'Trump-Netanyahu की हत्या करो', ईरानी धर्मगुरुओं ने जारी किए 10 धार्मिक कर्तव्य, लिस्ट में और क्या-क्या?

Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिख रहा है। इस बार वजह बनी है ईरान की सबसे ज्यादा प्रभाव रखने वाली धार्मिक संस्था असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स का एक विवादित बयान। संस्था ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ बेहद भड़काऊ बयान जारी किया है। धर्मगुरुओं ने दोनों नेताओं को "चरम दुष्ट" (बिना कारण क्रूर्रता बरपाने वाले लोग) बताते हुए दावा किया कि उन्हें खत्म करना हर आस्तिक का धार्मिक कर्तव्य है। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चिंता पैदा कर दी है।

शांति वार्ता के बीच आया विवादित बयान

यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने और स्थायी शांति स्थापित करने के लिए पर्दे के पीछे राजनयिक बातचीत चल रही है। ब्रिटिश मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, धार्मिक परिषद ने अपनी अपील में कहा कि जिस व्यक्ति की पहुंच ट्रंप और नेतन्याहू तक हो, वह उनके खिलाफ कार्रवाई करे। ऐसे बयान से पहले से ही नाजुक बने हालात और ज्यादा संवेदनशील हो गए हैं।

Tensions rise as Iran issues directive against world leaders

खामेनेई की मौत के बाद बढ़ा गुस्सा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस कड़े रुख के पीछे ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत को बड़ी वजह माना जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि हालिया युद्ध के पहले दिन हुए एक हमले में उनकी मौत हो गई थी। इसके बाद ईरान के भीतर बदले की भावना और ज्यादा तेज हो गई। इसी दौरान तेहरान और कोम में मौजूद असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के मुख्यालयों पर भी भारी बमबारी हुई थी।

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शांति वार्ता पर बढ़ा अविश्वास

यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर लागू है। दोनों देशों के बीच स्थायी शांति समझौते को लेकर बातचीत भी चल रही है। पिछले महीने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में ईरानी प्रतिनिधियों के साथ बैठक की थी। बैठक के बाद उन्होंने बातचीत को रचनात्मक बताया, लेकिन यह भी कहा कि ईरानी वार्ताकारों के साथ बातचीत काफी जटिल और भ्रम पैदा करने वाली रही।

सीजफायर के बावजूद बढ़ा तनाव

राजनयिक बातचीत के साथ-साथ दोनों देशों के बीच अविश्वास भी लगातार बढ़ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल के दिनों में ईरान पर अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में व्यापारिक जहाजों पर हमले करने के आरोप लगे हैं। इन घटनाओं ने अमेरिका की नाराजगी बढ़ा दी है और सीजफायर समझौते की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

ट्रंप की सख्त चेतावनी

इन घटनाओं के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि सीजफायर का बार-बार उल्लंघन अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान अपनी गतिविधियां नहीं रोकता, तो अमेरिका बेहद सख्त जवाब देगा। उनके बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया।

इजरायल भी हाई अलर्ट पर

ईरान की धार्मिक संस्था की ओर से दिए गए बयान के बाद इजरायल ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था और खुफिया नेटवर्क को हाई अलर्ट पर रखा है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले से ही ईरान समर्थित संगठनों के निशाने पर रहे हैं। अब नई धमकी के बाद उनकी सुरक्षा और मजबूत कर दी गई है। दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां अपने शीर्ष नेताओं की सुरक्षा पर खास नजर रख रही हैं।

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पूरी दुनिया की नजर पश्चिम एशिया पर

फिलहाल पूरी दुनिया की नजर पश्चिम एशिया के हालात पर टिकी हुई है। एक तरफ अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता जारी है, तो दूसरी तरफ इस तरह के भड़काऊ बयान तनाव को और बढ़ा रहे हैं। अगर दोनों पक्ष जल्द हालात को कंट्रोल नहीं करते, तो यह विवाद एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष में बदल सकता है। आने वाले दिनों में राजनयिक बातचीत और दोनों देशों के अगले कदम पूरी दुनिया के लिए बेहद अहम साबित होंगे।

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