस्यों पर चंदा चोरी की आंच, चंपत राय का इस्तीफा

आपको बता दें कि, राम मंदिर में श्रद्धालुओं के चढ़ावे (दान) की कथित हेराफेरी और गबन के मामले में ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इन सभी ने अपना SIT की पूछताछ में अपना जुर्म कबूला है। इसमें, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव रहे चंपत राय का करीबी सहयोगी राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव भी शामिल है। उधर, ट्रस्ट के महासचिव पद से चंपत राय ने इस्तीफा दे दिया है।

नाम पद / भूमिका
अनुकल्प मिश्रा चढ़ावा (दान) गिनती से जुड़ा कर्मचारी
लवकुश मिश्रा चढ़ावा गिनती से जुड़ा कर्मचारी
अविनाश शुक्ला चढ़ावा गिनती/कैश हैंडलिंग से जुड़ा कर्मचारी
रामशंकर मिश्रा चढ़ावा गिनती से जुड़ा कर्मचारी
रामाशंकर यादव चढ़ावा गिनती से जुड़ा कर्मचारी
मनीष यादव चढ़ावा गिनती से जुड़ा कर्मचारी
सुभाष चंद्र श्रीवास्तव चढ़ावा प्रबंधन से जुड़ा कर्मचारी
करुणेश पांडेय चढ़ावा प्रबंधन/संबंधित कर्मचारी

Mathura-Sri Krishna: मथुरा और श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़ाव

महंत नृत्य गोपाल दास केवल अयोध्या तक सीमित नहीं। वे श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान से भी जुड़े रहे। मथुरा के धार्मिक मामलों में उनकी आवाज अहम रही। 2020 में मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के दौरान उन्हें कोरोना हुआ था, जिसके बाद स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव शुरू हुआ।

स्वास्थ्य चुनौतियां: उम्र का असर

  • 89 साल की उम्र में महंत जी कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं।
  • 2020: कोरोना संक्रमण
  • 2024: अस्पताल भर्ती
  • जनवरी 2026: तबीयत बिगड़ी
  • जून 2026: UTI और सांस की तकलीफ, ICU में भर्ती

उनकी उम्र और लगातार धार्मिक जिम्मेदारियों के कारण डॉक्टर सतर्क रहते हैं। रामभक्तों में उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामनाएं चल रही हैं।

mahant-nritya-gopal-das-profile

महंत नृत्य गोपाल दास को राम मंदिर आंदोलन के प्रमुख धार्मिक चेहरों में गिना जाता है। उन्होंने संत समाज को संगठित रखा, जनसमर्थन जुटाया और ट्रस्ट का नेतृत्व किया। हालांकि पूरा आंदोलन सामूहिक प्रयास था। उनकी जीवन गाथा धार्मिक समर्पण, आंदोलनकारी जज्बे और चुनौतियों से जूझने की मिसाल है। राम मंदिर बनने के बाद अब नई पीढ़ी के संतों को जिम्मेदारियां संभालनी होंगी।

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