Krishna Mohan Caste: किस जाति से हैं राम मंदिर ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन? चंपत राय की जगह ये क्यों
Krishna Mohan Caste: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले के बाद श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार होने के बाद रिटायर्ड आईएफएस अधिकारी कृष्ण मोहन को कार्यवाहक महासचिव बनाया गया है।
उनके चयन के साथ ही एक और चर्चा तेज हो गई है कि आखिर कृष्ण मोहन किस सामाजिक पृष्ठभूमि से आते हैं और ट्रस्ट ने उन्हें यह जिम्मेदारी क्यों सौंपी।

कृष्ण मोहन किस जाति से आते हैं?
कृष्ण मोहन अनुसूचित जाति (दलित) समुदाय से आते हैं। उन्हें श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दिवंगत ट्रस्टी कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद सदस्य बनाया गया था। कामेश्वर चौपाल भी बिहार के दलित समाज का प्रतिनिधित्व करते थे। ऐसे में कृष्ण मोहन (Krishna Mohan Ram Mandir Trust) के चयन को ट्रस्ट में दलित समाज के प्रतिनिधित्व को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि ट्रस्ट ने उनकी नियुक्ति का आधार उनके प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक क्षमता को बताया है।
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आईएफएस अधिकारी से राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव तक का सफर
मूल रूप से यूपी के हरदोई जिले के रहने वाले कृष्ण मोहन भारतीय वन सेवा (IFS) के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं। उन्हें महाराष्ट्र कैडर मिला था और उन्होंने लंबे समय तक प्रशासनिक जिम्मेदारियां निभाईं। सरकारी सेवा के दौरान उन्हें ईमानदार और अनुभवी अधिकारी के रूप में जाना जाता रहा। सेवानिवृत्ति के बाद वे राम मंदिर ट्रस्ट की गतिविधियों से जुड़े और अब कार्यवाहक महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। ट्रस्ट का मानना है कि मौजूदा हालात में उनका प्रशासनिक अनुभव काफी उपयोगी साबित होगा।
चढ़ावा चोरी के बाद मिली सबसे बड़ी जिम्मेदारी
राम मंदिर में चढ़ावा चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे। इसी बीच महासचिव चंपत राय का इस्तीफा स्वीकार किया गया और कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव बनाया गया। ट्रस्ट की बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति बनी। उन्हें नए स्थायी महासचिव की नियुक्ति तक यह जिम्मेदारी दी गई है। उनकी सबसे बड़ी चुनौती ट्रस्ट के कामकाज को सामान्य करना, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और श्रद्धालुओं का भरोसा फिर से कायम करना होगा।
ट्रस्ट की छवि सुधारना होगी पहली परीक्षा
कार्यभार संभालने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि हाल की घटनाओं से ट्रस्ट की छवि प्रभावित हुई है और समाज में अविश्वास का माहौल बना है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रबंधन की कमियों को दूर किया जाएगा और ऐसी व्यवस्था बनाई जाएगी जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का विश्वास लौटाना और ट्रस्ट की साख को मजबूत करना उनकी सबसे बड़ी प्राथमिकता रहेगी।
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दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई, व्यवस्था में होंगे सुधार
कृष्ण मोहन ने स्पष्ट कहा कि चढ़ावा चोरी के मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून और न्याय के अनुसार सख्त कार्रवाई की मांग पर ट्रस्ट कायम रहेगा। उन्होंने माना कि प्रबंधन में कुछ कमियां थीं, जिनका फायदा उठाया गया। इसलिए सुरक्षा, निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक सुधार किए जाएंगे। उनका कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा, ताकि राम भक्तों का विश्वास पूरी तरह बहाल हो सके।












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