UP News: 72 घंटे के सन्नाटे में दबीं 5 लाशें, दरवाजा टूटते ही कांप उठी रूह! 3 बच्चों समेत परिवार का अंत
UP News: उत्तर प्रदेश के कासगंज के अमांपुर में एक बंद कमरे से निकली खौफनाक खामोशी ने पूरे इलाके को रुला दिया... 72 घंटे का सन्नाटा, कोई आवाज नहीं, कोई हलचल नहीं, बस मौत के बाद की खामोशी। फिर जब पुलिस ने दरवाजा तोड़ा, तो जो मंजर सामने आया, वो किसी का भी दिल चीर देने वाला था।
एक ही परिवार के पांच लोग (पिता, मां और तीन छोटे-छोटे बच्चे) हमेशा के लिए खामोश हो चुके थे। ये वो परिवार था, जो कल तक हंसता-खेलता दिखता था, लेकिन अंदर से क्या-क्या तूफान झेल रहा था, किसी को पता नहीं चला। दिल दहल जाता है सोचकर... आखिर क्या हुआ था उन तीन दिनों में?

Kasganj Family Tragedy: घटना का पूरा सच, कैसे उजड़ा एक पूरा परिवार?
कासगंज (Kasganj) जिले के अमांपुर कस्बे (Amanpur) में एटा रोड पर किराए के मकान में रहते थे श्यामवीर सिंह उर्फ सत्यवीर (50 वर्ष), जो वेल्डिंग का काम करते थे। उनके साथ पत्नी रामश्री/शीला (48 वर्ष), दो बेटियां प्राची (12 वर्ष) और आकांक्षा/अमरवती (10 वर्ष), और छोटा बेटा गिरीश (8-9 वर्ष) थे। बाहर से सब सामान्य लगता था-मेहनती पिता, प्यारी मां, पढ़ाई करने वाले मासूम बच्चे। लेकिन पिछले 2-3 दिनों से दुकान बंद, घर का दरवाजा लॉक, कोई बाहर नहीं निकला। पड़ोसियों को लगा शायद कहीं गए होंगे, लेकिन जैसे-जैसे घंटे बीतते गए, दिल में डर घर करने लगा।
21 फरवरी की शाम करीब 6:30 बजे एक ग्राहक दुकान पर पहुंचा, बंद मिली। घर जाकर आवाज लगाई, कोई जवाब नहीं। पीछे की जाली से झांककर देखा तो दिल धक रह गया-अंदर सत्यवीर का शव फंदे पर लटका हुआ था। बिस्तर पर पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े थे। पुलिस को सूचना मिली, टीम पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था, कोई जबरन घुसने के निशान नहीं। पुलिस ने छेनी-हथौड़े से दरवाजा तोड़ा और अंदर दाखिल हुई। वो दृश्य... रूह कांप जाती है।
Kasganj Five Family Member Dead: क्या हुआ था उन तीन दिनों में?
प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि ये हत्या के बाद आत्महत्या का मामला लग रहा है। बच्चों को पहले जहरीला पदार्थ (संभावित जहर) खिलाकर मार डाला गया। पत्नी का गला रेता गया (गले पर गहरे निशान मिले, कुछ रिपोर्ट्स में चाकू या धारदार हथियार का जिक्र)। बच्चों के मुंह से झाग और खून निकल रहा था। अंत में सत्यवीर ने खुद फांसी लगा ली।
एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि दरवाजे अंदर से बंद थे, कोई फोर्स एंट्री नहीं। प्रथम दृष्टया लगता है कि सत्यवीर ने ही परिवार की हत्या की और फिर फांसी लगा ली। लेकिन सभी पहलुओं की जांच हो रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य, मोबाइल कॉल डिटेल्स और रिश्तेदारों से पूछताछ जारी है। DIG प्रभाकर चौधरी भी मौके पर पहुंचे।
क्यों उठाया इतना भयावह कदम? अनकहे दर्द की कहानी
पड़ोसी कहते हैं कि परिवार सामान्य था, कोई बड़ा झगड़ा नहीं दिखता था। बच्चे पढ़ाई में अच्छे थे, सत्यवीर मेहनती थे। लेकिन बाहर से दिखने वाले चेहरे अक्सर झूठ बोलते हैं। क्या वजह थी?
- आर्थिक तंगी या कर्ज का बोझ?
- पारिवारिक तनाव या मानसिक अवसाद?
- कोई छिपी हुई पीड़ा जो कभी किसी से नहीं बांटी गई?
ये सवाल अभी अनुत्तरित हैं, लेकिन ये घटना याद दिलाती है कि कई बार इंसान अंदर से इतना टूट जाता है कि वो सबसे प्यारे लोगों को भी साथ ले जाना चाहता है। तीन मासूम बच्चों की वो छोटी-छोटी हंसी, मां की गोद, पिता का प्यार... सब कुछ एक पल में खत्म।
Kasganj Case News Update: इलाके में मातम: लोग रो रहे हैं, सवाल पूछ रहे हैं
अमांपुर में शोक की लहर है। लोग कह रहे हैं कि अगर कोई परेशानी थी, तो क्या कोई और रास्ता नहीं था? मदद मांगने से डर क्यों? अब सबकी नजर पोस्टमार्टम और जांच पर है। ये सिर्फ एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी है-अनकहे दर्द को समय रहते सुनो, क्योंकि कभी-कभी सन्नाटा बहुत खतरनाक होता है।
दिल टूट जाता है सोचकर... तीन मासूमों की वो मासूमियत, मां की वो ममता, पिता का वो संघर्ष-सब कुछ हमेशा के लिए खामोश। काश, कोई उन्हें रोक पाता। Oneindia Hindi अपील करता है कि अगर आप या कोई जानने वाला ऐसी स्थिति में है, तो मदद मांगिए-1098 (चाइल्डलाइन), 112 (पुलिस) या किसी भरोसेमंद से बात कीजिए। जिंदगी की कीमत समझिए...
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