Lucknow Gang Abuse: IAS बनने की राह पर युवती को बनाया बंधक, 3 दिन-3 दोस्तों ने किया रेप, पिता चाहता एनकाउंटर
Lucknow Gang Abuse Case: लखनऊ से सामने आई एक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। यह मामला सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं बल्कि भरोसे के टूटने, महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल और सपनों को कुचल देने वाली क्रूरता की कहानी बन गया है। आरोप है कि दिल्ली में UPSC की तैयारी कर रही जौनपुर की एक छात्रा को उसका परिचित युवक चारबाग रेलवे स्टेशन से बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया।
सुशांत गोल्फ सिटी के एक कमरे में तीन दिन तक बंधक बनाकर उसके साथ दरिंदगी की गई। पुलिस के मुताबिक, युवती दिल्ली में रहकर सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कर रही थी। वह किसी काम से ट्रेन के जरिए यात्रा कर रही थी, तभी उसका परिचित शिवम यादव चारबाग रेलवे स्टेशन पर उससे मिला। आरोप है कि शिवम ने किसी बहाने से युवती को ट्रेन से उतार लिया और फिर उसे सुशांत गोल्फ सिटी इलाके के एक कमरे में ले गया। यहीं से शुरू हुआ वह डरावना सिलसिला जिसने युवती की जिंदगी को झकझोर दिया। आइए विस्तार से समझें कैसे क्या हुआ?

Lucknow UPSC Student Gang Abuse Case: तीन दिन तक कमरे में बंधक बनाकर रखा
15 मई 2026 को युवती जौनपुर के जाफराबाद स्टेशन से सुहेलदेव एक्सप्रेस पकड़कर दिल्ली वापस लौट रही थी। एग्जाम के एडमिट कार्ड लेने के लिए वह घर आई हुई थी। ट्रेन लखनऊ के चारबाग स्टेशन पहुंची तो उसका 4-5 साल पुराना परिचित शिवम यादव (जौनपुर, जलालपुर निवासी) वहां पहुंच गया। शिवम अपने दोस्त शनि यादव के साथ था।
शिवम ने युवती को बार-बार समझाया कि 'कोई दिक्कत नहीं होगी, मैं तुम्हारे घर पर बात कर लूंगा।' युवती कुछ देर की जिद के बाद ट्रेन से उतर गई। शिवम उसे सुशांत गोल्फ सिटी, मेदांता अस्पताल के पास स्थित अपने किराए के कमरे पर ले गया। कमरे में पहुंचने के बाद शिवम ने कॉफी में नींद की गोली मिलाकर युवती को बेहोश किया और उसके साथ बलात्कार किया। इसके बाद शनि यादव भी शामिल हो गया। 16 मई को शनि ने भी युवती के साथ जबरदस्ती की। 17 मई को एक तीसरा लड़का (जिसे युवती नहीं पहचानती) भी कमरे पर पहुंचा। तीनों ने मिलकर युवती का लगातार तीन दिन तक शोषण किया। आरोपी युवती को बाहर जाने से रोकने के लिए कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर देते थे। जब युवती को दर्द होता तो दवा देते, लेकिन वह दवा नहीं लेती थी। लगातार शोषण और डर के कारण युवती की हालत बिगड़ गई।
कैब से स्टेशन पहुंचाया, फिर दिल्ली भेज दिया
आरोप है कि तीन दिन बाद शिवम ने कैब बुक की, युवती को चारबाग स्टेशन पहुंचाया और सुहेलदेव एक्सप्रेस (Suheldev Express Train) में स्लीपर क्लास का टिकट लेकर दिल्ली भेज दिया। पूरी तरह डरी और सदमे में पहुंची युवती ने किसी तरह अपने परिवार को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद परिवार हरकत में आया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
भरोसे ने ही दिया सबसे बड़ा धोखा
इस घटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि पीड़िता आरोपी को पहले से जानती थी। अक्सर ऐसे मामलों में महिलाएं अपने परिचितों पर भरोसा करके उनके साथ चली जाती हैं, लेकिन कई बार वही भरोसा सबसे बड़ा खतरा बन जाता है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों में बड़ी संख्या ऐसे मामलों की होती है जहां आरोपी कोई परिचित, दोस्त या जानने वाला निकलता है। यही वजह है कि यह मामला लोगों को अंदर तक झकझोर रहा है।
IAS बनना चाहती थी युवती, दर्दनाक घटना से सदमें में
युवती जौनपुर जिले की रहने वाली है। वह दिल्ली के एक निजी कॉलेज से BA ऑनर्स की पढ़ाई कर रही है और UPSC की तैयारी में जुटी हुई है। परिवार के अनुसार, वह पढ़ाई में होनहार और मेहनती लड़की है। IAS बनने का सपना देख रही थी। घटना के बाद वह गुमसुम हो गई है, बोलने से कतराती है और सदमे में है।
आरोपी कौन हैं?
मुख्य आरोपी: शिवम यादव (जौनपुर, जलालपुर)
- युवती को 4-5 साल से जानती थी। दोनों के परिवार में रिश्तेदारी भी बताई जा रही है। शिवम लखनऊ में रहता था और युवती का भरोसा जीतकर उसे फंसाया।
अन्य आरोपी:
- शनि यादव (शिवम का परिचित)
- एक अज्ञात तीसरा लड़का (जिसकी पहचान अभी बाकी)
पुलिस के अनुसार आरोपी युवती को जानते थे और इसकी योजना पहले से हो सकती है।
लखनऊ पुलिस की 5 टीमें मामले की छानबीन में लगीं
युवती के बयान पर सबसे पहले दिल्ली के आनंद विहार थाने में FIR दर्ज हुई। बाद में मामला लखनऊ ट्रांसफर हो गया। लखनऊ पुलिस की 5 टीमें अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं। एडीसीपी साउथ ने पुष्टि की कि युवती को सुशांत गोल्फ सिटी इलाके में बंधक बनाकर रखा गया था। पुलिस फॉरेंसिक साक्ष्य, CCTV फुटेज, कॉल डिटेल्स और केब डिटेल्स जुटा रही है। आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।
'हैवानों का एनकाउंटर हो', पिता की मांग
पीड़िता के पिता ने बेहद दुख और गुस्से के साथ कहा, 'मेरी बेटी IAS बनने की तैयारी कर रही थी। हैवानों ने उसकी जिंदगी बर्बाद कर दी। अब उसे कुछ बोलने की हिम्मत नहीं है। बस न्याय चाहिए। आरोपियों का एनकाउंटर होना चाहिए।' पिता ने 139 रेलवे हेल्पलाइन पर मदद मांगी थी, जिसके बाद GRP ने युवती की मदद की और परिवार को सूचित किया।
UPSC की तैयारी कर रही इस युवती की कहानी सपनों और मेहनत की है, लेकिन एक परिचित की बेरहमी ने उसे रौंद दिया। तीन दिन की कैद और लगातार शोषण किसी भी युवती की जिंदगी को हमेशा के लिए बदल सकता है। पुलिस जल्द से जल्द सभी आरोपियों को गिरफ्तार करके सख्त से सख्त सजा दिलाने के लिए छापेमारी कर रही है।













Click it and Unblock the Notifications