EVM कांड पर चुनाव आयोग का बड़ा बयान, बिहार के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजा वाराणसी
नई दिल्ली, 09 मार्च: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनावों की मतगणना से पहले ईवीएम को लेकर भारी बवाल मचा हुआ है। इसी बीच चुनाव आयोग ने बुधवार शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। चुनाव आयोग ने कहा कि, मतगणना से पहले 130 पुलिस पर्यवेक्षक, 10 विशेष पर्यवेक्षकों की प्रतिनियुक्ति की गई है। ईवीएम को चौबीसों घंटे सीसीटीवी की निगरानी में थ्री लेयर सुरक्षा में रखा गया है। प्रत्येक ईवीएम का सीरियल नंबर राजनीतिक दलों के साथ साझा किया गया है।

चुनाव आयोग ने कहा कि, मतगणना प्रक्रिया की निगरानी के लिए दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी को मेरठ (उत्तर प्रदेश) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी बिहार को वाराणसी (उत्तर प्रदेश) में प्रतिनियुक्त किया गया है। पोस्टल बैलेट की वोटों की गिनती सुबह 8 बजे शुरू होगी और पूरी होने तक जारी रहेगी। बनारस में ट्रक में पकड़ी गई ईवीएम को लेकर आयोग ने कहा कि, ईवीएम से जुड़ी कुछ अफवाहें फैलाई गईं हैं जोकि गलत है। कार्रवाई की गई है। आयोग ने सीईओ यूपी को ऐसे अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
वरिष्ठ उप चुनाव आयुक्त चंद्र भूषण कुमार ने कहा कि, चुनाव आयोग ने किसी भी प्रकार के प्रोटोकॉल के उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई की है। चुनाव आयोग ने वाराणसी के एडीएम को किया निलंबित कर दिया है। बता दें कि, वाराणसी में ईवीएम की आवाजाही मामले में चुनाव आयोग ने कार्रवाई की है। चुनाव आयोग के निर्देश पर जिला निर्वाचन अधिकारी ने ईवीएम परिवहन में लापरवाही पर एडीएम नलिनी कांत सिंह को चुनाव कार्यों से हटा दिया है। एडीएम वित्त एवं राजस्व को ईवीएम प्रभारी बनाया गया है।
वहीं इस पूरे प्रकरण पर बनारस डीएम कौशल राज ने कहा कि, इस मामले में जिन अधिकारियों ने बिना मूवमेंट प्लान और बिना ज़िलाधिकारी और चुनाव कर्यालय को बताए ईवीएम को ले जाया गया था उन अधिकारियों पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई की और इनको सस्पेंड किया है। इन पर विभागिय कार्रवाई भी होगी। यह अधिकारी कल की ड्यूटी पर भी तैनात नहीं होंगे।












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