UP Zero Tolerance Impact: UP में 'जीरो टॉलरेंस' से अपराध पर वार! 2 साल में 8,785 को उम्रकैद-70 को फांसी
Uttar Pradesh Zero Tolerance Policy Impact: उत्तर प्रदेश पुलिस ने अपराध के खिलाफ अपनी सख्त कार्रवाई को फोकस करते हुए पिछले दो वर्षों में 8,785 दोषियों को आजीवन कारावास और 70 को मौत की सजा सुनाए जाने की जानकारी दी।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लखनऊ में आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव कृष्ण ने कहा कि यह आंकड़ा अपराध और भ्रष्टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' नीति का परिणाम है।

क्या बोले डीजीपी?
डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि 1 जुलाई 2023 से अब तक 1 लाख से अधिक लोगों को विभिन्न अपराधों में दोषी ठहराया गया है। इनमें 8,785 को उम्रकैद और 70 को फांसी की सजा दी गई। उन्होंने कहा, 'ये आंकड़े अपराध के खिलाफ हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।' इसके अलावा, 2017 से अब तक 34 माफिया सरगनाओं और उनके 91 सहयोगियों को सजा सुनाई गई, जिनमें दो को मौत की सजा मिली। गैंगस्टर एक्ट के तहत 14,400 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति जब्त की गई है।
मिशन शक्ति और तकनीकी पुलिसिंग
डीजीपी ने 'मिशन शक्ति' की सफलता पर जोर देते हुए कहा कि यह अभियान महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण में गेम-चेंजर साबित हुआ है। उन्होंने तकनीक आधारित पुलिसिंग और सामुदायिक जुड़ाव को प्राथमिकता बताया, जिससे नागरिकों में सुरक्षा की भावना बढ़ी है। उत्तर प्रदेश-112 आपातकालीन सेवा को देश में सर्वश्रेष्ठ बताते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर ने 1 जनवरी 2023 से अब तक 1,257 आत्महत्या से संबंधित पोस्ट्स का जवाब देकर इतने लोगों की जान बचाई है। इसे उन्होंने वैश्विक स्तर का सर्वश्रेष्ठ अभ्यास करार दिया।
पुलिस कर्मियों का सम्मान
इस वर्ष 17 पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति वीरता पदक, 6 को विशिष्ट सेवा पदक, 72 को सराहनीय सेवा पदक, 763 को उत्कृष्ट सेवा पदक और 486 को अन्य प्रशस्ति पत्रों से सम्मानित किया गया। डीजीपी ने बताया कि 60,244 नए कांस्टेबलों को 'हाइब्रिड मोड' में प्रशिक्षित किया जा रहा है, जिसमें साइबर अपराध जांच, एआई टूल्स और सिमुलेशन-आधारित निर्णय लेने का प्रशिक्षण शामिल है।
माफिया और अपराध पर नकेल
डीजीपी ने उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल (STF), आतंकवाद निरोधी दस्ते, मादक द्रव्य निरोधी कार्य बल और जिला पुलिस की सराहना की, जिन्होंने आपराधिक नेटवर्क को ध्वस्त करने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने पुलिस की 10 प्रमुख प्राथमिकताओं का जिक्र किया, जिनमें महिलाओं का सशक्तिकरण, नागरिक शिकायतों का त्वरित समाधान और संवेदनशील पुलिसिंग शामिल हैं।
2047 तक वैश्विक मानक का लक्ष्य
डीजीपी ने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस का लक्ष्य 2047 तक आधुनिक, संवेदनशील और सशक्त पुलिसिंग का वैश्विक मानक स्थापित करना है। उन्होंने इसे 'मुस्कुराता, आत्मविश्वास से भरा और सुरक्षित नागरिक' के मापदंड से जोड़ा।
एक झलक में सबकुछ
- 2 साल में 8,785 को उम्रकैद, 70 को फांसी।
- गैंगस्टर एक्ट के तहत 14,400 करोड़ की संपत्ति जब्त।
- मिशन शक्ति से महिलाओं में बढ़ी सुरक्षा की भावना।
- UP-112 और सोशल मीडिया सेंटर ने बचाईं 1,257 जिंदगियां।
- 60,244 कांस्टेबलों को हाई-टेक प्रशिक्षण।
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