लखीमपुर बवाल में मारे गए पत्रकार के भाई का बड़ा आरोप, 'किसानों को दोषी ठहराने के लिए दबाव'

लखनऊ, 7 अक्टूबर। लखीमपुर खीरी में रविवार को हुई हिंसा में 4 किसानों समेत 8 लोग मारे गए थे। इन 8 लोगों में एक नाम स्थानीय पत्रकार रमन कश्यप का है जो स्थानीय चैलन के लिए रिपोर्टिंग करते थे और इसी सिलसिले में वहां गए हुए थे जब दर्दनाक कांड में अपनी जान गंवा बैठे। रमन के परिजनों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के बेटे और उनके साथियों के ऊपर हत्या करने का आरोप लगाया था लेकिन अब उनके भाई का कहना है कि उनके ऊपर रमन की हत्या के लिए किसानों को जिम्मेदार ठहराने के लिए दबाव है।

Lakhimpur Kheri

टाइम्स ऑफ इंडिया को रमन के भाई पवन ने बताया कि उन्होंने और उनके पिता ने हर जगह एक ही बयान दिया है कि उनके भाई को केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा के काफिले ने कुचल दिया और गोली मारी गई थी। लेकिन अब कई मीडिया वाले उनसे सवाल जवाब कर रहे हैं ताकि हम ये कहें कि रमन की मौत किसानों के पीटने से हुई है।

खुद को बताया किसान परिवार का
इसके पहले भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पहले ही कहा है कि रमन कश्यप की गिनती किसान आंदोलन के शहीदों में की जाएगी। इस पर पवन ने कहा कि मेरा भाई पत्रकार था लेकिन हमारा परिवार किसान परिवार है। जो टिकैत ने कहा वह सही कहा है। मुझे अपनी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिली है। मुझे बताया गया है कि इसकी एक प्रक्रिया है कि हमारी शिकायत को दूसरी एफआईआर से जोड़ा जाएगा जो पहले से ही दर्ज की गई है।

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    मीडिया पर आरोप
    इसके पहले रमन कश्यप के भाई पवन का मीडिया के खिलाफ आरोप लगाते हुए एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था। इस वीडियो में पवन मीडिया पर आरोप लगाते हुए कह रहे हैं कि वे मेरे मुंह से कहलवाना चाह रहे हैं कि किसानों ने उसे पीटकर मार डाला। वह आगे कहते हैं कि हमने कहा कि ऐसा नहीं हुआ है लेकिन इस मामले पर राजनीति खत्म नहीं हो रही है।

    वह वीडियो में आगे कहते हैं कि एक पत्रकार मेरे पास आया और कहने लगा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट बताती है कि रमन की मौत लाठी से पिटाई के चलते हुई है। मैने उससे बहस की तो उसने कहा कि मैं पत्रकार का भाई हूं इसलिए वह मुझसे इतने अच्छे से बात कर रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी नहीं आई है और वे स्टोरी बना रहे हैं। मैं पोस्टमार्टम हाउस में था। मैने चोटों के निशान देखे हैं। उसे लाठी से नहीं पीटा गया था।

    जब पवन से पूछा गया कि आखिर ये लाठी वाली थ्योरी कहां से आई तो उन्होंने कहा कि ये व्हाट्सएप फारवर्ड चल रहा है जिसके बाद ये सवाल पूछे जा रहे हैं।

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