इमरजेंसी में जेल गए लोकतंत्र सेनानियों का परिचय पत्र भी हुआ भगवा

इलाहाबाद। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के सत्तारूढ़ होने के बाद भगवाकरण का जो दौर चल रहा है उसकी नई कड़ी में अब लोकतंत्र सेनानियों का परिचय पत्र भी जुड़ गया है। लोकतंत्र सेनानियों के परिचय पत्र का रंग अब भगवा कर दिया गया है। उत्तर प्रदेश में लगभग 6000 लोकतंत्र सेनानी है, जिसमें इलाहाबाद के 125 लोग भी शामिल हैं। देश में इमरजेंसी के दौरान जेल में बंद रहे लोगों को 2005 में सूबे की मुलायम सिंह यादव सरकार ने लोकतंत्र सेनानी घोषित किया और 500 रुपये की सहायता राशि के साथ उनका गहरे लाल रंग का परिचय पत्र भी बनवाया था। अब उसी लाल रंग के परिचय पत्र को योगी सरकार ने भगवा रंग का कर दिया है, जिसे एक बार फिर सपा-भाजपा के बीच राजनैतिक रार शुरू हो गई है।

Bhagwa colour of identity card of Loktantra Senani in Uttar Pradesh

सेनानी बोले, यह सही नहीं
इलाहाबाद में लोकतंत्र सेनानी के सदस्य के के श्रीवास्तव ने कहा कि इमरजेंसी में समाजवादी विचारधारा के साथ जेल गये लोगों का भगवाकरण किया जा रहा है, यह सही नहीं है। जब सरकार कोई नई सुविधा नहीं दे रही है तो आखिर नए कार्ड क्यों बनाए जा रहे हैं और कार्ड का रंग क्यों बदला जा रहा है। हलांकि भगवाकरण के कार्ड बनने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और कार्ड जल्द ही एक कार्यक्रम के माध्यम से वितरित किये जायेंगे। बता दें कि कुछ दिन पहले ही सभी लोकतंत्र रक्षक सेनानियों से 4 फोटो पहचान पत्र की प्रति मांगी गई थी जिसके बाद राज्य स्तर पर नंबरिंग तथा कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरु की गई थी। इलाहाबाद सहित प्रदेश के सभी जिलों को भगवा रंग के परिचय पत्रों का प्रारूप भेजा गया था जिसमें लोकतंत्र रक्षक सेनानियों का पूरा ब्यौरा भरकर व रंगीन फोटो लगाकर लखनऊ भेजा गया है।

प्रशासन ने कहा सुविधा बढ़ेगी
इस बाबत जब प्रशासनिक अधिकारियों से बात की गई तो उनका कहना था कि लोकतंत्र सेनानियों के परिचय पत्र पहले जिला स्तर पर बनाए जाते थे लेकिन अब यह प्रदेश स्तर पर बनेंगे क्योंकि लोकतंत्र सेनानियों की सुविधाएं भी बढ़ाई जानी है। फिलहाल जो प्रारूप उपलब्ध कराया गया था उसके अनुसार लोकतंत्र सेनानियों की जानकारी व फोटो भेज दी गई है। अब नए आई कार्ड जारी होंगे और वह सेनानियों को वितरित किए जाएंगे ।

क्या मिल रही है सुविधा
2005 में जब मुलायम सिंह सरकार ने लोकतंत्र सेनानियों को सुविधा का ऐलान किया था तब उन्हें ₹500 मासिक सहायता मिलती थी। बाद में यह सहायता राशि ₹3000 कर दी गई। अखिलेश यादव जब सूबे की सत्ता में आए तो उन्होंने इस राशि को बढ़ा कर सीधे ₹15000 कर दिया। सहायता राशि के साथ लोकतंत्र सेनानियों को एक सहयोगी के साथ परिवहन निगम की बसों से नि:शुल्क यात्रा करने की सुविधा भी मिली हुई है।

इलाहाबाद के प्रमुख लोकतंत्र सेनानी
1- पूर्व केन्द्रीय मंत्री डॉ. मुरली मनोहर जोशी
2 - पूर्व केन्द्रीय मंत्री सत्यप्रकाश मालवीय
3 - पूर्व विधायक गामा पांडेय
4 - बीबीसी के पत्रकार रामदत्त त्रिपाठी
5 - इविवि के संस्कृत विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर शास्त्री
6 - इविवि छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मी शंकर ओझा
7 - इविवि छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष रामाधीन सिंह
8 - भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नरेन्द्र देव पांडेय
9 - कर्मचारी नेता कृपाशंकर श्रीवास्तव
10 - वरिष्ठ अधिवक्ता राम अभिलाष सिंह
11 - सपा के पूर्व नगर अध्यक्ष केके श्रीवास्तव

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