'पंजाब की महिलाओं के खाते में पहुंचे 1000 रुपए', भगवंत मान सरकार ने तीन महीने की किश्त जारी की

पंजाब की लाखों महिलाओं का इंतजार खत्म हुआ। बुधवार को भगवंत सिंह मान सरकार ने अपनी आखिरी और सबसे बड़ी गारंटी पूरी करते हुए महिलाओं के बैंक खाते में 1000 रुपए की सम्मान राशि डाल दी। धुरी में मुख्यमंत्री ने एक वेब लिंक लॉन्च कर मुख्यमंत्री मांवा-धीयां सत्कार योजना का शुभारम्भ किया। सरकार ने एक साथ तीन महीने की किश्त जारी की है।

सामान्य वर्ग की महिलाओं को 3000 और दलित महिलाओं के खाते में 4500 रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। 2022 में आम आदमी पार्टी ने पांच गारंटी दी थी। आज आखरी चुनावी वादा भी पूरा हो गया। उधर, आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने योजना के शुभारम्भ पर पंजाब की महिलाओं को बधाई दी है।

Bhagwant Mann

अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि आज पंजाब के लिए बहुत बड़ा दिन है। पंजाब की माताओं और बहनों के लिए बहुत बड़ा दिन है। अब तक सबने पंजाब को लूटा। भगवंत मान पंजाब के पहले मुख्यमंत्री है, जिन्होंने पंजाब को नहीं लूटा और सारा सरकारी पैसा लोगों तक पहुंचाया। पंजाब को लूटने वाले आज माताओं और बहनों को गालियां दे रहे हैं, भगवंत मान को गालियां दे रहे हैं। लेकिन वो समझ लें कि अब पंजाब बदल चुका है। अब पंजाब तेज़ी से विकास की राह पर चल रहा है।

उधर, धुरी में स्कीम का शुभारम्भ कर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आज से बैंक का प्रोसेस शुरू हो गया है और किसी भी वक्त फोन पर मैसेज की आवाज आ सकती है। आज से सम्मान राशि आनी शुरू हो जाएगी। लोगों को बच्चों की फीस भरनी है, पढ़ाई या किसी और काम पर खर्च करना है या कोई उधार चुकाना है। मेरे पास कई दिनों से बहुत सी वीडियो आ रही हैं जिनमें महिलाएं कह रही थीं कि उन्होंने दो तारीख का वादा करके उधार लिया है कि दो जुलाई को पैसे आएंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना में जनरल कैटेगरी की महिलाओं को 1000 रुपए और दलित माताओं को 1500 रुपए मिलेंगे। यह बहुत बड़ी योजना है और इसे तब शुरू किया गया है जब यह पक्का हो गया कि इसे किसी भी हाल में बंद नहीं करना है। इस योजना के तहत हमेशा पैसे आएंगे और यह स्कीम वापस नहीं ली जाएगी।

इस दौरान भगवंत सिंह मान ने विरोधियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टी वाले कहते हैं कि 1000 या 1500 रुपए से महिलाओं का क्या होगा। विरोधियों ने कभी गरीबी नहीं देखी है। इसलिए शायद उनके लिए यह कुछ न हो, लेकिन मैंने गरीबी देखी है, जहां लोग पांच रुपए की चाय पत्ती तक का हिसाब रखते हैं। उन्होंने कहा कि रीति-रिवाजों, बेटी के बच्चों को शगुन देने के लिए माताओं को अब अपने पति या बेटों की तरफ नहीं देखना पड़ेगा। अब महिलाओं के पास अपने पैसे होंगे और उनका सम्मान बना रहेगा। इसीलिए इस योजना का नाम मावां-धीयां सत्कार योजना रखा गया है। पहले शादियों में लड़की वालों के गांव से आए बारातियों को शगुन देकर उनका सम्मान किया जाता था, जिससे लड़की को गर्व महसूस होता था कि उसके मायके से लोग आए हैं। मैरिज पैलेस कल्चर ने यह रिवाज खत्म कर दिया है।

भगवंत सिंह मान ने महिलाओं से कहा कि वे मुझे अपना बेटा या भतीजा समझ लें, मैं उनका विश्वास नहीं तोडूंगा। यह विश्वास ट्रांसफर हो रहा है, आज से आपके फोन पर विश्वास के मैसेज आने शुरू होंगे। भाषण के बीच ही महिलाओं के फोन पर पैसे आने के मैसेज आने पर उन्होंने खुशी जताते हुए कहा कि पहला मैसेज आ गया है और अब मोबाइल बोल रहे हैं तथा पैसे आ रहे हैं। कई रैलियों में पुरुष भी बहुत खुश होकर तालियां बजाते थे क्योंकि महिलाओं को पैसे मिलने से उनका भी आर्थिक बोझ हल्का होगा।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पंजाब की सभी माताओं-बहनों का सत्कार है। अरविंद केजरीवाल और आम आदमी पार्टी इसी सोच के साथ बनी थी कि आम जनता का पैसा किसी न किसी रूप में वापस आम जनता को ही मिलेगा। चाहे आम आदमी क्लीनिक और अस्पताल बनाकर, सड़कें बनाकर, नौकरियां देकर, बिजली फ्री करके या नहरों का पानी देकर, किसी भी तरीके से पैसा आम लोगों तक पहुंचना चाहिए।

भगवंत सिंह मान ने बताया कि महिलाओं के खातों में जुलाई, अगस्त और सितंबर के तीन महीनों के पैसे एक साथ आ रहे हैं। अगर किसी घर में तीन माताएं हैं तो उनके 9000 रुपए एक साथ आएंगे। महिलाओं के पैसे आने पर उन्हें बधाई देते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन मैसेजों को सोशल मीडिया पर डाला करो ताकि उन विरोधी पार्टी वालों का मुंह बंद हो जाए जो कहते थे कि यह स्कीम कभी लागू नहीं होगी।

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