दंगा भड़काने से पहले मर जाना पसंद करुंगा: आजम खान
लखनऊ। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में हिंसा और दंगे के बाद सामने आई स्टिंग आपरेशन ने ना केवल उत्तर प्रदेश सरकार की मुसिबतें बढ़ा दी है बल्कि स्टिंग ऑपरेशन में यूपी के कई नेताओं की सही चेहरे सामने ला दी है। स्टिंग ऑपरेशन में हुए खुलासे के बाद सबसे ज्यादा जिनकी परेशानी बढ़ी है वो यूपी के नागरिक विकास मंत्री आजम खान है। सपा सुपीमों मुलायम सिंह के करीबी और यूपी की राजनीति में सबसे बड़ा मुस्लिम चेहरा आजम खान हिंसा पर हुए खुलासे के आरोपों के घेरे में आ गए है।
स्टिंग ऑपरेशन के मुताबिक हिंसाग्रस्त इलाके में तैनात रहे पुलिस अधिकारियों कैमरे के सामने कहते नजर आ रहे थे कि कवाल में हुई शुरुआती हिंसा के बाद डबल मर्डर के 7 आरोपियों को अरेस्ट कर लिया गया था, मगर लखनऊ से आजम नाम के नेता के फोन के बाद उन लोगों को छोड़ना पड़ा था। इस खुलासे के बाद विपक्षी दलों ने आजम को बर्खास्त करने की मांग की है।

हलांकि अपनी सफाई में आजम खान एक से बढ़कर एक दलील पेश कर रहे है। इसपर आजम ने सफाई देते हुए कहा है कि मुजफ्फरनगर दंगे में उनका कोई हाथ नहीं है। दंगा भड़काने से पहले मर जाना पसंद करूंगा। स्टिंग आपरेशन को फर्जी करार देते हुए आजम इसे विरोधियों की चाल करार दे रहे है।
वहीं इस दंगे पर हुए नए खुलासे ने अखिलेश सरकार की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मुजफ्फरनगर दंगे को लेकर चौतरफा घिरी उत्तर प्रदेश सरकार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। मुजफ्फरनगर में कैंप करके मुस्तैदी से काम करते दिखे अपर पुलिस महानिदेशक ,कानून-व्यवस्था अरुण कुमार ने यूपी छोड़ने की इच्छा जताई है। वो छुट्टी पर चले गए हैं, उन्होंने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया है।












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