भारतीय किसान यूनियन की वो पांच बड़ी मांगें जो केंद्र और योगी सरकार की बढ़ा सकती है मुश्किलें
किसान आंदोलन ख़्तम होने के बावजूद भारतीय किसान यूनियन अपनी मांगों को लेकर आवाज़ें बुलंद कर रहा है।
उत्तर प्रदेश, 11 जून 2022। किसान आंदोलन ख़्तम होने के बावजूद भारतीय किसान यूनियन अपनी मांगों को लेकर आवाज़ें बुलंद कर रहा है। देश के हर राज्यों में किसान नेता राकेश टिकैत किसानों की हक के लिए पंचायतें कर रहे हैं। इसी कड़ी में आज (शनिवार) उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिला के अनूपशहर (मौजपुर गांव) में किसान-मजदूर महापंचायत का आयोजन किया गया। महापंचायत मे सरकारों द्वारा लंबित किसानों की अनेक समस्याओं पर चर्चा की गई। किसानों की पांच ऐसी मांगे हैं जो उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की मुश्किलें बढ़ा सकती है।

BKU ने सरकार पर लगाया वादाख़िलाफ़ी का आरोप
1. बुलंदशहर में हुई किसानों और मजदूरों की महापंचायत में शामिल किसानों ने उत्तर प्रदेश सरकार आरोप लगाते हुए कहा कि योगी सरकार ने अपने लोक संकल्प पत्र में किसानों को सिंचाई की बिजली मुफ्त देने का वादा किया था, लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार ने अभी तक वो वादा पूरा नहीं किया है।
2- महापंचया में कहा गया कि उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग द्वारा किसानों के नलकूपों पर बिजली मीटर लगाए जा रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन नलकूपों पर मीटर नहीं लगाने देगी। योगी सरकार इस मुद्दे पर विचार विमर्श करे।

एनजीटी के आदेशों पर रोक लगाने की मांग
3- भारतीय किसान यूनियन ने कहा कि भारत सरकार और एनजीटी ने 10 साल पुराने ट्रैक्टरों, जनरेटर, पंपिंग सेट जैसे अनेकों यंत्रों को बंद करने का फ़ैसला लिया है। इस कानून पर रोक लगनी चाहिए।
4- भारत सरकार द्वारा कुछ दिन पहले खरीफ फसलों की एमएसपी तय की गई है जो कि किसान की लागत से भी बहुत कम है। भारतीय किसान यूनियन सी 2 प्लस 50 की मांग करती है। इसके साथ ही बीकेयू ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने की भी मांग की है।

बड़ा आंदोलन करने की तैयारी में भारतीय किसान यूनियन
5- भारतीय किसान यूनियने साफ करते हुए कहा कि किसानों को एमएसपी पर गारंटी कानून मिलना चाहिए। इस बाबत भारत सरकार जल्द से जल्द एमएसपी गारंटी कानून लेकर आए। वहीं इन मांगों पर किसानों और मजदूरों का कहना है कि अगर सरकार हमारी मांगों को अमदेखा करती है तो एक बार फिर से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
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