महिला पत्रकार के साथ गैंगरेप, 5 दिन तक FIR लिखाने को भटकता रहा पत्रकार पति
बाराबंकी। योगी आदित्यनाथ के राज में बलात्कार के मामले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। इसे कानून व्यवस्था की लाचारी कहेंगे या फिर सरकार की नाकामी कि उन्नाव गैंगरेप जैसा वीभत्स मामला सामने आने के के बाद भी सरकार संवेदनशून्य ही रही। इस बार बलात्कार प्रदेश की किसी आम बेटी के साथ नहीं बल्कि लोकतंत्र के सजह प्रहरी कहे जाने वाले पत्रकार (महिला पत्रकार) के साथ हुई है। मामला बाराबंकी का है जहां महिला पत्रकार से रेप के बाद उसे न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ा। 5 दिन से उसकी कोई रिपोर्ट नहीं लिखी गई। घटना 12 अप्रैव की बताई जा रही है। महिला का पति भी पेशे से पत्रकार है। वह भी इस मामले में कार्रवाई को लेकर दर-दर भटकता रहा।

मामला बाराबंकी का है, पीड़िता का आरोप है कि 12 अप्रैल को वह बाराबंकी गई थी। वापस लौटते वक्त वह सफेदाबाद होकर गांव जा रही थी। रास्ते में उसे सफेदाबाद के रहने वाले तीन लोगों ने उन्हें अकेला पाकर तमंचे के बल पर बारी-बारी से बलात्कार किया। वारदात के बाद आरोपी उसकी सोने की चेन और करीब 1350 रुपए लेकर फरार हो गए। घर पहुंचकर महिला ने परिजनों को इस बारे में बताया। 14 अप्रैल को उसने पुलिस समेत सूबे के सीएम को इस संबंध में कार्रवाई के लिए प्रार्थना पत्र भेजा। मगर तीन दिनों तक उसे स्वीकार नहीं किया गया। 5 दिन तक दर-दर की ठोकरें खाने के बाद बड़ी मुश्किल से महिला की एफआईआर दर्ज की गई।
बता दें कि पीड़िता के पति ने महिला पत्रकार के साथ मिलकर इस घटना के कुछ दिनों पहले बाराबंकी के पूर्व एसपी का स्टिंग ऑपरेशन किया था, जिसमें उन पर गंभीर आरोप लगे थे। महिला पत्रकार के पति ने बाराबांकी के पूर्व एसपी अनिल कुमार सिंह का स्टिंग ऑपरेशन किया था। यही वजह है कि उसे पूर्व में सलाखों के पीछे भी जाना पड़ा था। बाराबंकी के पूर्व एसपी के खिलाफ एक कॉन्स्टेबल ने तकरीबन आठ लाख रुपए लेकर स्थानीय थानों में पुलिसकर्मियों की पोस्टिंग कराने का आरोप लगाया था। स्टिंग चलवाने के बाद आरोपी एसपी को जेल जाना पड़ा था। साथ ही, पत्रकार पति के भाई को भी जेल जाना पड़ा था। पीड़िता का पति फिलहाल जमानत पर बाहर है, जबकि उसका भाई जेल में है। पुलिस ने जानकारी पर गैंगरेप का मामला दर्ज कर लिया है।
ये भी पढ़ें- दूध लाने में देरी हुई तो एसपी क्राइम ने लिख दी सिपाही की रपट, ऑडियो वायरल












Click it and Unblock the Notifications