साहित्य समाज का दर्पण और जीवन का दीपक : प्रो. अजय शुक्ल
Lucknow News In Hindi Uttar Pradesh: Lucknow News In Hindi Uttar Pradesh: "शब्द केवल ध्वनियाँ नहीं हैं, वे अदृश्य शक्तियाँ हैं जो इतिहास गढ़ती हैं, समाज को दिशा देती हैं और पीढ़ियों को प्रेरित करती हैं। शब्द कभी मरहम बनते हैं, कभी घाव देते हैं; कभी क्रांति की ज्वाला भड़काते हैं और कभी युद्ध को शांति में बदल देते हैं। साम्राज्य ढह जाते हैं, राजसत्ता बदल जाती है, लेकिन साहित्य और कवियों के शब्द अमर रहते हैं।"
प्रो. शुक्ल ने विद्यार्थियों से कहा कि साहित्य केवल दर्पण नहीं, दीपक भी है। यह समाज की तस्वीर दिखाता है और अंधेरे में राह भी प्रकाशित करता है। विद्यार्थियों को चाहिए कि वे अपने शब्दों का प्रयोग सोच-समझकर करें क्योंकि शब्द ही उनकी पहचान और भविष्य गढ़ते हैं।

इसके साथ ही विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो आर बी मिश्रा, पूर्व कुलपति, अवध विश्वविद्यालय, तथा गणित के प्रकांड विद्वान ने भी सभी को संबोधित करते हुए, ज्ञान अर्जन में अपना जीवन समर्पित करने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो सुमन गुप्ता ने प्रो. शुक्ल का स्वागत करते हुए कहा कि यह व्याख्यान छात्रों के लिए साहित्य की शक्ति और प्रभाव को समझने का अनूठा अवसर है।

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कार्यक्रम का संचालन अंग्रेज़ी विभाग की डॉ नेहा नागर द्वारा किया गया। डॉ. श्वेता मिश्रा ने प्रो अजय शुक्ला के अकादमिक करियर एवं उनकी विशिष्ट उपलब्धियों से सभी का परिचय कराया। कार्यक्रम के अंत में डॉ सरिता सिंह द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।












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