Priyanka Chaturvedi जिंदल यूनिवर्सिटी में बनीं टीचर, क्या राजनीति से ले लिया है संन्यास?
शिवसेना (UBT) की प्रियंका चतुर्वेदी अब संसदी से रिटायरमेंट के बाद विश्वविद्यालय के क्लासरूम में नजर आएंगी। प्रियंका चतुर्वेदी मशहूर ओ.पी. जिंदल ग्लोबल यूनिवर्सिटी (JJU) में टीचिंग करेंगी। यनिवर्सिटी ने उन्हें 'डिस्टिंग्विश्ड विजिटिंग फेलो' (Distinguished Visiting Fellow) के रूप में अपने साथ जोड़ा है।
अपनी इस नई भूमिका में प्रियंका चतुर्वेदी विश्वविद्यालय के दो प्रमुख स्कूलों- 'जिंदल स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स' (JSIA) और 'जिंदल स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स एंड ह्यूमैनिटीज' (JSLAH) के छात्रों को पढ़ाएंगी। वह छात्रों को नीति बनाने, जनता से बातचीत करने और राजनीति में लोगों के व्यवहार को समझने जैसी बातें अपने अनुभव के आधार पर सिखाएंगी। उनका मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को व्यावहारिक राजनीति की बारीकियों से रूबरू कराना है।

प्रियंका चतुर्वेदी के इस फैसले के बाद कयास लगाया जा रहा है कि उन्होंने सक्रिय राष्ट्रीय राजनीति को पूरी तरह अलविदा कह दिया है। इतना ही नहीं ट्रोलर्स ने उनके राजनीतिक करियर समाप्त होने के दावे कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर यह दावा किया जाने लगा कि राज्यसभा सांसद के तौर पर कार्यकाल समाप्त होने के बाद उन्हें किसी राजनीतिक दल की ओर से नए अवसर नहीं मिल रहे हैं, जिसके कारण उन्होंने टीचिंग की राह चुनी है।

हालांकि इन तमाम आलोचनाओं और ट्रोलिंग पर पलटवार करते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी स्थिति बिल्कुल साफ कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि चुनावी राजनीति से दूर रहने या संन्यासी बनने का उनका कोई इरादा नहीं है।
'सपने में भी नहीं...' राजनीति छोड़ने पर शिवसेना नेता का तीखा जवाब
इस पूरे मामले पर अपने तीखे तेवर दिखाते हुए शिवसेना नेता ने साफ कर दिया कि वह विपक्षियों की बातों से विचलित होने वाली नहीं हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा कि उनके राजनीतिक संन्यास का दावा पूरी तरह हास्यास्पद है। प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि जो जगह उन्होंने संघर्ष करके हासिल की है, उससे पीछे हटने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने लिखा कि राजनीति से संन्यास लेने के बारे में तो वह कभी सपने में भी नहीं सोच सकतीं।
प्रियंका ने आलोचकों को दिया करारा जवाब?
प्रियंका ने राजनीति में अपने सफर का जिक्र करते हुए ट्रोल करने वालों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनका नया काम उन सभी के चेहरे पर एक करारा जवाब है जो केवल अफवाहें फैलाने और नकारात्मकता का माहौल बनाने में जुटे थे। उन्होंने साफ किया कि केवल संसद में बने रहने की आपाधापी में शामिल होना उनकी प्राथमिकता में नहीं है। वह राजनीति में सक्रिय रहते हुए देश के नीतिगत विकास में भी रचनात्मक भूमिका निभाती रहेंगी।

डॉ. शशि थरूर का भी किया जिक्र
अपनी नई शैक्षणिक और नीतिगत पारी की पृष्ठभूमि साझा करते हुए शिवसेना नेता ने कांग्रेस के दिग्गज सांसद डॉ. शशि थरूर का भी विशेष जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वह ओआरएफ के प्रतिष्ठित एशियन फोरम ऑन ग्लोबल गवर्नेंस (AFGG) कार्यक्रम की पूर्व छात्रा रही हैं। जब वह इस कार्यक्रम का हिस्सा थीं, तब डॉ. शशि थरूर इसके डीन थे। उनके मार्गदर्शन में ही प्रियंका ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति, वैश्विक मामलों और लोक नीति पर गंभीर स्टडी की थी।
अपनी भविष्य की नई योजनाओं से पर्दा उठाते हुए प्रियंका चतुर्वेदी ने घोषणा की कि वह जल्द ही एक नई बुक भी लिखने जा रही हैं, जो उनके दीर्घकालिक अनुभवों पर आधारित होगी। इसके अलावा, वह अपने यूट्यूब चैनल और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से पहले की तरह ही जनता और समर्थकों के सामने अपनी बात रखती रहेंगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि मीडिया में उनके फैसलों को लेकर की जाने वाली अटकलें बेबुनियाद हैं और उनका कोई आधार नहीं है।












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