केशव मौर्य ने इटावा में दलित के घर खाना खाकर की समाजवादियों का गढ़ भेदने की कोशिश
इटावा। डिप्टी सीएम केशव मौर्य रविवार को समाजवादियों के गढ़ इटावा पहुंचे। डिप्टी सीएम समाजवादियों का गढ़ तोड़ने के लिए राजनीतिक दांव भी खेले। उन्होंने कुनेरा गांव में दलित बांकेलाल दिवाकर के घर पर जमीन में बैठ कर खाना खाया और यह संदेश देने की कोशिश की कि भाजपा दलितों के साथ है। केशव प्रसाद मौर्य यहां सबसे पहले उस पीड़िता परिवार से मिले जिस परिवार की दो सगी बहनों की चार दिन पहले हत्या कर दी गई थी। बेटियों के पिता रामकिशोर शाक्य को उन्होंने 5-5 लाख की दो चेकें देकर सांत्वना दी। इसके बाद सिंचाई विभाग डाक बंगले में पार्टी के पदाधिकारियों से मिलकर हालचाल लिए। चुनिंदा कार्यकर्ताओं से ही मिलने पर आम कार्यकर्ताओं में नाराजगी रही।

अखिलेश की सफारी को केशव का इंतजार
350 हेक्टेयर में 324 करोड़ रुपए खर्च करके बनाए गए इटावा सफारी पार्क को अपने सुखद भविष्य के लिए वर्तमान सरकार की नजरें इनायत करने का इंतजार है। अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट पर सरकार बदलने के बाद एक पैसा भी खर्च नहीं किया गया है और इसका विकास रुक चुका है। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य आज सफारी भी जाएंगे। उनके सफारी दौरे से इसके भविष्य को लेकर उम्मीदें जागी हैं। एक वर्ष से सफारी के उद्घाटन की तैयारी चल रही हैं लेकिन अभी तक इसे पर्यटकों के लिए खोला नहीं जा सका है।
इटावा को सौगात देंगे
डिप्टी सीएम व लोक निर्माण मंत्री केशव प्रसाद मौर्य लोक निर्माण विभाग से बनवाई गईं 15 सड़कों के साथ 19 आंगनबाड़ी केन्द्रों का लोकार्पण करेंगे। जिले में वर्ष 2017-18 में जो सड़कें तैयार हुई हैं उन पर 3981.73 लाख रुपए खर्च किया गया है। इस दौरान सपा के पूर्व सांसद रघुराज शाक्य ने डिप्टी सीएम से डाक बगले में मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मुलाकात राजनैतिक नहीं व्यक्तिगत थी। कुरेदने पर बोले डिप्टी सीएम किसी दल का नहीं प्रदेश का होता है, कोई भी अपनी बात कहने के लिए मिल सकता है।
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