1000 लोगों के धर्म परिवर्तन करने वाले मौलानाओं के खिलाफ अब ED ने दर्ज किया केस, विदेशों से मिलती थी फंडिंग

1000 लोगों के धर्म परिवर्तन करने वाले मौलानाओं के खिलाफ अब ED ने दर्ज किया केस, विदेशों से मिलती थी फंडिंग

लखनऊ, 25 जून: उत्तर प्रदेश पुलिस की आतंकवाद निरोधी शाखा (एटीएस ) ने पिछले हफ्ते दो मुसलमान धर्मगुरुओं (मौलानाओं) के खिलाफ साजिश और धन का लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। यूपी एटीएस द्वारा गिरफ्तार किए गए मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी को दिल्ली के जामिया नगर इलाके से गिरफ्तार किया था। इनपर 1000 से अधिक लोगों के धर्म परिवर्तन कराने का आरोप हैं। अब इस पूरे मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने धर्म परिवर्तन रैकेट के खिलाफ धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया है। ईडी इस केस में दिल्ली के जामिया नगर के निवासी मुफ्ती काजी जहांगीर आलम कासमी और मोहम्मद उमर गौतम को मुख्य आरोपी बनाया है। वित्तीय जांच एजेंसी ईडी इस मामले में विदेशी फंडिंग और मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच करेगी।

पैसा-नौकरी का लालच देकर बनवा रहे थे मुसलमान

पैसा-नौकरी का लालच देकर बनवा रहे थे मुसलमान

उत्तर प्रदेश के एडीजी (लॉ एंड ऑर्डर) प्रशांत कुमार ने कहा है कि बीते एक सालों के भीतर इन दोनों मौलानाओं ने रैकेट के साथ मिलकर लगभग 350 लोगों का धर्मांतरण कराया है। वहीं इस रैकेट ने बीते 2 सालों में 1000 लोगों का धर्म परिवर्तन करवाया है। यूपी पुलिस का कहना है ये दोनों धर्मगुरु मूक-बधिर बच्चों, महिलाओं और कमजोर और गरीब लोगों को पैसा और नौकरी की लालच देकर मुसलमान बना रहे थे।

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से होती थी फंडिंग

पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से होती थी फंडिंग

पुलिस ने अपने बयान में कहा है कि इन मौलानाओं को इस काम के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और विदेशों से फंडिंग की जाती है। पुलिस का कहना है कि साजिश के तहत ये देश के सौहार्द को बिगाड़ने के लिए किया जा रहा था।

इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गैंगस्टर अधिनियम और राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (एनएसए) के तहत इस रैकेट के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। सीएम योगी ने इस रैकेट में शामिल लोगों के प्रॉपर्टी जब्त करने के भी आदेश दिए हैं।

एक गिरफ्तार मौलाना पैदाइश था हिंदू

एक गिरफ्तार मौलाना पैदाइश था हिंदू

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो गिरफ्तार मौलानाओं में से एक उमर गौतम पैदाइश हिंदू था। लेकिन साढ़े तीन दशक पहले 20 साल की उम्र उमर गौतम ने हिंदू धर्म को छोड़कर इस्लाम धर्म अपनाया था। इस्लाम धर्म को अपनाने के बाद उमर गौतम दिल्ली के जामिया नगर इलाके में दावा सेंटर चलाता था। जिसमें वह अन्य धर्मों को छोड़ इस्लाम अपनाने के लिए लोगों को प्रेरित करता था।

यूपी पुलिस का आरोप है कि उमर गौतम ने बड़ी संख्या में गैर मुसलमान महिलाओं का पहले धर्म परिवर्तन कराता था और फिर उनकी किसी मुसलमान से शादी करवा देता था। पुलिस ने कहा है कि उमर गौतम अपनी दावा सेंटर के जरिए विदेशों से फंडिंग लेता था।

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