Maha Kumbh Stampede: भगदड़ पीड़ितों से मिलेगी न्यायिक टीम, इतने दिनों में जांच रिपोर्ट सौंपने की उम्मीद
Maha Kumbh Stampede: प्रयागराज में महा कुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या पर हुए भारी जनसैलाब के बीच भगदड़ मच गई, जिसमें 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और 60 से अधिक लोग घायल हो गए। इस दर्दनाक घटना से कुंभ में आए श्रद्धालुओं और प्रशासन में हड़कंप मच गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना को गंभीरता से लेते हुए न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग का गठन किया गया है, जिसे एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है।

ऐसे करेगी न्यायिक टीम भगदड़ की जांच
महाकुंभ 2025 के दौरान मौनी अमावस्या स्नान के दौरान हुई भगदड़ की जांच के लिए गठित न्यायिक आयोग शुक्रवार, 31 जनवरी को प्रयागराज पहुंचेगा। आयोग के सदस्य सुबह 8 बजे लखनऊ से रवाना होंगे और दोपहर 1 बजे प्रयागराज पहुंचेंगे।
अब तक इस हादसे में 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 60 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। राज्य सरकार ने इस घटना की जांच के लिए तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग बनाया है, जिसने गुरुवार से ही अपना काम शुरू कर दिया।
आयोग के सदस्य दोपहर 2 बजे अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे और फिर घटना स्थल का दौरा कर स्थिति का जायजा लेंगे। इससे पहले, न्यायिक आयोग के सदस्य लखनऊ में अपने दफ्तर पहुंचे और जांच से जुड़ा काम शुरू किया।
पीड़ितों को मुआवजा
सरकार ने मृतकों के परिवारों को ₹25 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, "यह घटना न सिर्फ दुखद है, बल्कि हमें एक सीख भी देती है।" उन्होंने प्रशासन को आगे की तैयारियों को और मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
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वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे प्रयागराज
घटना की गंभीरता को देखते हुए DGP प्रशांत कुमार और मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह प्रयागराज पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि 3 फरवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर होने वाले अमृत स्नान के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।
न्यायिक समिति जल्द देगी रिपोर्ट
न्यायिक समिति के अध्यक्ष, रिटायर्ड जस्टिस हर्ष कुमार ने कहा, "हम जल्द से जल्द साइट का निरीक्षण करेंगे और रिपोर्ट तैयार करेंगे। हमारा प्रयास रहेगा कि जांच पूरी पारदर्शिता और तेजी से हो।" {video1}
#WATCH | Prayagraj Maha Kumbh stampede: Judicial Committee Chairman, Retd. Justice Harsh Kumar says, "We are expected to submit the report within a month. Tomorrow morning we will go for site inspection, and though we cannot say how long it will take, we will try to complete the… pic.twitter.com/LibhPrqpaC
— ANI (@ANI) January 30, 2025
'भीड़ को नियंत्रित करने की पूरी तैयारी'
DIG महाकुंभ वैभव कृष्ण ने कहा कि अमृत स्नान से पहले भीड़ नियंत्रण को लेकर सभी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि भीड़ कम होने के कारण सभी पुलों को फिर से खोल दिया गया है और 3 फरवरी को किसी भी वीआईपी मूवमेंट की अनुमति नहीं होगी। सरकार और प्रशासन की कोशिश है कि भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो और महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
#WATCH | Prayagraj, UP: DIG Mahakumbh, Vaibhav Krishna says, "We are making arrangements for the upcoming Amrit Snan on Vasant Panchami and movement of pilgrims. Keeping that in mind, duties are being strengthened... We have reopened all the bridges because the crowd has reduced.… pic.twitter.com/0CAATRDI8Y
— ANI (@ANI) January 30, 2025
भगदड़ की घटना दुर्भाग्यपूर्ण
यूपी सरकार में मंत्री संजय कुमार निषाद ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि "मुख्यमंत्री ने जांच के आदेश दिए हैं और सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि भविष्य में ऐसी घटना न हो।"
अखिलेश यादव ने सरकार पर उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाते हुए कहा, "जितना प्रचार किया गया था, वैसी व्यवस्थाएं नहीं की गईं। सरकार को मृतकों और लापता लोगों की सूची जारी करनी चाहिए। यह घटना इसलिए हुई क्योंकि सरकार ने लोगों को न्योता दिया, जबकि भक्त तो अपने विश्वास से खुद आते हैं। इस हादसे की पूरी जिम्मेदारी यूपी और दिल्ली सरकार की है।"
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