IAS Indrajeet Singh कौन हैं? 'कूड़े का पहाड़' हटाकर लखनऊ को बनाया देश का तीसरा सबसे साफ शहर

IAS Indrajeet Singh Profile: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब देश का तीसरा सबसे साफ शहर बन गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में शहर ने 41वें से तीसरे स्थान की छलांग लगाई, और इस कमाल के पीछे हैं- 2016 बैच के आईएएस अधिकारी इंद्रजीत सिंह। उनकी मेहनत, सादगी और जमीनी स्तर पर काम करने का जुनून लखनऊ को नई ऊंचाइयों पर ले गया।

17 जुलाई 2025 को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली में लखनऊ नगर निगम को सम्मानित किया, जहां यह पुरस्कार नगर विकास मंत्री एके शर्मा, महापौर सुषमा खड़कवाल और पूर्व नगर आयुक्त इंद्रजीत सिंह ने ग्रहण किया।

Who is IAS Indrajeet Singh

Who is IAS Indrajeet Singh: कौन हैं इंद्रजीत सिंह?

पंजाब के विशालपुर के रहने वाले इंद्रजीत सिंह 2016 बैच के यूपी कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। उनके पिता वायुसेना में थे, इसलिए उनकी पढ़ाई तेजपुर, पुणे और पठानकोट के केंद्रीय विद्यालयों में हुई। पंजाब यूनिवर्सिटी से बीएससी और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी से अप्लाइड फिजिक्स में एमएससी करने वाले इंद्रजीत ने अपनी क्लास में टॉप किया था। बैंक में प्रोबेशनरी ऑफिसर और मैसूर में सहायक भविष्य निधि आयुक्त के तौर पर काम करने के बाद उन्होंने यूपीएससी का रास्ता चुना। पांचवें प्रयास में, भौतिकी से समाजशास्त्र में स्विच करने के बाद, उन्होंने यूपीएससी क्रैक किया और आईएएस बन गए।

लखनऊ में कैसे किया कमाल?

2022 से 2024 तक लखनऊ के नगर आयुक्त रहते हुए इंद्रजीत सिंह ने शहर की सूरत बदल दी। उनके कुछ बड़े काम:-

  • 'कूड़े का पहाड़' हटाया: लखनऊ के शिवरी इलाके में कचरा प्रोसेसिंग यूनिट शुरू कर कूड़े के ढेर खत्म किए। इससे कचरा प्रबंधन में क्रांति आ गई।
  • कर्मचारियों की सैलरी समय पर: पहले नगर निगम कर्मचारियों को सैलरी 20 तारीख तक मिलती थी, लेकिन इंद्रजीत ने इसे हर महीने की 1 से 5 तारीख के बीच सुनिश्चित किया।
  • टैक्स कलेक्शन में सुधार: हाउस टैक्स वसूली को बढ़ाकर नगर निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत की।
  • जनता का भरोसा जीता: डिजिटल मॉनिटरिंग, नियमित सफाई और जागरूकता अभियानों से लखनऊवासियों की सोच बदली और वे स्वच्छता अभियान का हिस्सा बने।

इन कोशिशों की बदौलत लखनऊ ने स्वच्छ सर्वेक्षण में अहमदाबाद और भोपाल के बाद तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि इंदौर और सूरत को 'सुपर स्वच्छ लीग' में रखा गया।

सादगी और मेहनत की मिसाल

इंद्रजीत सिंह की सादगी और ईमानदारी की सोशल मीडिया पर खूब तारीफ होती है। एक बार बीजेपी पार्षद की टिप्पणी से नाराज होकर वह सदन छोड़कर चले गए थे, जिससे उनकी सख्त और सैद्धांतिक छवि उभरी। मौजूदा नगर आयुक्त गौरव कुमार ने लखनऊ के कायाकल्प का श्रेय इंद्रजीत को देते हुए उन्हें असली हकदार बताया।

अब नई जिम्मेदारी

अब इंद्रजीत सिंह यूपी के ऊर्जा विभाग में विशेष सचिव और यूपी नेडा व उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के प्रबंध निदेशक हैं। वह हरित ऊर्जा और टिकाऊ विकास को बढ़ावा देने में जुटे हैं, और वही जुनून दिखा रहे हैं जो लखनऊ में दिखाया था।

पहले भी दिखाई मेहनत

लखनऊ से पहले, इंद्रजीत ने गोरखपुर में मुख्य विकास अधिकारी के तौर पर कोविड-19 के दौरान हर गांव के 15 सबसे गरीब परिवारों को 100 दिन का रोजगार देने का अनोखा प्रोग्राम चलाया। बिजनौर और इटावा में भी उनकी जमीनी पहलें चर्चित रहीं।

क्या बनाता है खास?

इंद्रजीत सिंह सिर्फ अधिकारी नहीं, बल्कि एक सुधारक हैं। उनकी मेहनत, सादगी और जनता से जुड़ाव ने उन्हें यूपीएससी उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा बना दिया है। लखनऊ की स्वच्छता में उनकी भूमिका को शहरवासी और सहकर्मी हमेशा याद रखेंगे। लखनऊ को तीसरा सबसे साफ शहर बनाने में इंद्रजीत सिंह का योगदान एक मिसाल है, जो बताता है कि सच्ची मेहनत और ईमानदारी से कोई भी शहर चमक सकता है।

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