Lucknow Fire Case: अलीगंज अग्निकांड में बड़ा एक्शन, SIT रिपोर्ट में 7 IAS और 9 PCS अफसरों पर गिरेगी गाज
Lucknow Fire Case: लखनऊ के अलीगंज में हुई भीषण आग की घटना के बाद अब प्रशासनिक अधिकारियों पर भी बड़ी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गठित विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है।
सूत्रों के मुताबिक, रिपोर्ट में 7 IAS और 9 PCS अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में इंजीनियरों और अन्य अधिकारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई गई है।

2016 से 2024 तक की लापरवाही आई रडार पर
अलीगंज सेक्टर-D में जिस अवैध इमारत में आग लगी थी, वह सालों से नियमों को ताक पर रखकर खड़ी की जा रही थी। SIT ने साल 2016 से लेकर 2024 तक लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में तैनात रहे सभी जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका को जांच के दायरे में लिया है।
जांच टीम ने यह साफ कर दिया है कि इतने सालों तक शहर की नाक के नीचे अवैध रूप से इतनी बड़ी बिल्डिंग कैसे तन गई और इस दौरान तैनात रहे अफसरों ने अपनी आंखें क्यों बंद रखीं? अवैध भवन निर्माण (Illegal Construction) को बढ़ावा देने और लापरवाही बरतने के आरोप में अब इन अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।
100 से ज्यादा अधिकारियों और कर्मचारियों की जांच
LDA ने SIT को 100 से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की सूची उपलब्ध कराई थी। इनमें 14 अधिशासी और सहायक अभियंता, 52 अवर अभियंता (JE) समेत कई अन्य अधिकारी शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि बड़ी संख्या में इंजीनियरों के खिलाफ भी कार्रवाई की सिफारिश की गई है।
इस मामले में शासन पहले ही चार इंजीनियरों और एक सुपरवाइजर को निलंबित कर चुका है। अब SIT की रिपोर्ट के आधार पर अन्य अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
22 जून को लगी थी भीषण आग
22 जून को लखनऊ के अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एक अवैध इमारत में भीषण आग लग गई थी। इस इमारत में गेमिंग जोन के अलावा कई निजी दफ्तर भी चल रहे थे। आग इतनी भयावह थी कि पूरे शहर में हड़कंप मच गया था। जांच में सामने आया कि भवन का निर्माण नियमों के विपरीत किया गया था और सुरक्षा मानकों का भी पालन नहीं किया गया था।
भवन मालिक समेत चार आरोपी जेल में
इस मामले में भवन स्वामी वीरेंद्र प्रसाद शुक्ल समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। वहीं एक अन्य आरोपी सुरेंद्र प्रसाद शुक्ल अभी भी फरार है। उसकी गिरफ्तारी पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। SIT ने जांच के दौरान घटनास्थल का दो बार निरीक्षण किया।
इसके अलावा कई अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित लोगों के बयान भी दर्ज किए गए। अब रिपोर्ट शासन को सौंपे जाने के बाद कार्रवाई का अगला चरण शुरू होने की संभावना है।फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि रिपोर्ट में जिन अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की गई है, उनके खिलाफ सरकार क्या फैसला लेती है।














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