लोकसभा चुनाव 2024 : 5 राज्यों के चुनावी नतीजे तय करेंगे गठबंधन पर Congress का रुख? जानिए इसकी वजहें
लोकसभा 2024 को लेकर बनने वाले गैर बीजपेी गठबंधन में कांग्रेस शामिल होगी या नहीं इसको लेकर अभी इंतजार करना होगा। कांग्रेस पांच राज्यों के चुनावी नतीजों के बाद ही इसपर मुहर लगाएगी।
UPCC president Brijlal Khabri: देश में अगले साल में होने वाले लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस इस बार काफी सतर्क नजर आ रही है। 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन के मुद्दे पर कांग्रेस में अंदरखाने काफी मतभेद चल रहे हैं चाहे वह समाजवादी पार्टी-राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन के साथ हो या वैकल्पिक रूप से बसपा के साथ। हालांकि, कांग्रेस गठबंधन को लेकर अभी वेट-एंड-वाच की भूमिका में रहना चाहती है।
पांच राज्यों के प्रदर्शन के बाद बढ़ सकती है बारगेनिंग पावर
आने वाले महीनों में जिन पांच राज्यों में चुनाव होने हैं उनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम शामिल हैं। कांग्रेस के नेताओं का मानना है कि यदि कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करती है तो उसकी बारगेनिंग की पावर बढ़ जाएगी।

बसपा के साथ गठबंधन चाहती है कांग्रेस?
भाजपा के खिलाफ विपक्ष में एकजुटता की कोशिशों के बीच कांग्रेस में बसपा के साथ संभावित गठबंधन के पक्ष में झुकाव दिखाई दे रहा है। हालांकि इस स्तर पर सपा के साथ गठबंधन से भी इनकार नहीं किया जा रहा है।
सपा के साथ गठबंधन को लेकर अंदरखाने मतभेद
एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने कहा कि कि हम बसपा के साथ गठबंधन के पक्ष में अंदरखाने बदलाव महससू किया जा रहा है। इससे पहले कांग्रेस को मुसलमानों को लुभाने के लिए समाजवादी पार्टी के साथ गठबंधन की जरूरत थी। इस बार मुस्लिमों का झुकाव कांग्रेस की ओर दिख रहा है। इसलिए पार्टी बसपा के पक्ष में झुकाव के साथ दोनों विकल्प खुले रख सकती है। आने वाले महीनों में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के प्रदर्शन पर बहुत कुछ निर्भर करेगा।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष निर्मल खत्री कहते हैं कि,
समाजवादी पार्टी और बसपा की धर्मनिरपेक्ष साख सवालों के घेरे में है। ये दोनों पार्टियां बीजेपी के दबाव में काम कर रही हैं। इसलिए कांग्रेस को 2024 के लोकसभा चुनाव में इन पार्टियों के साथ किसी गठबंधन की जरूरत नहीं है।
80 लोकसभा सीटों को ध्यान में रखकर कांग्रेस कर रही तैयारी
यूपीसीसी अध्यक्ष बृजलाल खाबरी ने लगातार कहा है कि राज्य पार्टी सभी 80 लोकसभा सीटों के लिए तैयारी कर रही है और गठबंधन के बारे में पार्टी नेतृत्व को फैसला लेना है। अधिकांश अन्य पार्टी नेता इस बात पर अड़े हुए हैं कि बहुत कुछ पांच राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों के नतीजे पर निर्भर करेगा।
पांच राज्यों के चुनावी नतीजों का इंतजार
पार्टी के एक नेता कहते हैं कि, "अगर कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन करती है और पांच राज्यों में से तीन में चुनाव जीतती है, तो उसके पास बेहतर सौदेबाजी की शक्ति होगी। इसलिए, गठबंधन का मुद्दा विधानसभा चुनाव नतीजों के बाद सामने आएगा।"
पिछले चुनावों में ये रहा कांग्रेस का प्रदर्शन
2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी को 6.25 प्रतिशत वोट मिले थे, जब पार्टी ने एसपी के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा था। 2019 के लोकसभा चुनाव में उसे 6.36 फीसदी वोट मिले। हालांकि 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में पार्टी को केवल 2.33 प्रतिशत वोट मिले। 2024 के लोकसभा चुनाव में अपना प्रदर्शन सुधारने के लिए जाहिर तौर पर उसे एक गठबंधन सहयोगी की जरूरत है।
वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक और काशी हिन्दू विश्व विद्यालय में राजनीति विभाग में प्रोफेसर रहे अरविंद कुमार कहते हैं कि,
उत्तर प्रदेश में गठबंधन कांग्रेस के हित में होगा। विपक्षी दलों के बीच एकजुटता की कोशिशों के बीच नेतृत्व का मुद्दा गठबंधन के आड़े आ रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और बसपा प्रमुख मायावती शायद कांग्रेस को नेतृत्व की भूमिका में देखना पसंद नहीं करेंगे। हालांकि अगर कांग्रेस आगामी विधानसभा चुनावों में कर्नाटक जैसा प्रदर्शन दोहराती है तो वह सौदेबाजी करने की बेहतर स्थिति में हो सकती है। इसलिए, राज्य विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद गठबंधन आकार ले सकता है।












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