Mahakumbh Stampede: सपा सांसद राम गोपाल यादव का बड़ा दावा, महाकुंभ भगदड़ में 15000 लोगों के परिजन लापता
Mahakumbh Stampede: प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ में 29 जनवरी की रात हुई भगदड़ के बाद विपक्ष लगातार केंद्र सरकार और यूपी सरकार पर हमलावार है। संसद के बजट सत्र में भी यह मुद्दा तेजी से उठाया जा रहा है। जिसके चलते संसद की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ रही है। इस बीच समाजवादी पार्टी के राज्यसभा सांसद राम गोपाल यादव ने महाकुंभ भगदड़ के बाद की स्थिति पर चिंता जताई है।
महाकुंभ भगदड़ को लेकर संसद में विरोध प्रदर्शन के बाद समाजवादी पार्टी के सांसद राम गोपाल यादव ने मंगलवार को दावा करते हुए कहा कि घटना के बाद से 15,000 लोगों ने अपने परिवार के सदस्यों के लापता होने की सूचना दी है। यादव ने इन लापता व्यक्तियों के बारे में कोई अपडेट या जानकारी ना देने के लिए सरकार की कड़ी आलोचना की है।

15,000 लोगों के परिजन लापता-सपा सांसद
सांसद राम गोपाल यादव ने मंगलवार को कहा कि 15,000 लोगों ने बताया है कि घटना के बाद से उनके परिजन लापता हैं और सरकार कोई जानकारी नहीं दे रही है। न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए सपा सांसद यादव ने याद दिलाया कि 1954 में प्रयाग कुंभ मेले में भगदड़ के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संसद में बोलते हुए इस त्रासदी में मरने वाले और घायल हुए लोगों की संख्या बताई थी।
राम गोपाल यादव ने कहा, "जब 1954 में बड़ी भगदड़ हुई थी, तो पहले ही दिन जवाहरलाल नेहरू ने सदन में कहा था कि 400 लोग मारे गए हैं और 2000 लोग घायल हुए हैं। उसके बाद सरकार ने कहा था कि इतनी बड़ी संख्या में लोग आते हैं, बिना पत्र दिए, बिना विज्ञापन दिए और किसी वीआईपी को आने से मना किया क्योंकि इससे लोगों को असुविधा हो सकती है।"
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वहीं समाजवादी पार्टी सांसद ने कहा कि इसके विपरीत उत्तर प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रशासन वीआईपी लोगों के लिए व्यवस्था करने में व्यस्त है और आम लोगों की चिंता नहीं करता। समाजवादी पार्टी के सांसद ने कहा, "लेकिन हमारे मुख्यमंत्री हर दिन वहां मौजूद रहते हैं, सभी अधिकारी वीआईपी लेन को ठीक रखने में व्यस्त रहते हैं और उन्हें इस बात की चिंता नहीं है कि आने वाले आम लोग डूबते हैं या मरते हैं। 15,000 लोग कह रहे हैं कि उनके परिवार के सदस्य नहीं मिल रहे हैं, सरकार कोई जानकारी नहीं दे रही है।"
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विपक्ष ने कार्रवाई की मांग की
सोमवार को संसद में विपक्ष ने एकजुट होकर बजट सत्र के दौरान कार्यवाही बाधित की। उन्होंने 29 जनवरी को महाकुंभ में हुई भगदड़ पर तत्काल चर्चा की मांग की, जिसमें 30 लोगों की मौत हो गई। समाजवादी पार्टी के प्रमुख और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को यूपी सरकार की निंदा की और मौनी अमावस्या के दौरान महाकुंभ में मची भगदड़ में मरने वाले लोगों की सूची "जारी नहीं" करने के लिए निशाना साधा।












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