यूपी चुनावी दंगल: गाजीपुर की मोहम्मदाबाद सीट पर अंसारी परिवार को चुनौती देंगे मास्टर साहब
जहां एक तरफ बाहुबली परिवार की दावेदारी है, वहीं एक इंटर कॉलेज के मास्टर भी मैदान में अपनी ताल ठोकने को तैयार हो चुके हैं।
गाजीपुर। विधानसभा चुनाव में 2017 का परिणाम काफी रोचक आने वाला है। और हो भी क्यों ना इस बार के चुनाव में अब तक काफी उतार चढ़ाव देखने को मिला है। कइयों ने अपने पाले बदले तो कइयों के पाले बदलने के बाद भाग्य भी खुल गए। यही नहीं, इस कारण राजनीतिक पार्टियों को अपने ही समर्थकों की नाराजगी भी झेलनी पर रही है। इसी कड़ी में गाजीपुर के मोहम्मदाबाद विधानसभा पर मुकाबला भी आप को हैरान कर देने वाला दिखाई देने वाला है। जहां एक तरफ बाहुबली परिवार की दावेदारी है, वहीं एक इंटर कॉलेज के मास्टर भी मैदान में अपनी ताल ठोकने को तैयार हो चुके हैं। तो आज जानिए क्यों है सूबे की इस विधानसभा सीट पर सबकी निगाह और क्यों खास है अंसारी परिवार के लिए ये सीट। खास बात यह है कि इस सीट पर अब एक मास्टर साहब को कांग्रेस ने उम्मीदवार घोषित किया है।

क्या खास है गाजीपुर की मोहम्मदाबाद विधानसभा सीट में
गाजीपुर जिले की मोहम्मदाबाद सीट मुख्तार अंसारी के परिवार के लिए साख की बात है। इस सीट पर मुख्तार अंसारी के बड़े भाई सिबगतुल्लाह अंसारी विधायक हैं। ये बात अलग है कि जब बृजेश सिंह के बीजेपी नेता कृष्णानंद राय के चुनाव अभियान का समर्थन किए जाने के बाद राय ने 2002 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में मोहम्मदाबाद से मुख्तार अंसारी के भाई अफजाल अंसारी को हराया था। पर समय बदलता गया और हालात बदलते गए। फिर 2009 में मायावती ने अंसारी परिवार को न सिर्फ मसीहा बताया, बल्कि मुख्तार अंसारी को लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी बनाया। कुछ ही समय के बाद बसपा से भी रिश्तों में खटास आ गई और तीनों भाईयों ने मिलकर 2010 में कौमी एकता दल पार्टी का गठन किया और चुनाव भी जीते। अब जब सपा में विलय में नहीं हो पाया और ये अब बसपा के साथ हैं और अब बसपा का दामन पकड़ कर अन्सारी परिवार मऊ और गाजीपुर जिले के साथ पूर्वांचल पर अपना धाक जमाना चाहता है। इस पर सपा ने तो अपना उम्मीदवार नहीं खड़ा किया, हां ये सीट कांग्रेस की झोली में जरूर डाल दी।












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