Baghpat Mahapanchayat में बेटियों की सुरक्षा के लिए नया कदम: शादी में सोना-चांदी नहीं, तलवार या कट्टा जरूरी
Baghpat Mahapanchayat: बागपत के गौरीपुर मितली गांव में ठाकुर समाज की केसरिया महापंचायत में बेटियों की सुरक्षा चर्चा का मुख्य विषय रही। समाज के वरिष्ठ सदस्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के अध्यक्ष ठाकुर कुंवर अजय प्रताप सिंह ने बेटियों को आत्मरक्षा में सक्षम बनाने का अनोखा प्रस्ताव रखा।
अध्यक्ष ने कहा कि समाज अब पुरानी परंपराओं को भूलता जा रहा है। पहले कन्यादान के समय बेटियों को आत्मरक्षा के लिए हथियार दिए जाते थे। अब केवल सोना, चांदी और नकदी का प्रावधान होता है, जो उनकी सुरक्षा में कोई मदद नहीं कर सकता।

कुंवर अजय प्रताप सिंह ने स्पष्ट कहा, अगर बेटी सोना पहनकर बाजार जाएगी तो लूट की संभावना है। इसलिए बेटियों को सोना-चांदी देने के बजाय तलवार, कटार या रिवॉल्वर जैसी सुरक्षा दी जानी चाहिए। रिवॉल्वर महंगी हो तो कम से कम कट्टा दें।
बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने का आह्वान
अध्यक्ष ने यह कहा कि बेटियों को भी उतना ही सशक्त और आत्मरक्षा में सक्षम बनाना आवश्यक है जितना बेटों को बनाया जाता है। उन्होंने समाज से अनुरोध किया कि बेटियों को सुरक्षा प्रशिक्षण दिया जाए और उन्हें आधुनिक सुरक्षा साधनों से लैस किया जाए।
महापंचायत में विभिन्न जिलों से आए लोगों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया। उपस्थित लोग इसे समय की मांग बताते हुए बोले कि बेटियों की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाना आज की जरूरत है।
समाज में बदलाव की आवश्यकता
सभा में यह भी चर्चा हुई कि बेटियों को केवल विवाह योग्य और सुंदर बनाना पर्याप्त नहीं। उन्हें आत्मनिर्भर और समाज में सशक्त बनाने की जरूरत है। ऐसे कदम उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएंगे और समाज में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
कुंवर अजय प्रताप सिंह ने कहा कि बेटियों को आत्मरक्षा की ट्रेनिंग देने से उनकी स्वतंत्रता बढ़ेगी। यह कदम समाज में जागरूकता फैलाने और बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बेहद जरूरी है।
पंचायत में उपस्थित लोगों ने प्रस्ताव को सराहा। उन्होंने कहा कि बेटियों की सुरक्षा अब समाज की प्राथमिकता बननी चाहिए। इस पहल से बेटियों को आत्मरक्षा और सुरक्षा के आधुनिक साधनों से लैस करने का मार्ग मिलेगा।












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