'सफर शुरू होने से पहले ही', लखनऊ अग्निकांड से क्यों टूटे सोनू सूद, नम आंखों से बयां किया अपना सबसे बड़ा अफसोस
Sonu Sood Reaction on Lucknow Coaching Fire Tragedy: लखनऊ के अलीगंज में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर दिया है। जिस इमारत में युवा अपने करियर और बेहतर भविष्य के सपने लेकर रोज पहुंचते थे, वही इमारत कुछ ही मिनटों में मौत के जाल में बदल गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें ज्यादातर युवा थे, जिनकी उम्र 20 से 30 साल के बीच बताई जा रही है।
इस हादसे की खबर जब अभिनेता सोनू सूद तक पहुंची तो वह भी खुद को भावुक होने से नहीं रोक पाए। हमेशा जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे रहने वाले सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा करते हुए उन परिवारों के प्रति संवेदना जताई, जिन्होंने इस हादसे में अपने बच्चों को खो दिया।

सोमवार 22 जून दोपहर करीब 2:30 बजे लखनऊ के अलीगंज इलाके में स्थित दो मंजिला इमारत में अचानक आग लग गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग एसी ब्लास्ट के बाद फैली और देखते ही देखते पूरी बिल्डिंग धुएं और लपटों से घिर गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इमारत में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं थी और छत तक जाने वाला रास्ता भी बंद था। यही वजह रही कि कई लोग अंदर ही फंस गए और बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। मंगलवार (23 जून) सुबह एसआईटी और फोरेंसिक टीम घटनास्थल पर पहुंची। जांच टीम में आईपीएस प्रवीण कुमार और आईएएस अमृत अभिजात शामिल हैं।
सोनू सूद को किस बात ने सबसे ज्यादा दुखी किया?
सोनू सूद ने अपने संदेश में सबसे ज्यादा उन युवाओं का जिक्र किया, जिनकी जिंदगी अभी शुरू ही हुई थी। उन्होंने कहा कि यह सोचकर दिल टूट जाता है कि जिन बच्चों ने अभी अपने सपनों की उड़ान भरना भी शुरू नहीं किया था, वे हमेशा के लिए इस दुनिया से चले गए।
सोनू सूद ने लिखा,
''एक कक्षा बच्चों के सपनों को उड़ान देने की जगह होनी चाहिए, उनकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव नहीं। लखनऊ अग्निकांड की खबर ने दिल तोड़ दिया है। इतनी सारी युवा जिंदगियां, इतने सारे सपने,भविष्य के अधिकारी, कलाकार, नेता और बदलाव लाने वाले वे बच्चे, जिनका सफर ठीक से शुरू भी नहीं हो पाया और हमेशा के लिए थम गया। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खो दिया, उनके दर्द को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। मेरी संवेदनाएं उन सभी परिवारों के साथ हैं और उन लोगों के लिए भी मेरी प्रार्थनाएं हैं, जो इस त्रासदी से उबरने की कोशिश कर रहे हैं। इन बच्चों के लिए सिर्फ आंसू बहाना काफी नहीं है। हम उनके प्रति यह जिम्मेदारी निभाएं कि उन्हें सुरक्षित माहौल मिले, सुरक्षा के मजबूत इंतजाम हों और भविष्य में ऐसी दर्दनाक घटनाएं दोबारा कभी न हों।''
लखनऊ अग्निकांड में अब तक क्या-क्या सामने आया?
जांच में यह भी सामने आया है कि जिस इमारत में आग लगी, उसे लेकर पहले भी कार्रवाई की बात उठ चुकी थी। जानकारी के अनुसार 2016 में इस भवन को गिराने का आदेश दिया गया था, जिसे बाद में निरस्त कर दिया गया।
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भवन मालिक को नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर जवाब मांगा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर भवन पर बुलडोजर कार्रवाई की जाएगी।
इमारत रामेश्वरम इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट कॉलेज के मालिक वीरेंद्र शुक्ला की बताई जा रही है। पुलिस ने गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर वीरेंद्र शुक्ला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं एलडीए के छह अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है और 14 अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई की संभावना जताई जा रही है।
सिर्फ हादसा नहीं, अधूरे सपनों की कहानी
लखनऊ अग्निकांड सिर्फ एक आग की घटना नहीं है। यह उन सपनों की कहानी है जो पूरे होने से पहले ही खत्म हो गए। कोई नौकरी में आगे बढ़ना चाहता था, कोई परिवार की उम्मीद था, तो कोई अपने भविष्य को बेहतर बनाने की तैयारी कर रहा था।
शायद यही वजह है कि इस हादसे ने आम लोगों के साथ-साथ सोनू सूद जैसे संवेदनशील कलाकार को भी भीतर तक झकझोर दिया। उनका दर्द भरा संदेश इस बात की याद दिलाता है कि किसी भी लापरवाही की कीमत कभी-कभी पूरी जिंदगी से चुकानी पड़ती है।














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