बरेली में मदरसे के दरवाजे से वापस लौटे श्रीश्री रविशंकर, जानिए क्यों?
बरेली। अयोध्या मुद्दे पर आम राय बनाने के मकसद से पहुंचे धर्मगुरु रविशंकर को उस समय शर्मसार होना पड़ा जब अनुमति नहीं होने के चलते सीबीगंज स्थित इस्लामिक स्टडी सेंटर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इसके पीछे की वजह यह थी कि दरगाह का एक धड़ा श्री श्री रविशंकर के आने से नाराज था।

इस्लामिक यूनिवर्सिटी का गेट बंद
जानकारी के मुताबिक, श्री श्री रविशंकर यूनिवर्सिटी के गेट पर 15 मिनट तक खड़े रहे लेकिन उसके वाबजूद वह इस्लामिक यूनिवर्सिटी में प्रवेश नहीं पा सके। इस दौरान धर्मगुरु के साथ चल रहे लोगों के साथ यूनिवर्सिटी के लोगों की कहासुनी भी हुई। इसके बाद भी श्री श्री रविशंकर इस्लामिक यूनिवर्सिटी को देखे बिना वापस चले गए। इस्लामिक यूनिवर्सिटी के सचिव सलमान हसन कादरी ने बताया आमतौर पर वीआईपी आने की सूचना दी जाती है लेकिन श्री श्री रविशंकर के आने की सूचना नहीं मिली।

मदरसे का गेट मिला बंद
सलमान ने यह भी कहा कि मदरसे के गेट 12 बजे बंद हो जाते है और यदि कोई मेहमान आता है तो गेट पर इसकी जानकारी होती है। इसके बाद श्री श्री रविशंकर अलखनाथ मंदिर के दर्शन के लिए चले गए। श्री श्री रविशंकर को देर शाम बरेली के रूहेलखंड मेडिकल कॉलेज में एक सत्संग कार्यक्रम में भी भाग लेना है |

कोर्ट के बाहर अयोध्या मामले का समाधान हो: श्री श्री रविशंकर
राम मंदिर मुद्दे पर समझौते की पहल करने वाले आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर ने कहा है कि सीरिया वाला बयान देश में अमन कायम रहे इसी वजह से दिया। साथ ही श्री श्री रविशंकर ने कहा कि वह चाहते हैं कि दोनों पक्ष कोर्ट के बाहर अयोध्या मामले का समाधान निकाले। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी यह भी प्राथमिकता है देश में गंगा जमुना तहजीब भी बची रहे। आईएमसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना तौकीर रज़ा ने कहा कि वह श्री श्री रविशंकर के प्रयास की तारीफ करते है। मौलाना तौकीर ने भाजपा का नाम लिए बगैर कहा कि देश में कुछ लोग अयोध्या मसले का हल नहीं चाहते। वे लोग तो वह बिलकुल नहीं जो 200 से 282 तक पहुंचे है। रविशंकर ने बरेली के विश्व प्रसिद्ध दरगाह पहुंचकर सबसे पहले हाजरी दी उसके बाद आईएमसी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के घर अयोध्या के मुद्दे पर बातचीत की। यह बातचीत करीब 45 मिनट चली।

आर्ट ऑफ लिविंग ने दी सफाई
आर्ट ऑफ लिविंग की प्रवक्ता ने वनइंडिया से बातचीत में बताया कि श्री श्री रविशंकर को मदरसे में प्रवेश मिलने या न मिलने की कोई बात ही नहीं उठती, क्योंकि जिन मौलाना साहब से उन्हें मिलना था वे वहां नहीं थे। जिस वक्त रविशंकर मदरसा पहुंचे, उसी वक्त मौलाना साहब श्रीश्री से मिलने वहां पहुंच गये जहां वे ठहरे हुए थे। जैसे ही श्रीश्री को सूचना मिली, वे तुरंत मदरसे से लौट गये। लिहाजा मीडिया में फैली एंट्री नहीं मिलने की खबर पूरी तरह गलत है।












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