महाराष्ट्र में रह रहे UP के लोगों को चुनाव में भुनाने की कोशिश, डाटाबेस तैयार कर घर घर पहुंचेगी BJP

लखनऊ, 4 अगस्त: उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने घर-घर में पैठ बनाने की अपनी कवायद तेज कर दी है। बीजेपी इसके लिए एक मास्टर प्लान तैयार किया है जिसके तहत यूपी से बाहर रह रहे लोगों को योगी सरकार से जुड़े उन मुद्दों को बताएगी जो यूपी अस्मिता से जुड़े हो और सरकार को सूट करते हैं। बीजेपी के नेताओं का दावा है की यूपी से बाहर बहुत बड़ी संख्या में लोग रह रहे हैं। ऐसे लोगों का एक डाटाबेस तैयार किया जाएगा और इसका इस्तेमाल अगले विधानसभा चुनाव के दौरान घर घर पहुंचने में किया जाएगा।

महाराष्ट्र के अलावा बीजेपी शासित राज्यों को भी दी गई जिम्मेदारी

महाराष्ट्र के अलावा बीजेपी शासित राज्यों को भी दी गई जिम्मेदारी

भाजपा के एक प्रदेश महासचिव ने बताया कि बीजेपी आलाकमान ने बीजेपी शासित राज्यों में काम कर रहे हैं संगठनों को उसकी जिम्मेदारी सौंपी है। योजना के मुताबिक यूपी से बाहर रह रहे लोगों का एक डेटाबेस तैयार होगा और उनसे एक फार्म भरवाया जाएगा जिसमें उनकी सारी डिटेल होगी जिसके माध्यम से बीजेपी उन घरों तक भी पहुंचने में कामयाब होगी जहां आज तक वह नहीं पहुंच पाई है। इसके लिए शुरुआती दौर में उन राज्यों का चयन किया गया है जहां पर यूपी के लोगों की संख्या ज्यादा है।

महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय मोर्चा के पास इसकी कमान

महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय मोर्चा के पास इसकी कमान

वह कहते हैं कि, ''सबसे पहले या जिम्मेदारी महाराष्ट्र को सौंपी गई है जहां उत्तर भारतीय मोर्चा अपने स्तर पर एक डेटाबेस तैयार कर रहा है। पार्टी को ऐसा लग रहा है कि जो लोग यूपी से बाहर आ रहे हैं और इसे कारण बस चुनाव में शामिल नहीं हो पाते हैं लेकिन उनके परिवार और रिश्तेदार यूपी में रह रहे हैं उन के माध्यम से उन घरों तक आसानी से पहुंचा जा सकता है और सरकार की छवि को भी दुरुस्त किया जा सकता है। महाराष्ट्र के बाद गुजरात में भी इसी तरह का अभियान संगठन से जुड़े अनुषांगिक संगठनों द्वारा चलाया जाएगा और उन परिवारों को यूपी अस्मिता से जुड़े के बारे में बताया जाएगा।''

लोकसभा चुनाव के दौरान अप्रवासियों को भुनाया गया था

लोकसभा चुनाव के दौरान अप्रवासियों को भुनाया गया था

बीजेपी के सूत्रों की माने तो यूपी से बाहर आ रह रहे है लोगों तक पहुंचने का अभियान चुनावी तैयारियों का ही एक हिस्सा है जिसके लिए अलग-अलग लोगों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई है। महाराष्ट्र में बीजेपी के संगठन से जुड़े उत्तर भारतीय मोर्चा एक प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में सीएम योगी आदित्यनाथ से इस संदर्भ में मुलाकात की थी। योगी के अलावा इस प्रतिनिधिमंडल ने संगठन के चीफ स्वतंत्र देव सिंह से मुलाकात कर अपने बातें रखी थी और महाराष्ट्र में चलाया जा रहा है इस अभियान में सहायता करने का अनुरोध किया था।

यूपी के रहने वालों का तैयार हो रहा है डाटाबेस

यूपी के रहने वालों का तैयार हो रहा है डाटाबेस

उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष संजय पांडे ने बताया कि, "मोर्चा को एक असाइनमेंट मिला है जिसके तहत वह काम कर रहा है। शुरुआती दौर में हम उत्तर प्रदेश के रहने वाले लोगों का डेटाबेस तैयार कर रहे हैं। इसके साथ लोगों से एक गूगल फॉर्म भी भरवाया जा रहा है जिसमें महाराष्ट्र में रह रहे यूपी को लोगों को अपने जिले तहसील और गांव के बारे में और परिवार के बारे में जानकारी मांगी जाएगी। ऐसे परिवारों का आंकड़ा तैयार करने के बाद या जानकारी की जाएगी कि इनमें से कितने लोग चुनाव के दौरान अपने गांव जाने के लिए तैयार हैं। अभियान शुरू किया जा चुका है और काफी लोग आगे आकर इसमें अपना सहयोग दे रहे हैं।"

यूपी अस्मिता से जुड़े मुद्दों को भी बता जायेगा

यूपी अस्मिता से जुड़े मुद्दों को भी बता जायेगा

भाजपा के सूत्रों का दावा है यूपी से बाहर विभिन्न राज्यों में रह रहे हैं यूपी के लोगों को योगी सरकार के उन कामों के बारे में बताया जाएगा जो उनसे जुड़े हुए हैं। कोरोना महामारी के दौरान योगी सरकार ने यूपी के लोगों को बाहर से लाने के लिए बसों और ट्रेनों का इंतजाम किया था। इन सरकारी सुविधाओं की मदद से लाखों लोग यूपी में अपने घरों तक पहुंचने में सफल रहे थे। संगठन के नेताओं को उम्मीद है कि सरकार द्वारा किए गए इन कामों की मदद से यूपी से बाहर रह रहे लोगों को संगठन से जोड़ा जा सकता है और उनका लाभ चुनाव में मिल सकता है।

लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने आजमाया था यह दांव

लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी ने आजमाया था यह दांव

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान प्रधानमंत्री मोदी बनारस से चुनाव लड़कर चुनाव जीते थे। चुनाव से ठीक पहले मोदी ने यही तरीका अख्तियार किया था। मोदी ने बनारस से बाहर रहने वाले सारे गुजरातियों चाहे वह देश में हो या विदेश में उसे बनारस आकर उनके लिए प्रचार करने का जिम्मा सौंपा था। चुनाव से पहले बड़ी संख्या में गुजराती समुदाय के लोगों ने बनारस में पहुंचकर अपने अपने तरीके से मोदी का प्रचार किया था। मोदी का प्रचार करने वालों में हर वर्ग के गुजराती शामिल थे। मोदी को इसका काफी लाभ मिला था और वह बड़े अंतर से बनारस में चुनाव जीतने में सफल हुए थे।

यह भी पढ़ें: शिक्षा विभाग में बड़े पैमाने पर आ रही हैं भर्तियां, विधानसभा चुनाव से पहले योगी ने जारी किए निर्देश

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+