Iran-Israel War: ईरान के भीतर ‘जासूस नेटवर्क’ एक्टिव? इजरायल ने किए IRGC और बसीज चौकियों पर सटीक हमले
Iran-Israel War: इजरायल ने ईरान पर अपने हमलों का नया और खतरनाक चरण शुरू कर दिया है। अब वह जमीन पर मौजूद मुखबिरों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की चौकियों को सटीक निशाना बना रहा है। रॉयटर्स को दिए एक सूत्र ने यह जानकारी दी है।
यह रणनीति ईरान की विशेष बलों को कमजोर करने का स्पष्ट संकेत है। इजरायल अमेरिका के साथ मिलकर हवाई हमले भी जारी रखे हुए है।

इजरायल का लक्ष्य क्या है?
इजरायल का कहना है कि उसके युद्ध के उद्देश्य दो हैं:-
- 1. ईरान की सैन्य और परमाणु क्षमता को पूरी तरह नष्ट करना।
- 2. ईरानी लोगों के लिए ऐसी परिस्थितियां बनाना कि वे अपनी सरकार को उखाड़ फेंक सकें।
हालांकि, प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद कहा है कि दूसरा लक्ष्य 'अनिश्चित' है। फिलहाल, ईरान में कोई बड़ा संगठित विरोध नहीं दिख रहा और शासक भी सत्ता छोड़ने के किसी संकेत नहीं दे रहे।
12 मार्च को क्या हुआ?
इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने गुरुवार (12 मार्च ) को तेहरान में उन चौकियों पर हमला किया जिनका संचालन बसीज (Basij) द्वारा किया जाता था। बसीज IRGC के अधीन काम करने वाला अंशकालिक अर्धसैनिक बल है, जिसका इस्तेमाल अक्सर ईरान के अंदर विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए किया जाता है।
सूत्र (जिसने नाम न छापने की शर्त पर बात की) ने बताया कि तेहरान में जमीन पर मौजूद मुखबिरों ने इजरायल को तीन चौकियों के सटीक लोकेशन दिए थे। इन पर पिछले तीन दिनों में हमले किए गए। सूत्र ने यह पुष्टि नहीं की कि ये वही बसीज चौकियां थीं जिनका IDF ने जिक्र किया। यह खबर सबसे पहले वॉल स्ट्रीट जर्नल ने प्रकाशित की थी। इजरायल की सेना ने टिप्पणी के अनुरोध पर अभी कोई जवाब नहीं दिया है।
क्यों महत्वपूर्ण है यह रणनीति?
- IRGC और बसीज ईरान की रीढ़ हैं। इन पर हमला ईरान की आंतरिक सुरक्षा को सीधा नुकसान पहुंचाता है।
- मुखबिरों का इस्तेमाल दिखाता है कि इजरायल के पास ईरान के अंदर गहरी खुफिया नेटवर्क है।
- इससे पहले इजरायल हवाई हमलों पर निर्भर था, अब जमीन पर मुखबिरों के जरिए सटीक टारगेटिंग हो रही है।
ताजा घटना: ईरान की ओर से दागी मिसाइल इजरायल में गिरी
कुछ मिनट पहले मध्य इजरायल में एक मिसाइल गिरी, जो ईरान की ओर से दागी गई थी। यह दिखाता है कि ईरान भी जवाबी हमले जारी रखे हुए है। इजरायल की नई रणनीति - मुखबिरों से मिली जानकारी पर ईरानी चौकियों को निशाना बनाना - युद्ध को और गहरा बना रही है। IRGC और बसीज जैसे बलों पर हमले ईरान की सैन्य क्षमता को कमजोर करने के साथ-साथ आंतरिक स्थिरता को भी चुनौती दे रहे हैं।
हालांकि नेतन्याहू ने सत्ता परिवर्तन की संभावना को अनिश्चित बताया है, लेकिन ये हमले ईरान के अंदर असंतोष बढ़ा सकते हैं। दोनों तरफ से हमले जारी हैं और क्षेत्र में तनाव चरम पर है। भारत समेत पूरी दुनिया इस युद्ध पर नजर रखे हुए है, क्योंकि होर्मुज पर इसका सीधा असर ऊर्जा सप्लाई और कीमतों पर पड़ रहा है।












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