2024 से पहले UP में मुस्लिम समुदाय का भरोसा जीतने का ये रहा BJP का गेम प्लान
लखनऊ, 10 सितंबर: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में शानदार जीत हासिल करने के बाद बीजेपी को हाल ही में सम्पन्न हुए उपचुनाव में भी जीत मिली थी। बीजेपी ने रामपुर और आजमगढ़ की सीटें जीतने में कामयाबी हासिल की थी। सपा के गढ़ में मिली इस जीत से बीजेपी काफी उत्साहित है। सूत्रों की माने तो बीजेपी के रणनीतिकारों को लगता है कि यूपी के मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी सुविधाओं को बढ़ावा देकर मुस्लिम समुदाय का भरोसा जीता जा सकता है। इसी रणनीति को अंजाम देने के लिए बीजेपी ने अब मुस्लिम बाहुल्य वाले इलाकों में विकास की परियाजनाओं पर फोकस करने का प्लान तैयार किया है।

अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंचेगी बीजेपी
बीजेपी के एक पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने अल्पसंख्यक समुदाय तक पहुंचने के अपने प्रयासों को तेज कर दिया है। आम चुनाव से पहले यह बीजेपी की रणनीति का ही एक हिस्सा है जिसके तहत मुस्लिम आबादी वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित बुनियादी ढांचा विकास परियोजनाओं को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। दरअसल, हाल ही में दो लोकसभा सीटों (रामपुर और आजमगढ़) के उपचुनावों में भाजपा की जीत ने पार्टी के विश्वास में और इजाफा किया है।

इन 6 जिलों में बुनियादा ढांचा मजबूत करने की कवायद
राज्य सरकार ने केंद्र की मदद से रामपुर, सहारनपुर, अमरोहा, बुलंदशहर, हापुड़ और गाजीपुर जैसे जिलों में स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित परियोजनाओं की स्थापना के लिए धन आवंटित किया है। इन सभी जिलों में मुस्लिम आबादी अधिक है। रामपुर जिले के स्वार में एक चिकित्सा सुविधा स्थापित की जाएगी जबकि बुलंदशहर और सहारनपुर में 100 बिस्तरों का छात्रावास और हापुड़ में एक चिकित्सा सुविधा केंद्र बनाया जाएगा। कुछ अन्य जिलों में भी बालिका छात्रावास एवं अन्य सुविधाएं स्थापित करने का प्रस्ताव है।

मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में चल रही विकास परियोजनाएं
बीजेपी के एक पदाधिकारी कहते हैं कि, ''मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में विकास परियोजनाएं 2014 से चल रही हैं। सरकार की इस पहल से आने वाले समय में मदद मिलेगी। बीजेपी सरकार में मुस्लिम समुदाय का उत्थान लगातार हो रहा है। राज्य की लगभग 18% आबादी वाले समुदाय को केंद्र और राज्य सरकारों की सामाजिक सुरक्षा योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, मुद्रा ऋण और मुफ्त राशन योजना में 30 प्रतिशत से अधिक का हिस्सा मिलता है।'' .

मुस्लिम समुदाय तक पहुंचने की बीजेपी की एक नई कोशिश
दरअसल हाल के दिनों में, भाजपा ने मुस्लिम समुदाय तक पहुंचने का एक नई कोशिश शुरू की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अपने भाषण में पसमांदा (पिछड़े) मुसलमानों तक पहुंचने की आवश्यकता पर जोर दिया है। पार्टी की पहुंच से पता चलता है कि वह मुस्लिम समुदाय में भी पैठ बनाना चाहती है, जिन्हें परंपरागत रूप से राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण राज्य में अपने प्रतिद्वंद्वी दलों का वोट बैंक माना जाता है।

मुस्लिम समुदाय का भरोसा जीतने की कवायद
उल्लेखनीय है कि 2022 के यूपी विधानसभा चुनावों में सफलता के बाद भाजपा ने दानिश आजाद अंसारी को आदित्यनाथ सरकार में अल्पसंख्यक राज्य मंत्री और बुनकर समुदाय से संबंधित चौधरी काफिल-उल-वारा को उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी के अध्यक्ष नियुक्त किया था। दानिश पसमांदा समाज से ही आते हैं जिसको लेकर बीजेपी अपनी रणानीति के तहत आगे बढ़ रही है। बीजेपी के नेताओं का है कि मुस्लिम समुदाय को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र और राज्य सरकारों के विकास और कल्याण कार्यक्रमों का बड़ा हिस्सा मिलता है। सरकार की इस पहल से इस समुदाय का भरोसा जीतने में मदद मिलेगी।












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