UP में किसान आंदोलन को काउंटर करेगी BJP, राकेश टिकैत की धार कुंद करने के लिए उतरेगी मंत्रियों की फौज
लखनऊ, 13 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पश्चिमी यूपी में किसान आंदोलन की धार को कुंद करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की प्रदेश ईकाई और योगी सरकार ने अपनी रणनीति तैयार कर ली है। सूत्रों के अनुसार भाजपा का फोकस पश्चिमी यूपी का जाट बेल्ट रहेगा और खासतौर से इन इलाकों में बड़ी पंचायतों की जगह खाट चबूतरों पर छोटी छोटी चौपालें करके किसानों को समझाने की कोशिश की जाएगी। बताया जा रहा है कि केंद्रीय नेतृत्व ने यूपी चुनाव में किसान आंदोलन के प्रभाव को जानने के लिए पार्टी के किसान नेताओं से मशविरा किया था और इससे निपटने के लिए रणनीति बनाई है।
Recommended Video

UP चुनाव को लेकर भाजपा किसान आंदोलन की वजह से जरा सा भी जोखिम नहीं लेना चाहती है। लिहाजा, UP में किसान आंदोलन के लिए काउंटर नीति बनकर तैयार हो गई है। किसान मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कामेश्वर सिंह ने वन इंडिया डॉट काम को बताया, '16 से 23 अगस्त तक हम गांवों में किसानों के साथ खाट और चबूतरों पर बैठक करेंगे। बड़ी चौपाल की जगह छोटी-छोटी चौपालें लगाई जाएंगी। किसानों की समस्याएं सुनकर उन्हें योगी सरकार तक पहुंचाया जाएगा, ताकि उनका समाधान निकल सके।'
कामेश्वर सिंह ने कहा कि किसानों के साथ संवाद के दौरान किसानों के मुद्दों से जुड़े यूपी के मंत्रियों के साथ ही यूपी के प्रदेश पदाधिकारी भी इन संवाद कार्यक्रमों में शिरकत करेंगे। योजना के अनुसार हर दिन एक विधानसभा में किसान जनसंवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा जिसमें करीब पांच से छह गांवों तक पदाधकारी पहुंचेंगे। कार्यक्रम में यूपी सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, पंचायती राजमंत्री उपेंद्र तिवारी, गन्ना विकास मंत्री सुरेश राणा, केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान समेत कई मंत्री शामिल होंगे। खासतौर से इसमें उन मंत्रियों को शामिल किया जाएगा जिनके विभाग किसानों से संबंधित हैं।
टिकैत के मंसूबों पर पानी फेरने की कोशिश
भाजपा इन किसान चौपालों के जरिए किसान आंदोलन के असर को टटोलने की भी कोशिश करेगी, ताकि इस असर को बेअसर करने की रणनीति बनाई जा सके। 16 से 25 अगस्त तक UP की 104 विधानसभा सीटों के तहत आने वाले गांवों में भाजपा का किसान मोर्चा चौपाल लगाएगा। मोर्चा केवल आयोजक है, लेकिन इसमें किसानों से सीधा संवाद का काम भाजपा के किसान नेता करेंगे।
बड़ी पंचायत के बजाए खाट चबूतरों की चौपाल को मिलेगी तरजीह
बड़ी चौपाल की जगह खाट और चबूतरों पर छोटी चौपाल को तरजीह दी जाएगी। इसकी वजह है कि पार्टी किसानों से सीधा संवाद करना चाहती है। उत्तर प्रदेश भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने किसान मोर्चा को यह सुझाव दिया है कि वह किसानों के छोटे-छोटे समूहों तक पहुंचे और सरकार तक उनकी बात पहुंचाए। किसानों की समस्याएं सुनने के साथ, किसानों के लिए UP सरकार द्वारा किए गए कामकाज का ब्यौरा दिया जाएगा।
किसानों की समस्याओं को लेकर दस्तावेज तैयार किया जाएगा
बीजेपी सूत्रों के अनुसार, 25 से 30 सितंबर तक किसानों की सभी मांगों और समस्याओं को इकट्ठा कर एक दस्तावेज तैयार किया जाएगा। इस दस्तावेज को ग्रामीण किसानों का एक प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपेगा। यह प्रतिनिधि मंडल 150 से 200 किसानों का होगा। किसान मोर्चा को योगी सरकार ने पहले यह आश्वासन दे दिया है कि वह इन सभी समस्याओं का समाधान 10 सितंबर तक कर देगी। इस चौपाल का असल मकसद गांवों में भाजपा के लिए लोगों का दिल टटोलना है, ताकि चुनाव से पहले पार्टी इस वर्ग की किसी भी किस्म की नाराजगी दूर कर दे।












Click it and Unblock the Notifications